Connect with us

बलिया स्पेशल

उत्तर प्रदेश का सबसे भ्रष्ट विभाग है बिजली विभाग- विधायक सुरेन्द्र सिंह

Published

on

बैरिया डेस्क : अपने बयानों के लिए मशहूर बैरिया के विधायक सुरेन्द्र सिंह ने अपनी ही सरकार मे बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने बिजली विभाग को उत्तर प्रदेश का सबसे भ्रष्ट विभाग बताया है। कहा है कि इनमें चोरी व सीनाजोरी दोनों है,मानवीय सम्वेदनाओं से इनका कोई लेना देना नही है।

सीधे मुह जनप्रतिनिधियों की बातें सुनना इन्हें गंवारा नही है। और जब कठोरता से पेश आया जाता है तो हड़ताल की धमकी देने लगते है और आंदोलन चलाने लगते है। विधायक रविवार को मीडिया से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि अकेले बैरिया क्षेत्र में दर्जनों पावर कनेक्शन पैसा लेकर अवैध तरीके से चलवाते है और एक कोई गरीब आदमी कटिया फंसाकर बल्ब जला लेता है तो उसपर एफआईआर करा देते है।अधिशासी अभियंता से लाइनमैन तक सभी भ्रष्टाचार में लिप्त है, इस सम्बंध में कई बार मैंने सम्बंधित विभाग के अधिकारियों व सम्बंधित मंत्री से आग्रह कर व्यवस्था सुधारने का सुझाव दिया था किंतु कुछ नही हुआ।

सौभाग्य योजना से लगने वाले खम्भे व ट्रांसफार्मर तथा बनने वाली बिजली की लाइन को भी यह ठीक से नही करवा सके।सुपरविजन वादी बिजली विभाग ही है,इनका एकमात्र उद्देश्य है किसी भी तरह से लूटखसोट किया जाय।शोभाछपरा में दलजीत टोला के तीन युवकों की मौत बिजली विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण ही हुई है।

जिस खम्भे से ऐंगल सहित हाईटेंशन का तार टूटकर गिरा था वह तार व एंगल जर्जर था उसे बदलने के लिए गांव के लोग कई बार आग्रह कर चुके है किंतु बिजली विभाग के कर्मचारी व अधिकारी उसपर ध्यान नही दिए।अगर वह तार और एंगल बदल दिया गया होता तो शायद इन तीन होनहार युवकों की जान नही जाती।

विधायक सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि एसडीएम बैरिया से कहूंगा कि इसकी जांच निष्पक्षता पूर्वक करें और दोषी बिजली कर्मियों के खिलाफ अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे।विधायक ने पूरे प्रकरण को मुख्यमंत्रीजी के समक्ष रखने की बात कहते हुए कहा कि कोई दोषी बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बख्शें न जाय।उन्होंने जनता जनार्दन से भी आग्रह किया कि बिजली विभाग के कारगुजारियों से उन्हें अवगत कराएं।

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बलिया स्पेशल

मतदान कर्मिकों के ट्रेनिंग में 157 कर्मी अनुपस्थित, CDO बोले- ट्रेनिंग में हिस्सा लें वरना होगा मुकदमा

Published

on

बलिया: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में लगे मतदान कर्मिकों का प्रशिक्षण मंडी समिति तिखमपुर में जारी है। दूसरे दिन भी दो पालियों में ट्रेनिंग दी गई, जिसमें 157 कर्मी अनुपस्थित रहे। इसमें इसमें 38 पीठासीन अधिकारी, 38 मतदान अधिकारी प्रथम, 45 मतदान अधिकारी द्वितीय, 36 मतदान अधिकारी तृतीय व 38 मतदान अधिकारी शामिल है। मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण वर्मा ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि अगर अगले दिन ट्रेनिंग में प्रतिभाग नहीं किया तो निर्वाचन कार्य में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

