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बलिया- पाकिस्तान गई अंजू के ससुराल में पुलिस का पहरा ! गाँव वाले नाखुश

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पाकिस्तान से सीमा हैदर के भारत आने के बाद अब भारत से अंजू के पाकिस्तान जाने का मुद्दा सुर्खियों में है। फेसबुक दोस्त से मिलने राजस्थान के भिवाड़ी से पाकिस्तान गई अंजू बलिया की बहू है। अंजू का बलिया कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस पूछताछ कर रही है। वहीं खरगपुरा गांव के लोग अपने गांव की बहू के इस कदम से नाखुश हैं।

दरअसल फेसबुक दोस्त नसरुल्लाह से मिलने राजस्थान के भिवाड़ी से पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्ता गयी अंजू का पति अरविंद बलिया के रसड़ा तहसील क्षेत्र के खड़गपुरा गांव का रहने वाला है। ऐसे में रसड़ा पुलिस ने खड़गपुरा में पट्टीदारों, पड़ोसियों व गांव के अन्य लोगों से अरविंद और उसके परिवार के लोगों के बारे में जानकारी जुटायी। जिसको लेकर सीओ फहीम कुरैशी का कहना है कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर छानबीन की। पता चला है कि वे लोग लम्बे समय से यहां नहीं आए हैं।

अंजू की वजह से अब खरगपुरा गांव चर्चा में आ गया है, लेकिन यहां के लोग अपने गांव की बहू के इस कदम से नाखुश हैं। बलिया जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने मंगलवार को बताया कि अंजू के बारे में पुलिस से जानकारी ली जा रही है। रसड़ा के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) मोहम्मद फहीम कुरैशी ने बताया कि अरविंद मूल रुप से बलिया के रसड़ा थाना क्षेत्र में परसिया ग्राम सभा के खरगपुरा का निवासी है, लेकिन उसका परिवार राजस्थान में ही रहता है। अरविंद का जन्म पैतृक गांव में हुआ था और वह ईसाई धर्म स्वीकार कर चुका है।

उन्होंने बताया कि अरविंद के पिता शिवनाथ भिवाड़ी में काम करते थे और उसका अपने पैतृक गांव से कोई जुड़ाव नहीं रहा। 2014 के बाद से अरविंद कभी अपने पैतृक गांव नहीं आया। अंजू, अरविंद के साथ केवल एक बार अपने देवर अनूप की शादी में शामिल होने के लिए 2014 में खरगपुरा आई थी। रिश्ते में अंजू की सास लगने वाली सुभावती ने बताया कि अरविंद के पिता शिवनाथ और मां ललिता देवी की मौत हो चुकी है। और वह अंजू के पाकिस्तान जाने से दुखी हैं।

अंजू के पति अरविंद ने राजस्थान के भिवाड़ी में कहा कि उसकी पत्नी जयपुर जाने की बात कहकर घर से निकली थी लेकिन बाद में उसके पाकिस्तान में होने की जानकारी मिली। खरगपुरा गांव के एक अन्य व्यक्ति अरविंद ने कहा कि उसे अंजू के पाकिस्तान जाने की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली और उसे यह जानकर अच्छा नहीं लगा कि उसका गांव “गलत वजह से चर्चा में आ गया है। वहीं अंजू के पाकिस्तानी मित्र नसरुल्ला ने अंजू से प्रेम की खबर को नकार दिया और कहा कि अंजू वीजा अवधि पूरी होने पर 20 अगस्त को स्वदेश लौट जाएगी।

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ADRM निर्भय नारायण सिंह ने बलिया के सुरेमनपुर किया निशुल्क प्याऊ का उद्घाटन

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समाजसेवा के क्षेत्र में लगातार काम करने वाले बलिया के दुधैला निवासी ADRM निर्भय नारायण सिंह एक बार अपने मानवीय पहल के चलते चर्चाओं में हैं। निर्भय नारायण सिंह ने जिले के सबसे सुदूर और कोने में नदी किनारे स्थित चई छपरा सुरेमनपुर में निशुल्क प्याऊ का उद्घाटन किया।

उन्होंने बताया कि जीवन का उद्देश्य बड़ा घर, बड़ी गाड़ी, बड़ा प्लॉट ना होकर नर सेवा, समाजसेवा, जन सेवा होना चाहिए क्योंकि कहा भी गया है। नर सेवा ही सच्चा नारायण सेवा है। ईश्वर ने यदि आपको सामर्थ्य प्रदान किया है तो अपने क्षमता के अनुरूप जन कल्याण हेतु सदैव व्यक्ति को तत्पर रहना चाहिए।

