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पूर्वांचल

वाराणसी हादसा: पोस्टमार्टम के बदले पैसे मांग रहा था हॉस्पिटल स्टाफ, विडियो वायरल

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कैंट रेलवे स्टेशन के पास निर्माणाधीन फ्लाईओवर का एक हिस्सा मंगलवार शाम करीब 5: 20 बजे गिर पड़ा। उप्र के राहत आयुक्त संजय कुमार ने वाराणसी में निर्माणाधीन पुल ढहने से अभी तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि की है। इस हादसे में लोगों की मौत के बाद पूरे देश में शोक की लहर है। इस बीच हादसे के कुछ घंटे बाद अस्पताल में भ्रष्टाचार में डूबे सिस्टम का वीभत्स चेहरा देखने को मिला, जहां एक सफाई कर्मचारी हादसे में मारे गए लोगों का शव देने के बदले परिजनों से 200 रुपए मांगता दिखा। मामले में वीडियो वायरल हुआ तो डीएम ने कार्रवाई कर आरोपी को सस्पेंड कर दिया।

बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल की मॉर्चरी में तैनात सफाई कर्मचारी ने मृतकों के परिजनों को शव देने के एवज में 200 रुपए की मांग की। जिसके बाद आक्रोशित परिजन भड़क गए। वहां मौजूद कुछ लोगों ने मोबाइल से इसका वीडियो भी बना लिया। देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उधर, वीडियो के वायरल होते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले में डीएम योगेश्वर राम मिश्रा ने सफाई कर्मचारी बनारसी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

त मंगलवार शाम वाराणसी कैंट स्टेशन के सामने निर्माणाधीन पुल के दो बीम के गिरने से 18 लोगों की मौत हो गई थी. मामले में यूपी सरकार ने मुआवजे का ऐलान भी किया है, वहीं, घटना की उच्चस्तरीय जांच बैठा दी गई है, लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही और चूक को उजागर कर दिया है.

https://twitter.com/NewsNationTV/status/996705964983308289

इससे पहले, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुल हादसे पर शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर बात की और घायलों को हरसंभव मदद मुहैया कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे में मृत लोगों के परिजनों को पांच लाख जबकि घायलों को दो-दो लाख रुपये की मदद देने का निर्देश दिया है। वहीं निर्माणाधीन फ्लाईओवर के गिरने के कारणों की जांच के लिए मुख्यमंत्री ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति के अध्यक्ष कृषि उत्पादन आयुक्त आरपी सिंह होंगे। समिति में जल निगम और सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने समिति से 48 घंटे में जांच रिपोर्ट मांगी है।

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Corona Update- बलिया में आज 69 नए मामले, पड़ोसी जिलों में भी बढ़े केस

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बलिया डेस्क : बलिया में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहा है। लॉकडाउन के बीच मरीजों की तादात बढ़ने से लोग दह शत में हैं। हालांकि इसके बावजूद सड़कों पर गहमागहमी देखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबित जनपद में मंगलवार को 69 नये पॉजिटिव केस सामने आये। हालांकि इसके सापेक्ष 70 लोगों को अस्पताल से डिस्चार्ज भी कर दिया गया। विभागीय अधिकारियों की मानें तो जनपद में कोरोना मरीजों की कुल तादात 487 हो चुकी है, जबकि 279 लोग स्वस्थ होकर घर जा चुके है।  जिले में कुल एक्टिव केस की संख्या 206 बताई गई है। 

 

देवरिया में कोरोना:  बलिया के पड़ोसी जिले देवरिया में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिले में मंगलवार को 12 नए कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। अब जिले में कुल संक्रमितों की संख्या 480 पहुंच गई है। सीएमओ डा. आलोक पांडेय ने की है। उन्होंने बताया कि इनमें से 248 लोग अभी तक ठीक होकर घर जा चुके हैं। संक्रमितों की बढ़ती संख्या को लेकर लोगों में दहशत है। नगरपालिका, विकास भवन, रूद्रपुर कस्बे को सील कर दिया गया है।

