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सर्वे- बलिया के ये दो विधायक सबसे कम संपत्ति वाली लिस्ट में शामिल

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इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म (ADR) ने उत्तर प्रदेश के विधायकों की संपत्ति और आपराधिक इतिहास को लेकर एक विश्लेषण किया है। यह विश्लेषण उम्मीदवारों द्वारा चुनाव आयोग को दिए गए विवरण के आधार पर किया गया है। इलेक्शन वॉच और एडीआर ने उत्तर प्रदेश के दस ऐसे विधायकों की सूची भी जारी की है जिनके पास सबसे कम संपत्ति है। सूबे में सबसे कम संपत्ति वाले दस विधायकों की सूची में दो नाम बलिया जिले से भी हैं। बलिया के बेल्थरा रोड विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक धनंजय कन्नौजिया का नाम इस सूची में शूमार है।

दूसरा नाम भी उन्हीं की पार्टी के बलिया सदर से विधायक आनंद स्वरूप शुक्ला का है। धनंजय कन्नौजिया इस सूची में दूसरे पायदान पर है। तो वहीं आनंद स्वरूप शुक्ला का नाम आठवें स्थान पर है। इलेक्शन वॉच और एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक बेल्थरा रोड के विधायक धनंजय कन्नौजिया के पास कुल 3 लाख 77 हजार की संपत्ति है। तीन लाख से अधिक की यह संपत्ति चल है। रिपोर्ट के मुताबिक धनंजय कन्नौजिया के पास अचल संपत्ति शून्य है।

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वहीं भाजपा के बलिया सदर से विधायक आनंद स्वरूप शुक्ला के पास 10 लाख 81 हजार की कुल संपत्ति है। यह पूरा मूल्य आनंद स्वरूप शुक्ला के चल संपत्ति का है। हालांकि इलेक्शन वॉच और एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार आनंद स्वरूप शुक्ला ने अपने शपथ पत्र में कुल संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया है।

इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म ने 2017 के विधानसभा चुनाव और उसके बाद विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के में उम्मीदवारों द्वारा निर्वाचन आयोग को दिए गए शपथ पत्र के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश के सबसे कम संपत्ति वाले विधायक कांग्रेस पार्टी के अजय कुमार लल्लू हैं। अजय कुमार लल्लू कुशीनगर जिले के तमकुही राज विधानसभा सीट से विधायक हैं। उनके पास बेल्थरा रोड के विधायक धनंजय कन्नौजिया के मुकाबले लगभग चालीस हजार कम की संपत्ति है।

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क्रिप्टो करेंसी के खतरे पर राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने सरकार से बेहद जरूरी सवाल पूछा!

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नई दिल्ली। दुनिया भर में क्रिप्टो करेंसी को लेकर बहस चल रही है। भारत में भी आजकल क्रिप्टो पर खूब चर्चा हो रही है। लोग जमकर इसमें निवेश कर रहे हैं। लेकिन बताया जा रहा है कि क्रिप्टो में निवेश करना लोगों के लिए घाटे का सौदा हो सकता है। इससे बचने की सलाह भी दी जा रही है। इसी बीच मंगलवार यानी आज बलिया जिले से राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने राज्यसभा में इस मुद्दे पर अपनी ही भारतीय जनता पार्टी की सरकार से सवाल पूछा है।

नीरज शेखर ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान प्रश्नकाल में क्रिप्टो करेंसी को लेकर भारत सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से दो सवाल पूछे। नीरज शेखर ने सवाल किया कि “सभी लोग बात कर रहे हैं कि बिल आने वाला है। लेकिन क्रिप्टो करेंसी यानी बिटकॉइन जो शुरू हुआ था एक डॉलर से और आज साठ हजार डॉलर उसका मूल्य है। एक अनुमान लगाया गया है कि भारत में करोड़ों लोगों ने इसमें निवेश किया है। लाखों-करोड़ रुपया इसमें चला गया है। क्या भारत सरकार उन लोगों को बताने की कोशिश कर रही है कि ये अभी सुरक्षित नहीं है? ये ऐसा पैसा लगा रहे हैं जिसमें आगे उनका नुकसान हो सकता है। हमारा वित्त मंत्रालय इस मामले में क्या कर रहा है?”

राज्यसभा में सांसद नीरज शेखर के इस सवाल का जवाब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिया। निर्मला सीतारमण ने कहा कि “हां, बिल आएगी। लेकिन सेबी व आरबीआई के जरिए और एक बार भारत सरकार की ओर से बयान जारी कर यह बताने की कोशिश की गई है कि यह एक रिस्की क्षेत्र है। जो लोग इस ओर जा रहे हैं सचेत रहना चाहिए कि वो क्या कर रहे हैं।” वित्त मंत्री ने बताया कि “यह भी कहा गया है कि ये एक ऐसा क्षेत्र है जो अभी रेगुलेटरी फ्रेम में नहीं है। हमारी ओर से अलर्ट जारी किया जा चुका है कि यह अभी एक हाई रिस्की क्षेत्र है।”

इसके बाद राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने क्रिप्टो करेंसी को लेकर ही एक और सवाल पूछा। नीरज शेखर ने कहा कि “आप कहीं भी इंटरनेट पर कोई वेबसाइट खोलिए तो क्रिप्टो करेंसी के विज्ञापन बहुत आ रहे हैं। हमारे नौजवान साथी इसमें पैसा खूब लगा रहे हैं। तो क्या जब तक बिल आएगा तब तक के लिए इन विज्ञापनों को बंद करने का कोई उपाय हो सकता है?”

