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बलिया – हाई टेंशन लाइन के चपेट में आने से युवक की मौत

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बलिया डेस्क: जिले में एक युवक की हाई टेंशन बिजली की लाइन के चपेट में आने से मौत हो गई। घटना से घर में कोहराम मच गया है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार, बलिया जिले के बैरिया थाना क्षेत्र के नई बस्ती (अठगावा) निवासी सतेंद्र यादव(21) पुत्र देवनाथ यादव रविवार की सुबह अपने घर से खेत में गेहूं की फसल काटने जा रहा था। रास्ते मे गांव से कुछ ही दूरी पर गिरे एचटी विद्युत तार की चपेट में आ गया। जिससे मौके पर ही मौत हो गई।

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बलिया- चौकी प्रभारी लाइन हाजिर, वॉयरल वीडियो बनी वजह

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बलिया। बैरिया के सुरेमनपुर पुलिस चौकी प्रभारी लालजी पाल लाइन हाजिर कर दिए गए हैं। लाइन हाजिर की वजह बनी  गंजी-लुंगी में कुर्सी पर बैठकर लोगों की समस्या सुनना। सोशल मीडिया पर वीडियो वॉयरल होते ही एसपी ने अनुशासनहीनता में चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर करते हुए जांच का आदेश दे दिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में खलबली मची हुई है। इलाके के सुरेमनपुर पुलिस चौकी प्रभारी के रुप में तैनात लालजी पाल का एक वीडियो कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। वीडियों में चौकी इंचार्ज कुर्सी पर गंजी-लुंगी में बैठे नजर आ रहे हैं।

वीडियों में एक महिला तथा कुछ अन्य लोग चौकी प्रभारी के सामने खड़े होकर समस्या बता रहे हैं। सूत्रों की मानें तो वायरल वीडियो की जानकारी एसपी राजकरन नय्यर को हुई तो उन्होंने सोमवार की देर शाम चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर करते हुए जांच का आदेश दे दिया। इस सम्बंध में एसओ बैरिया योगेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस अधीक्षक ने चौकी प्रभारी लालजी पाल को लाइन हाजिर कर दिया है।

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बलिया- भाजपा नेता ने किया शक्ति प्रदर्शन, विधायक के खिलाफ मोर्चा खोला !

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बलिया में राजनीति कुछ अलग ही रंग दिखा रही है। सियासत की दौड़ में आगे चलने वाली भाजपा पार्टी में बगावत के सुर बुलंद हो रहे हैं। जहां भाजपा के नेता अपनी ही पार्टी के विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। भाजपा नेता स्थानीय विधायक के ऊपर विकास न कराने का आरोप लगाकर जमकर शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल ही में जिलाबदर की अवधि काटकर बैरिया नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि मन्टन वर्मा लौटे तो कुछ अलग ही नजारा दिखा।

मन्टन वर्मा ने आते ही स्थानिय विधायक के खिलाफ बिगुल फूंक दिया। हजारों बाइक सवार समर्थकों के साथ मन्टन वर्मा ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए संकेत दे दिए हैं कि वो पीछे हटने वाले नहीं है। मन्टन वर्मा ने साफ शब्दों में कहा कि बैरिया में जातियों को आपस मे लड़ाकर अपनी राजनैतिक गोटी सेकने और विकास अवरुद्ध करने वालों की राजनीति अब नही चलने वाली है। उन्होंने स्थानीय विधायक पर जातियों को आपस में तोड़ने का सीधा-सीधा आरोप लगाकर बगावत का शंखनाद कर दिया है।

मन्टन वर्मा जैसे ही वापस लौटे तो उनके स्वागत में बैरिया इंटर कॉलेज के विशाल मैदान में हजारों की संख्या में मोटरसाइकिल लेकर समर्थक जुटे। इस दौरान वर्मा ने कहा कि अब बैरिया विधानसभा क्षेत्र में विकास के नाम पर सियासत करने के दिन गए। जातियों को आपस में लड़ा कर गंदा खेल खेलने वाला समय बीत गया। नौजवानों को मुकदमे में फंसा कर डराने वाला समय अब खत्म हो चुका है। यह सब अब नहीं चलने वाला है। मन्टन वर्मा ने कहा कि बैरिया विधानसभा क्षेत्र में सबका साथ, सबका विकास और सबके विश्वास की बात चलेगी। इस भावना का तूफान उठ खड़ा हुआ है, अब भ्रष्टाचार नहीं चलेगा।

बैरिया नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि शिव कुमार वर्मा मटन ने आगामी विधानसभा चुनाव में बैरिया विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट के लिए अपनी दावेदारी ठोंक दी है। इस अवसर पर कई प्रबुद्ध जनों ने मंटन वर्मा की पीठ थपथपाई और आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया। इसके बाद बैरिया इंटर कॉलेज के मैदान से विशाल बाइक जुलूस निकला, जो विभिन्न मार्गों से होता हुआ बैरिया स्थित खाकी बाबा के पोखरा पर वापस लौट कर स्वर्गीय शिवदयाल वर्मा के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विसर्जित हुआ।

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बलिया में फर्जी तरीके से मास्टरी हासिल करने की ये कहानी चौंका देगी!