 

मऊ में कोरोना  :  मऊ में मंगलवार को 78 लोगों की रिपोर्ट आई, जिसमें 15 लोग पाजिटिव पाए गए। सभी नगर क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। इनमें सर्वाधिक संख्या कतुआपुरा मुहल्ले की रही, वहीं के आठ लोग कोरोना संक्रमित मिले। रिपोर्ट में रोडवेज के लिपिक और वेल्डर भी संक्रमित पाए गए हैं। इसकी सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीमें सभी जगहों पर पहुंच गईं। वहीं 122 लोग कोरोना को मात देकर जंग जीत चुके हैं उन्हें डिस्चार्ज कर घर भेजा जा चुका है।

 

 

 

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जब ईओ मणि मंजरी राय ने कहा था- भईया अब याचना नहीं…. !

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जब मै खामोश थी
तुमसे कुछ भी ना कहा था
ना बताया था अपना दर्द, ना
तुम्हे तुम्हारा, किस्सा ही सुनाया था

तब मैने
किताबो से वक़्त चुराकर
दुनिया कि नजरो से छुपकर
सपनो की घाटिया रची थी
और बहोत खुश थी तुम्हे
उन घाटीयो मे पाकर,
ये कवितायेँ मणि मंजरी राय ने अपने ब्लॉग में  लिखी  था जो अब इस दुनिया में नहीं रहीं

नगर निकाय मनियर अधिशाषी अधिकारी मणि मंजरी राय जोकि अब इस दुनिया में नहीं हैं. बीते दिनों उन्होंने अपने आवास पर फांसी लगाकर खु’दकुशी कर ली. यह खबर अब बलिया से निकलकर पूरी यूपी और देश भर में हो रही हैं और सोशल मीडिया पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हो गया कि एक तेज़ तर्रार लड़की जो आईएएस बनना चाहती थी, उसने यह कदम क्यों उठाया. ऐसी क्या मजबूरियां थी? ऐसा कौन सा दबाव था?

खैर कहा यह जा रहा है कि मनियर नगर पंचायत के कार्यपद्धति और अनियमित तौर पर खोले गये 2 करोड़ के टेंडर को लेकर मणि मंजरी रायका फी डिप्रेशन में चल रही थी. इस गड़बड़ी को लेकर वह काफी नाराज़ थी. इसलिए उन्होंने वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया था. जिसकी वजह से उन पर काफी दबाव बनाया जा रहा था.

खैर, उनके सोसाइड नोट और पुलिस की तफ्तीश से उम्मीद है कि इस मामले में जल्द ही कोई नया खुलासा होगा और कई सफेदपोश चेहरे सामने आयेंगे. लेकिन अफ़सोस यह है कि हमने एक इमानदार अफसर खो दिया.

उनके साथ पढ़ाई करने वाले पत्रकार अमीश राय ने सोशल मीडिया पर उनकी बातों को याद करते हुए लिखा है कि इतनी बहादुर अफसर बेटी को हमने खो दिया. अचानक से मणि से हुई पुरानी बातचीत याद आ गयी। इस लड़की ने BHU के लड़कियों के आंदोलन के दौरान कहा था कि भैया, अब याचना नहीं, रण होगा.

मणि मंजरी राय ब्लॉग भी लिखती थी. उनकी कविताएं आज भी उनके ब्लॉग पर मौजूद हैं. ज़िन्दगी को करीब से जीने वाले, महसूस करने वालीं और चुनौतियों का सामने करने वालीं अफसर ऐसा कदम उठाएगी, शायद ही किसी ने सोचा होगा.

ऐसे में आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि हालात वाकई में काफी दर्दनाक और परेशान करने वाले रहे होंगे कि उन्हें यह कदम उठाना पड़ा.
यह है उनका ब्लॉग, जहाँ आप उनकी लिखी कविताएँ पढ़ सकते हैं.
http://khwabmanjari.blogspot.com/

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पूर्वांचल

कायदे से जांच हो तो ईओ मणिमंजरी की खुदकुशी केस में कई सफेदपोश चेहरे बेनकाब हो सकते हैं!

