Connect with us

उत्तर प्रदेश

यूपी में बोर्ड परीक्षा का खौफ खत्म करने के लिए नई प्रणाली लाने की तैयारी में योगी आदित्यनाथ

Published

on

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बोर्ड की परीक्षा के दौरान जिस तरह से लाखों बच्चों ने अपनी परीक्षा छोड़ दी, उसके बाद लगातार प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो रहा है। लेकिन इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नकलवीहीन परीक्षा के लिए नया कदम उठाने की तैयारी कर रहे हैं। योगी सरकार अब प्रदेश में बोर्ड परीक्षा को लेकर बच्चों के भीतर खौफ को खत्म करने के लिए स्टूडेंट फ्रैंडली परीक्षा का आयोजन करने की तैयारी कर रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी पर लिखी गई किताब एग्जाम वॉरियर्स का विमोचन करते हुए कहा कहा कि हमने नकल वीहीन परीक्षा कराई तो 10 लाख बच्चों ने परीक्षा ही छोड़ दी, लेकिन अब हम लोग यहीं नहीं रुकेंगे। हमारा अगला कदम होगा कि प्रदेश में बोर्ड की परीक्षा को बच्चों के लिए फ्रैडली बनाया जाए ताकि उन्हे परीक्षा छोड़ने के लिए मजबूर नहीं होना पड़े। गौरतलब है कि पिछले दिनों शुरु हुई प्रदेश में यूपी बोर्ड की परीक्षा से लाखों बच्चे दूर हो गए हैं और उन्होंने परीक्षा में हिस्सा नहीं लिया। परीक्षा एक नई तैयारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमे पढ़ाई को छात्रों के अनुकूल बनाना होगा, इसके लिए शिक्षकों और अभिभावकों की जिम्मेदारी को तय करना होगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा आसान होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा सड़क का अंत नहीं है बल्कि जिंदगी को आगे बढ़ाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने इस बात को दोहराया कि परीक्षा नकल वीहीन कराने से शिक्षा व्यवस्था बेहतर होती है। 25 मंत्र के लिए पीएम का शुक्रिया प्रधानमंत्री मोदी पर लिखी गई किताब में 25 मंत्र लिखे गए हैं, जिसमे परीक्षा को पर्व की तरह से मनाने को कहा गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात के कार्यक्रम में छात्रों को परीक्षा से डरने की जरूरत नहीं बल्कि उन्हें अपनी पढ़ाई पर भरोसा रखते हुए बिना डरे परीक्षा में शामिल होना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह किताब बच्चों में परीक्षा के तनाव को कम करेगी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के 25 मत्रों को अनमोल रत्न बताते हुए इन रत्नों के लिए बधाई दी है।

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

code

उत्तर प्रदेश

बलिया के रहने वाले उपजिलाधिकारी की कोरोना से मौत, पंचायत चुनाव की ड्यूटी से लौटे थे

Published

on

बलिया : बलिया जिले के मूल निवासी बदायूं के सहसवान तहसील में उपजिलाधिकारी के पद पर तैनात किशोर गुप्ता का गुरुवार को बरेली के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया. कोरोना संक्रमण से पीड़ित रहे गुप्ता करीब 60 साल के थे.

जिलाधिकारी दीपा रंजन ने बताया कि किशोर गुप्ता सहसवान तहसील में उपजिलाधिकारी के पद पर तैनात थे. पंचायत चुनाव के दौरान वह कोविड से संक्रमित हो गए थे और उनका बरेली के राम मूर्ति स्मारक मेडिकल कॉलेज में उपचार किया जा रहा था. देर रात उन्हें सांस लेने में काफी परेशानी हुई और आज सुबह पांच बजे उनका निधन हो गया.

उप जिलाधकारी किशोर गुप्ता के निधन पर तहसील स्टाफ और अधिवक्ताओं ने शोक व्यक्त किया है. गुप्ता आगामी 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले थे.

Continue Reading

featured

CM योगी का आदेश, बलिया में वेंटिलेटर, L-3 बेड्स की सुविधा उपलब्ध कराई जाए

Published

on

 बलिया । कोरोना से लोगों के बचाव को लेकर उप्र की योगी सरकार अलर्ट मोड़ पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए सूबे में किए गए चिकित्सा प्रबंधों की रोज समीक्षा कर रहे हैं।

राज्य में रोजाना कितने लोग कोरोना की चपेट में आ रहे हैं और उनके इलाज के लिए जिलों में क्या क्या कदम उठाये जा रहे है  तथा प्रदेश में प्रतिदिन कितने लोगों ने टीकाकरण कराया, मुख्यमंत्री इसकी भी समीक्षा  रोज कर रहे हैं।

वहीं बलिया को लेकर सीएम योगी खास निर्देश दिया है सीएम ऑफिस के आफिसियाल ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया है कि बलिया में वेंटिलेटर व HFNC को फंक्शनल किया जाए तथा एल-3 बेड्स की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।  बात दें की बलिया में कोरोना के रोज औसतन 100 मरीज मिल रहे हैं , इसी को देखते हुए स्वास्थ विभाग को अलर्ट किया गया है ।

Continue Reading

featured

आरक्षण को लेकर असली पिक्चर अभी बाकी, नई सूची को सुप्रीम कोर्ट में दी गई चुनौती

Published

on

दिल्ली डेस्क : उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर पिक्चर अभी बाकी है. नई आरक्षण सूची जारी होते ही इसका मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. हाई कोर्ट के वकील अमित कुमार भदौरिया के मुवक्किल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. इसमें लखनऊ हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में  चुनौती दी गई है.

दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने पंचायत चुनाव में 2021 के आरक्षण फॉर्मूले को खारिज करते हुए 2015 के चक्रानुक्रम के आधार पर नए सिरे से सीटों के आवंटन व आरक्षण का आदेश दिया था.

हाईकोर्ट ने साफ  किया था कि प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए जारी की गई नई आरक्षण प्रणाली नहीं चलेगी बल्कि 2015 को आधार मानकर ही आरक्षण सूची जारी की जाए. अदालत ने राज्य सरकार को आरक्षण की कार्रवाई 27 मार्च तक पूरी करने को कहा था. हाईकोर्ट ने चुनाव की प्रक्रिया 25 मई तक पूरी कराने का आदेश भी दिया था.

Continue Reading

TRENDING STORIES