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बेल्थरारोड मार्केट में लगी आग के बीच शहर में देखने को मिली हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल!

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बलिया डेस्क: बेल्थरारोड शहर के मातादीन गली में बुधवार की तीन बजे शॉर्ट-सर्किट से लगी आग में चार दुकाने और उसमें रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। जिससे दुकानदारों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। बताया जाता है कि अगर रमजान का महिना नहीं होता तो नुकसान बड़ा हो सकता था।

दुकानों में आग देखकर सेहरी खाने के लिए उठे हुए कुछ लोगों ने आग और धुंए की लपटें देख तुरंत आसपास के लोगों को इकट्ठा किया और आग बुझाने में जुट गए।  रमजान का पहला दिन होने की वजह से मुस्लिम समुदाय के लोग भोर में  सहरी खाने के लिए उठ चुके थे। लोगों ने आग और धुएं की लपटें निकलती हुई देख ने शोर मचाया।

तत्काल आसपास के लोगों को इकट्ठा हो गए और 112 नंबर और अग्निशमन दल को फोन किया गया जिसके बाद अग्निशमन दल की गाड़ी मौके पर पहुंची। स्थानिय लोगों का कहना है कि अगर अग्निशमन दल समय से पहुचा होता तो दुकानों को बचाया जा सकता था। स्थानीय लोगों की शिकायत रही कि फायर ब्रिगेड को फ़ोन करनें पर टाल मटोल किया गया और कार्य के प्रति लापरवाही बरती गई, कई लोगों ने बलिया खबर को इसकी रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराई है, यदि समय पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी आ गयी होती तो शायद इतनी क्षति नहीं होती।

वहीं चौकी इंचार्ज आरके सिंह भी दलबल के साथ मौके पर पहुंच गये तत्परता पूर्वक स्थानीय लोगों के साथ आग बुझाने में जुट गये जिससे जल्द ही आग पर काबू पाया जा सका।

जानकारी के मुताबिक आग से चार दुकानें और उसमें रखा हुआ सारा सामान जलकर राख हो गया। जिन दुकानदारों की दुकानें जली हैं उनमें सब्जी विक्रेता भुनेश्वर प्रसाद, कपड़ा विक्रेता दयानंद , ओम प्रकाश, व हृदयानंद जिनकी जनल स्टोर की दुकान थी दुकान में रखा हुआ सब कुछ जल गया।

बताया जाता है कि स्थानिय लोगों ने तत्परता नहीं दिखाई होती तो आसपास की कई दुकानें आग की भेंट चढ़ चुके होते और व्यापक रूप से जन धन की क्षति होती। इस घटना ने वास्तव में हिन्दू- मुस्लिम एकता की एक नजीर पेश की हैं। अगर रामजान का पहला दिन नहीं होता तो, शायद लोग सहरी खाने नहीं उठते तो, इस बात से बिल्कुल इनकार नहीं किया जा सकता है कि आग की लपटे शहर के कई हिस्सों को चपेट में ले सकती थी। जिससे दुकानदारों को भारी नुकसान झेलना पड़ता।

 

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‘मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जे से नहीं है मंत्री का संबंध’, क्या फैलाई गई झूठी खबर?

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बलिया में चित्रगुप्त मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जा करने के विरोध में धरना-प्रदर्शन हुआ। भृगु मंदिर के निकट चित्रगुप्त मंदिर है। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जा होने का आरोप लगाया है। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के डॉ. दयाल शरण वर्मा के नेतृत्व में कब्जे के खिलाफ धरना हो रहा था।

अखिल भारतीय कायस्थ महासभ इस मुद्दे पर क्रमिक अनशन कर रही थी। इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमन्त्री और बलिया सदर के विधायक आनंद स्वरूप शुक्ला का नाम घसीटा जा रहा है। कहा जा रहा है कि आनंद स्वरूप शुक्ला के समर्थन से ही मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जा हुआ है। कुछ खबरिया चैनलों ने लिखा है कि मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला पर है। साथ ही अखिल भारतीय कायस्थ महासभा का क्रमिक अनशन आनंद स्वरूप शुक्ला के खिलाफ था।

भारत समाचार द्वारा इस मसले पर किए गए ट्वीट का स्क्रीनशॉट

भारत समाचार द्वारा इस मसले पर किए गए ट्वीट का स्क्रीनशॉट

इस मामले को समझने के लिए हमने धरना-प्रदर्शन में मुख्य भूमिका निभा रहे अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के दयाल शरण वर्मा से बातचीत की। उन्होंने बताया कि “हमारा धरना मंदिर परिसर की जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ था। ना कि मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला जी के खिलाफ। आनंद स्वरूप शुक्ला का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।”