प्रशिक्षण में निर्वाचन प्रक्रिया की महत्वपूर्ण बातों को समझाते हुए अपर जिलाधिकारी राम आसरे ने कहा कि पार्टी रवानगी से पहले अपनी स्टेशनरी व मतपत्र अवश्य मिला लें। यह सही रहा तो आपकी आधी समस्या यहीं खत्म हो जाएगी। इसमें चूक हुई तो काफी दिक्कतें होगी। मतदान स्थल पर पहुंचने के बाद फिर मिला लें। इस बार चार पदों का चुनाव एक साथ है, लिहाजा सावधानी के साथ सभी दिशा-निर्देश सुन लें और समझ लें। मतदान के दिन अगर लगे कि बॉक्स भर सकता है तो थोड़ी देर पहले सेक्टर मजिस्ट्रेट को बता दें। कोरोना को लेकर सावधानी बरतने की भी बात कही। बतौर ट्रेनर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ अशोक कुमार, जिला कृषि अधिकारी विकेश कुमार पटेल व राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य अतुल तिवारी ने पूरी निर्वाचन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाया।

Continue Reading

बलिया

बलिया पुलिस ने कोरोना गाइड लाइन के उल्लंघन में कुल 563 व्यक्तियों का चालान किया

Published

on

बलिया डेस्क:   जिले में कोरोना के बढते मामले के बीच पिछले एक सप्ताह से कोरोना गाइड लाइन के उल्लंघन के सम्बन्ध में बलिया पुलिस द्वारा अब तक कुल 12 मुकदमें पंजीकृत किये गये । जिनमें अभियुक्तों की संख्या 83 है । इसी क्रम में आज बलिया पुलिस द्वारा दोपहर 02 बजे से 03 बजे तक का एक अभियान चलाया गया।

जिसमें लोगो को मास्क वितरण किया गया एवं कोरोना गाइड लाइन के विषय में समझाया व जागरूक किया गया। इसी दौरान कोरोना गाइड लाइन के उल्लंघन में कुल 563 व्यक्तियों का चालान किया गया। जिनसे जुर्माने के रूप में कुल 7,100 रू0 वसूला गया ।

Continue Reading

featured

डीएम ने 4 अपर मुख्य चिकित्साधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया, एक का रोका वेतन

Published

on

बलिया: कोरोना काल में लापरवाही पर जिलाधिकारी अदिति सिंह ने चार अपर मुख्य चिकित्साधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

कोविड-19 की समीक्षा बैठक से गायब रहने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए तीन दिनों के अंदर जवाब मांगा है। अन्यथा की स्थिति में विभागीय प्रतिकूल कार्यवाही की बात कही है। दरअसल, 14 अप्रैल की बैठक में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी विजय यादव अनुपस्थित थे,​ जिसकी वजह से एल-1 कोविड अस्पताल फेफना के कार्यों की जानकारी नहीं हो सकी। इस पर जिलाधिकारी ने डॉ यादव को कारण बताओं नोटिस जारी करने के साथ ​अग्रिम आदेश तक वेतन पर रोक लगाने का आदेश सीएमओ को दिया है। इसी प्रकार 15 अप्रैल की बैठक से एसीएमओ डॉ आरके सिंह, एसीएमओ डॉ राजनाथ व एसीएमओ डॉ जेआर ​तिवारी गायब थे। इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए जिलाधिकारी ने कहा है कि इस महामारी की स्थिति में यह लापरवाही ठीक नहीं है।

निजी चिकित्सालय में पॉजिटिव केस मिलने पर कंट्रोल रूम को सूचना देना अनिवार्य

जिलाधिकारी अदिति सिंह ने निर्देश दिया है कि निजी चिकित्सालय में जांच के दौरान अगर कोई पॉजिटिव मिलता है तो उसकी सूचना इंटीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर को जरूर दें। कंट्रोल रूम का नम्बर 0549822082, 05498221856, 05498223918 या 9454417979 है।

जिलाधिकारी ने कहा है कि ऐसा संज्ञान में आया है कि बिना कमाण्ड सेंटर को अवगत कराए पॉजिटिव मरीज को अन्य बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है। उन्होंने सीएमओ को निर्देशित किया है कि सभी निजी चिकित्सालयों को इस सम्बन्ध में दिशा-निर्देश जारी कर दें। अगर सूचना नहीं देते हैं तो उन अस्पतालों पर कार्रवाई सुनिश्चित कराएं।

Continue Reading

TRENDING STORIES