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बलिया- ब्लॉक प्रमुख की अधिकारी-कर्मचारी को नसीहत, समय से पहुचे दफ्तर

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बलिया। मुरली छपरा विकासखंड के नवनिर्वाचित लॉक प्रमुख कन्हैया सिंह विकासखंड का विकास तेजी से करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। जिसके लिए अब उन्होंने अधिकारी और कर्मचारियों को ब्लॉक मुख्यालय पर उपस्थित रहने को कहा है। साथ ही वह पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी गंभीर हैं। उन्होंने अधिकारियों से ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण कराने को कहा है। विकासखंड मुरली छपरा के नवनिर्वाचित ब्लॉक प्रमुख कन्हैया सिंह ने विकासखंड पर उपस्थित होकर विकासखंड के सभी कर्मचारियों को उन्होंने बताया कि एपीओ, सचिव, एडीओ पंचायत, ग्राम रोजगार सेवक सहित जितने भी कर्मचारी है।

ब्लॉक मुख्यालय पर प्रत्येक कार्य दिवस को 10.30 बजे से 12.30 बजे तक ब्लॉक मुख्यालय पर अवश्य उपस्थित रहेंगे। 2.30 से 4.30 बजे तक ग्राम सभाओं का भ्रमण कर उसके विकास एवं तरक्की के विषय में कार्ययोजना तैयार करेंगे और ग्राम सभा के पंचायत भवन पर उपस्थित रहेंगे। जिससे कि गांव के लोगों का छोटा से छोटा कार्य आसानी से हो सकें।
ब्लॉक प्रमुख ने शौचालय और जल निकासी का कार्य जल्द कराने की बात कही है। साथ ही उन्होंने पौधारोपण पर जोर दिया।

कहा कि पौधे लगाओ अभियान में तेजी लाएं। खंड विकास अधिकारी से उन्होंने अनुरोध किया कि जहां भी पौधारोपण हो चुका है और कुछ पौधे सुख गए हैं उसको तत्काल निकाल कर नए वृक्ष का रोपण कराया जाए। जिससे कि प्रकृति का संतुलन बना रहे।

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कबूतरों की तस्करी कर रहा बलिया का युवक गिरफ्तार, 46 कबूतर बरामद

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मथुरा में जीआरपी- आरपीएफ ने ट्रेन में सफेद कबूतरों के साथ युवक को गिरफ्तार किया। युवक बलिया का रहने वाला है। जिसकी पहचान धर्मेंद्र कुमार पुत्र देवनाथ निवासी ग्राम नारायनगढ़ के रुप में हुई है। पुलिस ने आोरपी की तलाशी ली दो गत्तों के डिब्बे मिले।

जिन्हें खोला तो इसमें सफेद रंग के 46 कबूतर मिले। जीआरपी प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार ने बताया कि धर्मेंद्र कुमार कबूतरों को अमृतसर पंजाब से लेकर आया था। वह कबूतरों को शिकार के शौकीन लोगों को बेचने का काम करता है। यह बात उसने पूछताछ में स्वीकार की है। बरामद हुए कबूतरों को वन विभाग की टीम के हवाले कर दिया।

डीएफओ रजनीकांत मित्तल ने बताया कि कबूतरों को कैद रखना गैर कानूनी है। यह अधिनियम के ह शेड्यूल-4 के तहत प्रतिबंधित है। जीआरपी ने जो कबूतर बरामद किए हैं वे वह हमें सौंप दिए गए है। हम उन्हें सुरक्षित रखेंगे। तारीख पर न्यायालय में पेश करेंगे। न्यायालय के आदेश के बाद सभी कबूतरों को सुरक्षित वन्य क्षेत्र में कबूतरों को छोड़ दिया जाएगा।

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बलिया के इन इलाकों में खुलेंगे 11 स्वास्थ्य उपकेंद्र, ग्रामीण स्तर पर ही मिल सकेंगी स्वास्थ्य सेवाएं

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बलिया में ग्रामीण अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएंगी। इसके लिए चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के निर्देश के तहत स्थानीय तहसील क्षेत्र में कुल 11 नए स्वास्थ्य उपकेंद्र बनाए जाएंगे। इन स्वास्थ्य केंद्रों में सुरक्षित प्रसव, शिशु देखभाल, टीकाकरण, परिवार नियोजन, बीमारियों का उपचार, गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, मानसिक, नाक, कान, आंखों का उपचार व आकस्मिक ट्रामा सेवाएं मिलेंगी।

