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बलिया स्पेशल

…क्या अब मंत्री उपेंद्र तिवारी के खिलाफ एक्शन लेगी भाजपा, पूर्व IPS ने सीएम को लिखा पत्र

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बलिया। उत्तरप्रदेश सरकार में मंत्री उपेंद्र तिवारी अंबिका चौधरी को लेकर दिए अपने विवादित बयान पर अब चारों तरफा घिरते नजर आ रहे हैं। अपशब्द कहने के मामले में अब उनके खिलाफ मुकदमा कायम करने की मांग की जा रही है। यहां तक कि मंत्रिमंडल से भी उपेंद्र तिवारी को बर्खास्त करने की मांग तेज हो गई है। अंबिका चौधरी के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करने को लेकर पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर और डा. नूतन ठाकुर ने मंत्री उपेंद्र तिवारी के खिलाफ मुकदमा कायम करने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखते हुए बर्खास्तगी की भी मांग की है।

पत्र में कहा है कि उपेंद्र तिवारी ने अपने विपक्षी अंबिका चौधरी के लिए सार्वजनिक रूप से अपशब्दों का प्रयोग किया है। इसका वीडिया यू-ट्यूब पर वायरल है। न्याय का तकाजा यह है कि मंत्री ने जिस प्रकार की आपराधिक एवं अनुचित भाषा का प्रयोग किया, उस संबंध में भी FIR दर्ज हो। साथ ही उन्हें प्रदेश मंत्रिमंडल से पृथक करने की भी मांग की है। योगी सरकार के मंत्री उपेंद्र तिवारी ने मर्यादा का ख्याल न रखते हुए ऐसा बयान दिया कि जिससे राजनैतिक गलियारों में हलचल मच गई। मंत्री का वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें मंत्री जी बड़े ही अभद्रता से कहते हुए नजर आ रहे हैं कि

“अंबिका चौधरी ने कितने बाप-मां और बहन बदले। तब जाकर वे राजनीति में आए हैं।” मंत्री ने ये बातें पीडब्यूडी डाक बंगले में भाजपा के विधायकों और मंत्रियों से बात करते हुए कही। मंत्री के इस विवादास्पद बयान का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। मंत्री उपेंद्र तिवारी का विवादित बयान अब भाजपा के लिए भी मुश्किल खड़ी कर सकता है। विपक्षी पार्टी भी इस मुद्दे को भुनाने की पूरी कोशिश कर रही हैं। हालांकि देखना होगा कि शिकायत के बाद पार्टी मंत्री उपेंद्र तिवारी के खिलाफ कोई कार्रवाई करती है या नहीं।

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बलिया- नेता प्रतिपक्ष का सीएम को पत्र, ‘घाघरा’ में बाढ़ और कटान का उठाया मुद्दा

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बलिया। घाघरा नदी में तीसरी बार आई भीषण बाढ़ और उससे हो रहे कटान की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित कराने के लिए नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में अपनी विधानसभा क्षेत्र बांसडीह के अनेक गांवो का हवाला भी दिया और लिखा कि बांसडीह ब्लॉक के महाराजपुर रेवती के गोपालनगर, वशिष्टनगर मनियर के नवका गांव, ककरघट्टा, गोड़वली, एलासगढ़ कटान के मुहाने पर खड़े है। गांवो का नामोनिशान मिट ना जाय इसके लिए तत्काल व्यवस्था होनी चाहिए।

राम गोविंद चौधरी ने कहा की मान्यवर आप को ज्ञात हो कि पिछले तीन सालों से लगातार घाघरा नदी में तबाही मचाने वाली बाढ़ आ रही है। जिससे किसानों की हजारों एकड़ जमीन नदी में समा गई है उसमें अतिवृष्टि से भी सुरहा के किनारे के किसान बर्वाद हो गए है। दह ताल के कारण हालपुर और मुड़ियारी के लोग भी तबाह है खरीफ की फसल बर्बाद हो गई और अब रवि की बुआई भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने अपने पत्र में कई गांवों के नामों का जिक्र भी किया। और गांवों को बचाने की मांग की।

पत्र के माध्यम से नेता प्रतिपक्ष ने दुःख जताते हुए कहा कि मैं लगातार तीन सालों से विधानसभा के अंदर इस समस्या के समाधान के लिए आवाज़ उठाता आया हूँ लेकिन दुख के साथ कहना है कि इस समस्या का ना कोई समाधान हुआ और नहीं किसानों को एक अधेला मुआवजा ही मिला। आप से उम्मीद के साथ आग्रह है कि तत्काल इस समस्या के समाधान के लिए उचित कदम उठाए। वहीं नेता प्रतिपक्ष के पत्र को मीडिया में जारी करते हुए सपा के जिला प्रवक्ता सुशील पाण्डेय”कान्हजी” ने स्वागत करते हुए कहा कि एक सच्चे जनप्रतिनिधि के उत्तरदायित्व को दर्शाता हैं यह पत्र स्वागत योग्य है।