इंटरनेट पर क्रिप्टो करेंसी के विज्ञापन पर रोक लगाने के सवाल पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि “विज्ञापन को बंद करने का कोई उपाय अभी तक नहीं है। लेकिन युवाओं को इस बार में सावधान करने का और इसके रिस्क को लेकर ध्यान दिलाने के लिए सरकार के द्वारा कदम उठाया जा रहा है। सेबी और आरबीआई के द्वारा भी जागरुकता के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। मगर अब हम इस कगार पर पहुंच चुके हैं कि इस पर हमारा जल्दी आने वाला है।”

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बलिया के इन तीन नेताओं ने भाजपा में शामिल हो कर सबको चौकाया !

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भाजपा में शामिल होने के बाद छट्ठू राम, अजय कुमार और शैलेंद्र सिंह पप्पू

उत्तर प्रदेश विधानसभा 2022 के चुनाव का रंग अब चढ़ने लगा है। प्रदेश भर से नेताओं के दल बदलने की खबरें आने लगी हैं। मंगलवार को बलिया से भी तीन नेताओं ने अपनी पार्टी में परिवर्तन कर लिया है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस से एक-एक नेता और एक समाजसेवी ने आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है।

बलिया से बसपा से निष्कासित नेता छट्ठू राम ने आज भाजपा की सदस्यता ले ली है। छट्ठू राम ने 2012 में बलिया के बेल्थरा रोड सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उन्हें लगभग 47 हजार वोट भी मिले थे।

बलिया नगर पालिका के अध्यक्ष अजय कुमार भी भाजपा में शामिल हो गए हैं। अजय कुमार जिले में समाजसेवी के रूप में जाने जाते रहे हैं। इस बार के नगर पालिका चुनाव में अजय कुमार निर्दलीय ही मैदान में उतरे थे। चुनाव जीतकर अजय कुमार बलिया नगर पालिका के अध्यक्ष बन गए। अब उन्होंने भाजपा की सदस्यता हासिल कर ली है।

बलिया से भाजपा का रूख करने वाले तीसरे नेता कांग्रेस पार्टी के हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य शैलेंद्र सिंह पप्पू भाजपा में शामिल हो गए हैं। शैलेंद्र सिंह पप्पू उत्तर प्रदेश कांग्रेस संगठन के प्रभारी भी रहे हैं। बलिया के नगर विधानसभा से शैलेंद्र सिंह पप्पू आते हैं।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा अभियान चलाकर दूसरे दलों के नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल करा रही है। राजधानी लखनऊ में आज बलिया के तीन नेताओं समेत कुल आठ नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ली है। इस मौके पर भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में सूबे के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और प्रदेश भाजपा ज्वाइनिंग कमेटी के प्रभारी लक्ष्मीकांत बाजपेई मौजूद रहे।

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कैमरे में कैद हुई अखिलेश यादव और बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त की मुस्कुराती तस्वीर

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संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त और आजमगढ़ सांसद अखिलेश यादव (फोटो साभार: पीटीआई/मानवेंदर वशिष्ट)

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और बलिया से सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब शेयर की जा रही है। इस तस्वीर में बलिया के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त आजमगढ़ के सांसद अखिलेश यादव के कंधे पर हाथ रखे हुए हैं। अखिलेश यादव और वीरेंद्र सिंह मस्त दोनों ही फोटो में हंसते हुए देखे जा सकते हैं।

अखिलेश यादव और वीरेंद्र सिंह मस्त की इस तस्वीर को प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) के फोटो पत्रकार मानवेंदर वशिष्ट ने अपने कैमरे में कैद की है। बीते सोमवार यानी 29 नवंबर को मानवेंदर वशिष्ट ने अपने ट्विटर अकाउंट से इस फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा है कि संसद का शीतकालीन सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ बीजेपी सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त।

बता दें कि सोमवार को संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हुआ है। इस दौरान लगभग सभी सांसद लोकसभा और राज्यसभा में मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे अखिलेश यादव आजमगढ़ से लोकसभा सांसद हैं। तो वहीं वीरेंद्र सिंह मस्त बलिया से लोकसभा के सांसद हैं। शीतकालीन सत्र के पहले दिन दोनों ही सांसद लोकसभा में मौजूद रहे। इसी दौरान संसद भवन परिसर में दोनों की यह हंसती हुई तस्वीर कैमरे में कैद हो गई।

सोमवार का दिन संसद और भारत के किसानों के लिए ऐतिहासिक दिन था। संसद में केंद्र की भाजपा सरकार की ओर से कृषि कानून वापसी बिल पेश किया गया। जिसे बगैर चर्चा के ही पास कर दिया गया। विपक्षी नेताओं ने कृषि कानून वापसी बिल पर चर्चा की मांग की। लेकिन सरकार ने जिस तरह बिना बहस के ही तीन कृषि कानून बनाए थे उसी तरह बिना चर्चा के ही इसे वापस भी ले लिया।

इससे पहले भी वीरेंद्र सिंह मस्त की ऐसी तस्वीरें सामने आती रही हैं। इसी साल मार्च के महीने में संसद भवन के बाहर मुलायम सिंह यादव को सहारा देते नजर आए थे बलिया सांसद। उस फोटो में समाजवादी पार्टी के संरक्षक और मैनपुरी से लोकसभा सांसद मुलायम सिंह यादव को उनकी गाड़ी में चढ़ाने के लिए सहारा देते देखे गए थे। वीरेंद्र सिंह मस्त और मुलायम सिंह यादव की यह तस्वीर पीटीआई के ही फोटो पत्रकार अतुल यादव ने अपने कैमरे में कैद की थी।

वीरेंद्र सिंह मस्त और मुलायम सिंह यादव की तस्वीर (फोटो साभार: पीटीआई/अतुल यादव)

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