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बलिया गोलीकांडः कोर्ट ने दूसरे पक्ष की ओर से FIR दर्ज किए जाने का दिया आदेश

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बलिया डेस्क : बलिया के दु’र्ज’नपुर हत्या’कां’ड के मुख्य आरो’पी धीरेंद्र प्रताप सिंह के परिजनों की ओर से भी अब एफआईआर दर्ज की जाएगी। कोर्ट ने मुकदमा दर्ज किए जाने का आदेश दे दिया है।

इससे पहले धीरेंद्र के परिजनों ने वीडियो जारी कर एलान किया था कि अगर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो घर की सभी सात औरतें खुदकुशी कर लेंगी। कोर्ट ने जिन लोगों के खिलाफ़ मुकदमा दर्ज किए जाने का आदेश दिया है उनमें 21 नामज़द हैं और 25-30 अज्ञात हैं। कोर्ट के इस आदेश के बाद धीरेंद्र के परिजनों और पूर्व सैनिक संगठन के रमेश सिंह, शशिकांत सिंह व अशोक सिंह ने खुशी ज़ाहिर की है।

उन्होंने कोर्ट के सामने ही आदेश की कॉपी लहराई। पूर्व सैनिक संगठन के प्रदेश प्रभारी रमेश सिंह ने कहा कि उन्हें कानून पर पूरा भरोसा है, मामले में इंसाफ़ होगा।  दरअसल, दुर्जनपुर ह’त्या’कां’ड की घटना में मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह के परिवार से भी लोग घा’य’ल थे। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद भी धीरेंद्र के परिजनों की तरफ से मुकदमा दर्ज नहीं हो पा रहा था।

विधायक सुरेन्द्र सिंह व सांसद वीरेंद्र सिंह ने भी मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश की थी। लेकिन इसके बावजूद केस दर्ज नहीं किया गया था। जिसके बाद आरोपी के परिजनों ने धमकी दी थी कि अगर उनकी ओर से मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो घर की 7 औरतें खुदकुशी कर लेंगी।
परिजनों की इस धमकी के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया था।

जिसके बाद कई अधिकारी आरोपी के घर पहुंचे थे और परिजनों को समझाने की कोशिश की थी। अधिकारियों ने परिजनों को आश्वासन दिया था कि उन्हें हर हाल में शुक्रवार को एफआईआर की कॉपी मिल जाएगी। इसके बाद महिलाओं ने आत्मदाह टाल दिया था।
बता दें कि 15 अक्टूबर को राशन दुकान आवंटन को लेकर खुली बैठक में चली गोली से 45 वर्षीय जयप्रकाश पाल की मौत हो गई थी।

पुलिस के मुताबिक, गोली पूर्व सैनिक धीरेंद्र प्रताप सिंह ने चलाई थी, इसलिए उन्हें मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया है। हालांकि धीरेंद्र के परिजनों का कहना है कि उन्होंने गोली आत्मरक्षा में चलाई थी। धीरेंद्र फिलहाल पुलस रिमांड में हैं। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हुआ असलहा भी बरामद कर लिया है।

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बलिया में टूटे सारे रिकॉर्ड, पहली बार 24 घंटे में 216 नए केस, एक की मौत

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बलिया डेस्क : बलिया में कोरोना वायरस की रफ्तार बेकाबू हो गई है. जिले में पहली बार 24 घंटे के भीतर 216 कोरोना वायरस के केस दर्ज किए गए हैं. वहीँ आज 1 मरीज की मौत भी हुई है. जिले में इस बीमारी से अबतक 117 लोग जान गवा चुके हैं.

जारी आकड़ों के मुताबिक जिले में आज 216 नए मामले सामने आये हैं. जिले में राज्य में कोरोना संक्रमण  के मद्देनज़र जिले में नाईट कर्फ्यू भी लगाया  गया है.

वहीं जिले में अबतक कुल 117 की जान इस बीमारी से चली गई.  जिले में अब कुल कोरोना केसों का नंबर 9118 हो गया है.  कुल केसों में से 2048 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं.  879 केस फिलहाल ऐक्टिव हैं.

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CM योगी का आदेश, बलिया में वेंटिलेटर, L-3 बेड्स की सुविधा उपलब्ध कराई जाए

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 बलिया । कोरोना से लोगों के बचाव को लेकर उप्र की योगी सरकार अलर्ट मोड़ पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए सूबे में किए गए चिकित्सा प्रबंधों की रोज समीक्षा कर रहे हैं।

राज्य में रोजाना कितने लोग कोरोना की चपेट में आ रहे हैं और उनके इलाज के लिए जिलों में क्या क्या कदम उठाये जा रहे है  तथा प्रदेश में प्रतिदिन कितने लोगों ने टीकाकरण कराया, मुख्यमंत्री इसकी भी समीक्षा  रोज कर रहे हैं।

वहीं बलिया को लेकर सीएम योगी खास निर्देश दिया है सीएम ऑफिस के आफिसियाल ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया है कि बलिया में वेंटिलेटर व HFNC को फंक्शनल किया जाए तथा एल-3 बेड्स की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।  बात दें की बलिया में कोरोना के रोज औसतन 100 मरीज मिल रहे हैं , इसी को देखते हुए स्वास्थ विभाग को अलर्ट किया गया है ।

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बलिया- ऐसे में तो फिर खाली रह जाएंगे ग्राम पंचायत सदस्य के सैंकड़ो पद !

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बैरिया। पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज चल रही हैं। वहीं, गांव देहात में उम्मीदवार भी पूरी ताकत झोंके हुए हैं। सबसे अधिक दावेदार प्रधानी व जिला पंचायत सदस्य के नजर आ रहे हैं। वहीं ग्राम पंचायत सदस्य के एक पद पर एक उम्मीदवार भी नजर नहीं आ रहे हैं। जिससे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायत सदस्यों की कई सीटें खाली रह सकती हैं।

कारण कि इस पद की उम्मीदवारी को लेकर लोगों में उदासीनता है। बैरिया विकासखंड में अभी तक कुल 422 ग्राम पंचायत सदस्य पदों के सापेक्ष अब तक महज 302 नामांकन पत्र ही बिके हैं। जबकि कई पदों पर एक से अधिक नामांकन पत्र भी बिके हैं। अगर एक-एक नामांकन पत्र भी मानें तो अभी तक 120 पदों के लिए कोई नामांकन पत्र नहीं बिका है।

लोगों का कहना है कि पंचायत के संचालन में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारियों द्वारा ग्राम पंचायत सदस्यों को अहमियत न दिए जाने के चलते लोग ग्राम पंचायत सदस्य पद का चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं।

पिछले कई दिनों से ब्लॉक मुख्यालय पर नामांकन पत्रों की बिक्री में प्रधान के 30 पदों के लिए अब तक 466 नामांकन पत्र बिक चुके हैं, जबकि क्षेत्र पंचायत सदस्य के 73 पदों के लिए कुल 258 नामांकन पत्र बिका है। वहीं, ग्राम पंचायत सदस्य के कुल 422 पदों के सापेक्ष अब तक 302 नामांकन पत्र ही बिके हैं। हालांकि अभी चार दिन और नामांकन पत्र बिकेंगे।

 

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