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बलिया डेस्क : नगर निकाय मनियर अधिशाषी अधिकारी मणि मंजरी राय की मौत की गुत्थी उलझती जा रही है. आपको बता दें कि उन्होंने अपने घर पर खुद को फां’सी पर लटककर खुदकुशी कर ली थी. बताया जा रहा है कि मनियर नगर पंचायत के कार्यपद्धति और अनियमित तौर पर खोले गये 2 करोड़ के टेंडर को लेकर वह काफी नाखुश थी और इसे लेकर वह दबाव में चल रही थी.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गौरा बगही में बन रहे गौ आश्रय स्थल को लेकर ईओ काफी नाराज़ चल रही थी. कहा यह भी जा रहा है कि अनियमित रूप से खोले गये 2 करोड़ के टेंडर को लेकर ईओ ने साफ़ कर दिया था कि वह वर्क आर्डर जारी नहीं करेंगी.

उन्होंने कहा था कि बोर्ड से प्रस्ताव आने तक वह इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाएंगी. लेकिन दूसरी तरफ इसकी वजह से नाराज़ चल रहे चेयरमैन ने जिलाधिकारी ने ईओ से शिकायत की थी और उन पर विकास कार्य में बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगाया था. ईओ न सिर्फ टेंडर को लेकर बल्कि निर्माण कार्य में घटिया स्तर का मटेरियल इस्तमाल होने से भी नाराज़ थी.

बता दें कि इस टेंडर के खुलने के दौरान ईओ न तो मौजूद थी और न ही कागजातों पर उनके हस्ताक्षर थे. इसके अलावा ईओ का कहना था कि मनियर के नगर पंचायत में अधिकारीयों को फ़ाइल भुगतान के समय ही देखने को मिलती है. इन्ही सब वजह से उन्होंने छुट्टी ले ली थी. इसके अलावा उन्होंने खुद को अलग करते हुए अपना अटैचमेंट जिला मुख्यालय करा लिया था. बता दें की सुसाइड नोट में भी मृतका ने विभागीय परेशानियों का जिक्र किया है, जिससे सवाल उठता है कि आखिर कौन वे लोग हैं, जिनसे मणि मंजरी परेशान थी. वहीं उसके पिता ने भी हत्या की आशंका व्यक्त की है.

मंगलवार सुबह पुलिस पोस्टमार्टम की कार्रवाई में जुटी थी। कोतवाल का कहना था कि प्रथम दृष्टया यह डिप्रेशन में आत्महत्या लग रहा है. सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. बहरहाल, अब वह इस दुनिया में नहीं रही लेकिन सोचने वाली बात है कि एक तेज़ तर्रार अधिकारी पर ऐसा कौन सा दबाव आ गया जो उन्होंने इतना बड़ा कदम उठा लिया. इस मामले में गहन जांच की ज़रुरत है. अगर कायदे से इसकी जांच हो तो परत दर परत कई मामले सामने आ सकते हैं और कईयों के चेहरे बेनकाब हो सकते हैं.

वहीं कहा यह भी जा रहा है कि ईओ के पास ऐसी कई फ़ाइल्स मौजूद हैं जिसकी पड़ताल करके आसानी से मामले का खुलासा हो सकता है और यह बात भी समझी जा सकती है कि उन पर किस तरह का और कौन दबाव बना रहा था.

इस मामले में बलिया के पुलिस अधीक्षक देवेंद्रनाथ ने बताया है कि मनियर की अधिशासी अधिकारी मणि मंजरी राय ने सुसाइड क्यों किया यह अभी स्पष्ट नहीं है. आगे बताया कि उन्होंने कमरे में सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें स्वयं को साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया है. मामले की जांच की जा रही है. जल्द खुलासा किया जाएगा.

इनपुट – भाषा

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