दयाल शरण शर्मा ने बताया कि “आज नगर मजिस्ट्रेट आए थे। उन्होंने आश्वासन दिया है कि मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जा रोका जाएगा। लेकिन जो कब्जा कर रहा है वो रात के समय में अवैध निर्माण करा देता है। हालांकि हमने इसे लेकर आज नगर मजिस्ट्रेट को पत्रक सौंपा है।” बता दें कि भृगु मंदिर के पीछे चित्रगुप्त मंदिर है। मंदिर की जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर अवैध निर्माण करवा दिया है। जिसके खिलाफ क्रमिक अनशन हो रहा था।

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प्रियंका गांधी का ऐलान, कांग्रेस उतारेगी 40 फीसदी महिला प्रत्याशी, बलिया से इनका नाम?

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प्रियंका गांधी का ऐलान, कांग्रेस उतारेगी 40 फीसदी महिला प्रत्याशी, बलिया से इनका नाम?

मंगलवार को कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश चुनाव की प्रभारी प्रियंका गांधी ने लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। प्रियंका गांधी ने ऐलान किया है कि कांग्रेस पार्टी 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में चालीस फीसदी सीटों पर महिला प्रत्याशियों को टिकट देगी। बलिया जिले में कई महिला कांग्रेसी इस बार अपनी मेहनत अजमाने की तैयारी कर रही हैं। बलिया खबर ने प्रियंका गांधी की इस घोषणा पर बलिया के महिला कांग्रेस नेताओं से बातचीत की।

बलिया के सदर विधानसभा सीट से कांग्रेस की महिला नेता हैं पूनम पांडेय। पूनम पांडेय फिलहाल बलिया आशा संघ की जिलाध्यक्ष हैं। इससे पहले उत्तर प्रदेश के महिला कांग्रेस कमेटी की सचिव रह चुकीं पूनम पांडेय विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही हैं। पूनम पांडेय ने कहा कि प्रियंका गांधी के इस फैसले का बलिया में बड़ा असर देखने को मिलेगा।”

उन्होंने बताया कि “मैं खुद बलिया के नगर विधानसभा सीट(361) से दावेदारी पेश करने की तैयारी कर रही हूं। अगर चालीस फीसदी सीटों में मुझे भी मौका मिलता है बलिया से हमलोग एक बड़ा संदेश देने का काम करेंगे।” बता दें कि पूनम पांडेय बलिया के महिला कांग्रेस कमेटी की उपाध्यक्ष और प्रवक्ता भी रह चुकी हैं।

बलिया जिले के सदर विधानसभा सीट के अंतर्गत ही 2021 में जिला पंचायत सदस्य बनीं रेखा कवयित्री भी सक्रिय नेता हैं। रेखा कवयित्री 2022 के समर में उतरने की तैयारी कर रही हैं। 2021 के जिला पंचायत सदस्य चुनाव में रेखा कवयित्री कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी हैं। जिला पंचायत सदस्य के चुनाव के बाद बलिया कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से रेखा कवयित्री की मनमुटाव की बातें भी सामने आई हैं।

रेखा कवयित्री ने बलिया खबर से बातचीत में कहा कि “मैं अपनी तैयारी कर रही हूं। अगर कांग्रेस पार्टी टिकट देगी तो अपनी पूरी ताकत से चुनाव लड़ेंगे।” बलिया कांग्रेस के नेताओं से मनमुटाव के सवाल पर उन्होंने कहा कि “पार्टी के साथ मेरी कोई नाराजगी नहीं है। लेकिन जिले में कुछ ऐसे नेता जरूर हैं जो पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ रहे हैं।”

बलिया से कांग्रेस की पुरानी महिला नेता उषा सिंह भी विधानसभा चुनाव में उतरने की तैयारी कर रही हैं। बलिया खबर से बातचीत में उषा सिंह ने कहा कि “प्रियंका गांधी जी का फैसला ऐतेहासिक है। मैं बलिया के नगर विधानसभा सीट (361) से तैयारी कर रही हूं। हालांकि कई जगह मेरा नाम सदर विधानसभा सीट के लिए भी चलाया जा रहा है। लेकिन हम नगर सीट से तैयारी कर रहे हैं।”

उषा सिंह फिलहाल कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ की प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। इससे पहले उषा सिंह बलिया यूथ कांग्रेस जिला कांग्रेस कमेटी की जिला उपाध्यक्ष रह चुकी हैं। उषा सिंह का परिवार लंबे समय से कांग्रेस पार्टी से जुड़ा हुआ है। माना जा रहा है कि उषा सिंह की दावेदारी टिकट के लिए मजबूत है।