जिससे ग्रामीणों को इलाज के लिए जिले तक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। उन्हें ग्रामीण स्तर पर ही इलाज मिल सकेगा। शासन की योजना के मुताबिक नवानगर व पंदह ब्लाक के चार-चार तथा मनियर ब्लाक के तीन गांव शामिल हैं। इसके लिए जमीन तलाशने को कहा। जिन क्षेत्रों में उप स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाएंगे उनमें नवानगर के सिकिया, भीमहर, बिहरा, भरथांव, पंदह गौरी, किकोढा, लखनपार व उससा और मनियर के बहादुरा, निपनिया, पुरुषोत्तम पट्टी शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि इन गांवों में यथाशीघ्र जमीन की तलाश कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाए। गया है। शासन से निर्देश मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग तैयारियों में जुट गया है। वहीं राजस्व विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है। एसडीएम अखिलेश कुमार का कहना है कि  5 तहसील क्षेत्र में बनने वाले 11 नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी है। इसमें स्वास्थ्यविभाग की टीम द्वारा लेखपाल व ग्राम प्रधान का सहयोग लिया जा रहा है। इन उपकेंद्रों के बन जाने से लोगों को आसपास ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

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टशन में रह गए बलिया के बड़े अधिकारी और दिनदहाड़े हो गया खेल!

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बलिया में अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता बेहद ही संवेदनशील मामला उजागर हुआ है। जहां एक आरोपी ने न सिर्फ़ अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकी बल्कि फर्जी अधिकारी बनकर अधिकारियों के साथ ही छापामार कार्रवाई की। इस कार्रवाई में कुछ व्यापारियों को गिरफ्तार भी किया गया। अब व्यापारी फर्जी अधिकारी के साथ मौजूद अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

नाम बदलकर पैसा ऐंठता है आरोपी- बता दें कि जड़ी बूटी विक्रेता पारसनाथ गुप्ता, रोशन कुमार पटेल, संदीप कुमार, संजीव कुमार और अनिल कुमार को वन विभाग ने बीते 18 और 19 सितंबर को छापा मारके आपत्तिजनक सामग्री बेचने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस बीच पीड़ित परिजनों को हरियाणा के जिंद जिले के एसपी ने फोन कर बताया कि आप लोगों की दुकानों पर छापेमारी के दिन जो वन अधिकारी बनकर गया था। वे कोई अधिकारी नहीं बल्कि फर्जी आदमी है।

अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग- आरोपी दीपक की इसके पहले कई जगह गिरफ्तारी भी हुई है। बीते दिनों अयोध्या में भी उसकी गिरफ्तारी हुई थी। हर जगह वे अपना नाम बदल कर घटना को अंजाम देता है, फिर पैसा ऐंठकर फुर्र हो जाता है। यह खबर आग की तरह व्यापारियों में फैलते ही व्यापारियों ने ओकडेगंज पुलिस चौकी के सामने चक्काजाम कर दिया। शनिवार को कलेक्ट्रेट में भी प्रदर्शन किया। और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।

सवालों में प्रशासन- सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस दिन दीपक फर्जी वन अधिकारी बनकर छापेमारी करने आया था उस दिन साथ में डीएफओ, सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी भी जांच के दौरान मौजूद थे। क्या किसी की आंखें फर्जी वन अधिकारी को नहीं पहचान पाई। जबकि पुलिस को स्कैनिंग करने की खास ट्रैनिंग दी जाती है। बावजूद जिस तरह दीपक ने सबकी आंखों में धूल झोंका है। उससे यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि डीएफओ, सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी अपने पद के काबिल नहीं है।

जिले में शिवम ठाकुर बनकर दिया घटना को अंजाम –  बता दें कि फर्जी वन अधिकारी का असल नाम दीपक है। जबकि 18 और 19 सितंबर को जिस दिन चौक में छापेमारी हुई थी, उस दिन दीपक अपना नाम शिवम ठाकुर बताया था। इतना ही नहीं डीएफओ के पास भी जो दस्तावेज दिए उसमें वे शिवम ठाकुर ही बताया। लेकिन अधिकारियों ने दस्तावेज का वेरिफिकेशन नहीं किया। 

पहले से मामले हैं दर्ज-  उसके ऊपर पहले से ही 420 ई ब्लैक मेलिंग के मुकदमे दर्ज हैं। जब इस बात की सूचना बलिया मे पहुंची तो अधिकारियों में हड़कंप मच गया। वही व्यापार मंडल ने इस मामले को डीएम के समक्ष रखकर व्यापारियों की रिहाई और संलिप्त अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। अब सवाल यह है कि जालसाज इतनी बड़ी साजिश को स्थानयी पुलिस और अधिकारियों के सामने अंजाम देता हैं और किसी को इसकी भनक तक नहीं पड़ती।

रिपोर्ट- तिलक कुमार 

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