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बैरिया के सोनबरसा की किरन सिंह ने अपने चचेरे भाई कुलदीप सिंह पर अपने पिता की नौकरी हथियाने का आरोप लगाया है।

बलिया जिले के बैरिया तहसील के अंतर्गत एक व्यक्ति द्वारा फर्जी तरीके से दत्तक पुत्र बनकर सरकारी शिक्षक के पद पर नौकरी करने का मामला सामने आया है। बैरिया के सोनबरसा की किरन सिंह ने अपने चचेरे भाई कुलदीप सिंह पर अपने पिता की नौकरी हथियाने का आरोप लगाया है। किरन सिंह ने बलिया जिलाधिकारी को इस मामले की पूरी जानकारी दी है और न्याय की मांग की है।

किरन सिंह ने जिलाधिकारी को लिखे पत्र में बताया है कि उनके पिता ललन सिंह की मृत्यू 2006 में 23 अप्रैल को हो गई थी। मृत्यू के दौरान ललन सिंह मुरली छपरा के एक प्राथमिक पाठशाला में बतौर प्रधानाध्यापक अपनी सेवाएं दे रहे थे। सर्विस के दौरान ही उनकी मौत एक सड़क दुर्घटना में हो गई। ललन सिंह की सिर्फ दो बेटियां थीं। संध्या सिंह और किरन सिंह।

कुलदीप सिंह ने बलिया जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिलकर ललन सिंह की मृत्यू के बाद मिलने वाली नौकरी हड़प लिया। कुलदीप सिंह ललन सिंह के भाई का लड़का है। रिश्ते में कुलदीप सिंह किरन सिंह का चचेरा भाई लगता है। किरन सिंह ने जिलाधिकारी को लिखा है कि कुलदीप सिंह ने फर्जी तरीके से खुद को ललन सिंह का दत्तक पुत्र साबित कर दिया। जिसके मुरली छपरा के उसी स्कूल में कुलदीप सिंह बतौर सहायक अध्यापक कार्यरत है। जबकि गैर-कानूनी है क्योंकि नौकरी पर अधिकार ललन सिंह की बेटियों का था।

ललन सिंह का दत्तक पुत्र बनकर शिक्षक की नौकरी हड़पने वाला कुलदीप सिंह

ललन सिंह का दत्तक पुत्र बनकर शिक्षक की नौकरी हड़पने वाला कुलदीप सिंह

कुलदीप सिंह ने सरकार से पैसे मिलने की लालच में ललन सिंह की एक जमीन पर भी अपना नाम दाखिल करवाया है। जिस जमीन पर कुलदीप सिंह ने अपना नाम लिखवाया है वह एनएच से सटी हुई है। ऐसे में जमीन के ऐवज में सरकार की ओर से मोटी रकम मिलने वाली है। इसी लालच में ललन सिंह की मृत्यू के बाद उनकी दो बेटियों के बजाए कुलदीप सिंह ने अपना नाम दाखिल करवा लिया। आरोप है कि इस काम में तहसील के अधिकारियों ने कुलदीप सिंह का साथ दिया है।

जिलाधिकारी को लिखे पत्र में किरन सिंह ने बताया है कि कुलदीप सिंह के पिता का नाम मदन सिंह है ना कि कुलदीप सिंह। सबूत के तौर पर जिलाधिकारी को सोनबरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कुलदीप सिंह के जांच की रिपोर्ट भेजी गई है। इस रिपोर्ट में कुलदीप सिंह ने अपने पिता का नाम मदन सिंह ही लिखवाया है।

किरन सिंह ने बलिया खबर से हुई बातचीत में कहा कि “कुलदीप सिंह के प्रमाण पत्रों की जांच कर उचित न्याय की जाए। मांग है कि कुलदीप सिंह की शिक्षक के पद पर फर्जी तरीके से हुई नियुक्ति रद्द की जाए। साथ ही जिस जमीन पर कुलदीप सिंह ने गलत तरीके से अपना नाम चढ़वाया है उस पर हम दोनों बहनों का नाम लिखा जाए। ताकि सरकार से मिलने वाली मुआवजे की राशि हमें मिले।”

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