बलिया के बांसडीह विधानसभा सीट से सोनम बिंद चुनावी मैदान में उतरने का मन बना रही हैं। हमने फोन पर सोनम बिंद से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन बात नहीं हो सकी। जिले के छात्र नेता अतुल पांडेय बताते हैं कि “सोनम बिंद को राजनीति में आए ज्यादा वक्त नहीं हुआ है। लेकिन कम समय में ही उन्होंने क्षेत्र में ठीक-ठाक पकड़ बना ली है। बांसडीह में उनके खुब पोस्टर लगे हुए हैं।” अतुल के अनुसार “सोनम बिंद को उनकी जाति का अच्छा समर्थन मिलेगा और महिला उम्मीदवार के तौर पर एक बढ़िया विकल्प हो सकती हैं कांग्रेस के लिए।”

बता दें कि लखनऊ में प्रियंका गांधी ने आज कांग्रेस की पहली प्रतिज्ञा की घोषणा की। प्रियंका गांधी ने कहा कि हमने तय किया है कि “आने वाले चुनाव में कांग्रेस पार्टी चालीस प्रतिशत टिकट महिलाओं को देगी। हमारी प्रतिज्ञा है कि महिलाएं उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूरी तरह से भागीदार होंगी।”

देखने वाली बात होगी क्या कांग्रेस पार्टी बलिया के सात विधानसभा सीटों पर कितनी महिला प्रत्याशियों को टिकट देती है? सियासतगंज के सूरमाओं का कहना है कि अधर में लटकी हुई कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ी चाल चली है। प्रदेश में महिला मतदाताओं कि संख्या हालांकि यह फैसला कांग्रेस के लिए कितना कारगर साबित होता है यह चुनाव नतीजों से ही पता चलेगा।

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में उत्तर प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 14.12 करोड़ थी। पूरे प्रदेश में 6.44 करोड़ महिला मतदाता हैं। पुरुष मतदाताओं की संख्य 7.68 करोड़ थी। देखने वाली बात होगी कि कांग्रेस के चालीस फीसदी सीटों पर महिला प्रत्याशियों को टिकट देने के फैसला महिला मतदाताओं को कितना प्रभावित करता है?

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रसड़ा विधायक ने समझा बाढ़ पीड़ितों का दर्द, सदन में रखी मुआवजे की मांग

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बलिया में बाढ़ ने इस बार तबाही मचाई। कई खेत-खलिहानों को बाढ़ के पानी ने अपनी चपेट में ले लिया। कई खेतों में कटान होने लगा। फसलें पूरी तरह चौपट हो गई। जिससे किसान काफी परेशान है। अब किसानों की परेशानी को रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह ने समझा है। उन्होंने सोमवार को विधानसभा में नियम 51 के तहत टोंस की बाढ़ के कारण किसानों के फसल व आवास के नुकसान का मुआवजा देने की मांग रखी।

बसपा विधायक ने बाढ़ पीड़ितों की पीड़ा को सामने रखते हुए कहा कि बाढ़ ने कई लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त किया। विधानसभा क्षेत्र के सरायभारती, अतरसुहा, मुस्तफाबाद, कोप, खजुहा, वेसवान, तिराहीपुर, प्रधानपुर, फिरोजपुर, कोडरा, मिर्जापुर, लखुवा, जवनिया, सिलहटा, हजौली, लोहटा, सवरुपुर, बैजलपुर, संवरा आदि गांवों के अलावा खेतों में बाढ़ का पानी घुस गया। फसलें चौपट हो गई। सैंकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई। कई रिहायशी मकान ध्वस्त हो गए।

विधायक ने इन गांवों का 26 व 27 सितंबर को निरीक्षण किया था। उन्होंने बताया कि कई किसान आवास के अभाव में खुले आसमान में रहने को विवश हैं। उनके सामने भूखमरी की स्थिति आ गयी है। सरकार से मांगी की कि क्षतिपूर्ति का आंकलन कराकर तत्काल राहत उपलब्ध कराएं। इसी क्रम में विधायक ने नियम 301 के तहत बताया कि रसड़ा विस क्षेत्र में टोंस नदी के किनारे रिंग बांध, जो गाजीपुर जनपद को जोड़ते हुए बलिया तक बना है, उमसें पांच-पांच सौ मीटर का गैप हो गया है। इसी रास्ते बाढ़ का पानी गांवों में पहुंच रहा है। कई गांवों के अस्तित्व पर ही खतरा है। उमाशंकर सिंह ने अधूरे बंधे के गैप को बनाने के साथ साथ नदी किनारे ठोकर बनवाने की भी मांग की। बाढ़ प्रभावित लंबे समय से परेशान है। ऐसे में विधायक ने उनकी परेशानी को समझा है जिससे प्रभावितों के चेहरों पर हल्की मुस्कान आई है।

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