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बलिया में राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने किया विकास दीपोत्सव-2021 का शुभारंभ

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बलिया: विकास दीपोत्सव-2021 का भव्य आयोजन की शुरुआत गुरुवार को भृगु मन्दिर परिसर में हुआ। यह 4 नवम्बर तक चलेगा। इस अवसर पर कई दर्जन स्टाल लगे थे, जिसमें हस्तनिर्मित दीप व अन्य सामान खास आकर्षण का केंद्र रहे। दीपोत्सव कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि संसदीय कार्य राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

इस अवसर पर उन्होंने पीएम स्वनिधि के 50 लाभार्थियों एवं अन्य विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किया। शहरी क्षेत्र में बनाए गए आशा किरण वार्ड में तैनात सफाई कर्मचारियों को भी सम्मान-पत्र देकर सम्मानित किया। राज्यमंत्री श्री शुक्ल ने आगामी दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए इस दीपोत्सव कार्यक्रम के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना व अन्य योजनाओं के माध्यम से आम आदमी का आर्थिक उत्थान का सफल प्रयास हुआ।

माता-बहनों की स्वास्थ्य, सुरक्षा व शिक्षा का खास ख्याल रखा गया। स्वच्छता के प्रति जागरूक कर संचारी रोगों पर नियंत्रण पाया गया। भव्य मेला आयोजन के लिए अधिकारियों को धन्यवाद दिया। गायक बंटी वर्मा ने स्वागत गीत के साथ अपने सांस्कृतिक कार्यकम में एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर सीआरओ विवेक श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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बलिया: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के खिलाफ शिक्षकों का हल्ला बोल, उत्पीड़न का आरोप?

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बलिया में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के खिलाफ प्राथमिक शिक्षक संघ ने धरना दिया।

बलिया में इन दिनों दिनों शिक्षकों के विरोध-प्रदर्शन ने माहौल गरमाया हुआ है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के खिलाफ शिक्षक संघ लगातार आक्रामक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को प्राथमिक शिक्षक संघ के नेतृत्व में एक बार फिर बड़े स्तर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के परिसर में धरना हुआ। शिक्षकों ने जिला बेसिक शिक्षक अधिकारी पर घोटाले और उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

प्राथमिक शिक्षा संघ के आह्वाहन पर जिले के ज्यादातर शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइया विद्यालय न जाकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय परिसर में पहुंच गए। सोमवार को परिसर में प्रदर्शनकारियों की संख्या लगभग हजार से अधिक थी। बताया जा रहा है कि जिले में महज एक या दो विद्यालयों पर ही पढ़ाई-लिखाई हुई।

बलिया के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के खिलाफ शिक्षकों ने लंबे समय से मोर्चा खोला हुआ है। प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से आज एक व्यापक धरने के लिए शिक्षकों को बुलाया गया था। इसे देखते हुए गत रविवार की शाम ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से एक चेतावनी भरी नोटिस जारी की गई थी।

नोटिस में शिक्षकों को अपने विद्यालय से कहीं और या धरना-प्रदर्शन में न शामिल होने की सलाह दी गई थी। लेकिन इस नोटिस का शिक्षकों पर उल्टा असर हो गया। आज कार्यालय परिसर में हजारों की संख्या में शिक्षक धरना देने पहुंचे। इस दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी हुई।

नाराज शिक्षकों का आरोप है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लंबे समय से घोटाले कर रहे हैं। अपनी मर्जी मुताबिक विद्यालयों में सरकारी किताबें भेजने का आरोप भी लगाया गया है। शिक्षकों का कहना है कि अधिकारी जानबूझकर शिक्षकों को परेशान करने के लिए जांच करवाते हैं। जांच के दौरान शिक्षकों का शोषण किया जाता है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पर आरोप है कि अनुशासनात्मक कार्रवाई के का धौंस दिखाकर शिक्षकों का उत्पीड़न किया जाता है।

प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा बुलाए गए इस धरने का कई संगठनों ने समर्थन किया था। सीनियर बेसिक शिक्षक संघ, कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति, आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ, अनुदेशक संघ, रसोईया संघ जैसी संगठनों ने आज शिक्षकों के धरने को अपना समर्थन दिया था।

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