इस मौके पर निर्भय नारायण सिंह ने अपने लक्ष्य के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि मुझे महीने दो महीने में जब भी दो चार दिन छुट्टी मिलती है, मेरा हमेशा से ये प्रयास रहता है कि मैं अपने गाँव समाज एवं क्षेत्र के लोगों के बीच जाकर उनके सुख दुख में शामिल हो सकू और कोशिश करता हूँ कि मैं लोगों के किसी काम आ सकूँ।

इस मौके पर ग्राम प्रधान मंतोष चौधरी, क्यूयुवा नेता भोली साहनी, शैलेश मिश्रा, विजय सिंह, विनोद पासवान, अनुज सिंह, अर्चित राय, रविरंजन सिंह मनु, संजय खरवार, सुशील सिंह, प्रदीप सिंह आदि प्रमुख लोगों के साथ सैकड़ो ग्रामीण उपस्थित रहें।

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बलिया के रतसर खेत में लगी आग, गेहूं की खड़ी फसल जलकर खाक

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बलिया के रतसर नगर पंचायत क्षेत्र के जिगनी मौजा में रविवार दोपहर आग लग गई। इस आगजनी की घटना में गेहूं के 35 बोझ जलकर खाक हो गए। इससे किसानों का काफी नुकसान हुआ है। आग लगने के सूचना दमकल की टीम को दी गई, लेकिन गलत पता नोट होने के चलते फायर ब्रिगेड की गाड़ी गड़वार थाने से सटे जिगनी खास में चली गई। इसके चलते आग पर काबू पाने में बहुत समय लग गया।

जानकारी के मुताबिक, रतसर नगर पंचायत क्षेत्र के जिगनी मौजा में रविवार की दोपहर अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई। इस आग की घटना में चलते जिगनी मौजा के किसानों के खेत की खड़ी फसल और खेत में रखे गेहूं के 35 बोझ जलकर खाक हो गए। वहीं, आग की लपटें नगर के तरफ ईश्वर के पोखरा पहुंची, इसमें कुछ किसानों की झोपड़ी और उसमें रखे गए दैनिक उपयोग के सारे सामान जल कर राख हो गए।

वहीं गलत पता नोट होने के चलते फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी समय पर नहीं पहुंच पाई। ग्रामीणों ने आग को बुझाने के लिए ट्यूवबेल का सहारा लिया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इधर आग पर काबू पाने में थाना गड़वार के कांस्टेबल विशाल और कांस्टेबल अभय का सराहनीय योगदान रहा।

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बलिया के फेफना स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर आंदोलन जारी, लोगों ने दी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

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बलिया में लगातार रेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है लेकिन जिले के फेफना जंक्शन रेलवे स्टेशन पर अभी तक एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव शुरू नहीं हो सका है। इसके चलते क्षेत्र के लोग काफी ज्यादा परेशान हैं और पिछले लंबे समय से वृहद स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। अब लोगों ने ट्रेनों का ठहराव नहीं तो वोट नहीं का नारा बुलंद कर लिया है और इसी तर्ज पर एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।

बता दें कि क्षेत्रीय संघर्ष समिति फेफना विगत जनवरी माह से फेफना जंक्शन रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित करने, फेफना-गड़वार मार्ग पर स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर उपरिगामी सेतु का निर्माण करने और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधाएं बहाल करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

क्षेत्रीय संघर्ष समिति फेफना के संयोजक जनार्दन सिंह ने आज पत्रकारों से बातचीत की और कहा कि
विगत 18 मार्च से फेफना जंक्शन रेलवे स्टेशन पर धरना प्रदर्शन प्रारंभ होना था, लेकिन लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद आंदोलन की रणनीति बदल दी गई। उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा चुने हुए नेता के ऊपर क्षेत्र की समस्याओं को दूर करने की जिम्मेदारी होती है। यदि वह एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव, उपरिगामी सेतू का निर्माण एवं वरिष्ठ नागरिकों की सुविधाओं जैसी हमारी छोटी मांगों के लिए भी नहीं लड़ता है तो वह हमारा जनप्रतिनिधि नहीं हो सकता।

स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव को लेकर मांगे कई बार स्टेशन मास्टर के माध्यम से रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को ज्ञापन दिया गया, लेकिन कोई सार्थक पहल नहीं हुई। ऐसे में फेफना जंक्शन रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं तो वोट नहीं का नारा बुलंद करते हुए वृहद स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि शासन प्रशासन अथवा जनप्रतिनिधि जब यह पक्का भरोसा देंगे कि रेल से संबंधित क्षेत्रीय जनता की मांगे पूरी होगी तो वोट दिया जाएगा। अन्यथा वोट का बहिष्कार होगा।

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