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सीबीआई बनाम ममता पर जनता ने हिला दिया, लगाना था तो 4 साल पहले…

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दोस्तों जैसा कि आप देख रहे हैं कि पश्चिम बंगाल में सीबीआई वर्सेस ममता बनर्जी की लड़ाई चल रही है यानी कि एक तरफ ममता बनर्जी की सरकार है और उनके कमिश्नर है और एक तरफ सीबीआई है और जिस तरह से पुलिस अधिकारियों द्वारा सीबीआई के अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है और अब यह मामला धीरे-धीरे राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है अब यह मामला वहां से चलकर संसद तक आ गया है संसद में भी हंगामा हुआ और वहां भी कार्रवाई पूरी तरीके से ठप हो गई है ममता बनर्जी पूरी तरह से मोदी सरकार के खिलाफ आ गई है और सीबीआई के खिलाफ आ गई है लेकिन दोस्तों इस पर देश की जनता क्या सोचती है.

यह जो मामला चल रहा है सीबीआई और ममता बनर्जी के बीच इस पर देश की जनता क्या सोचती है क्या ये और राजनीतिक दलों को परेशान करने के लिए किया जा रहा है या फिर यह वाकई में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई है मोदी सरकार की।आइए जानते हैं कि जनता क्या सोचती है दोस्तों इसी बीच लोगों से सवाल किया गया कि यह जो चीज आप देख रहे हैं सीबीआई वर्सेज ममता बनर्जी इसको आप किस नजरिए से देखते हैं क्या यह मोदी सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई है.

तो जवाब में उस शख्स ने कहा कि अगर यह मोदी सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई है तो आज तक मोदी सरकार कहां थी 5 साल के कार्यकाल में मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कुछ नहीं किया और आज अचानक से भ्रष्टाचार की याद आ गई जब चुनाव करीब आया तो क्यों मोदी को भ्रष्टाचार याद आ गया और जितनी भी पार्टियों के पीछे यही इंक्वायरी बैठा रहे हैं.

यह अपनी सरकार के पीछे इंक्वायरी क्यों नहीं बैठलते है उन पाटिया भी इन पर आरोप लगाती है जैसे राफेल का मामला है और कुंभ मेले के बजट का मामला जिसमें उन्होंने दिखाया है कि उन्होंने कुंभ मेले पर इतना बजट दिया है और एजुकेशन पर इनका बजट कम होता है जबकि आज युवाओं को सबसे ज्यादा एजुकेशन की जरूरत है।। आगे देखें वीडियो में।।

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1947 से 5 साल पहले, आज ही के दिन बांसडीह तहसील को मिली थी आज़ादी!

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बलिया डेस्क : आज 17 अगस्त है, बलियावासियों के लिए गौरव का दिन। आज ही के दिन बलिया की एक तहसील आज़ादी से पांच साल पहले अंग्रेज़ों की ग़ुलामी से आज़ाद हो गई थी। हम बात बांसडीह तहसील की कर रहे हैं, जिसे 17 अगस्त 1942 को गजाधर शर्मा के नेतृत्व में तकरीबन 20 हज़ार किसानों-नौजवानों की टीम ने अंग्रेज़ी हुकूमत से आज़ाद करा लिया था।

वीर सेनानियों की इस टीम में सकरपुरा के वृंदा सिंह, चांदपुर के रामसेवक सिंह और सहतवार के श्रीपति कुंअर भी शामिल थे। बताया जाता है कि सेनानियों की टीम ने तहसील पर कब्ज़े की तैयारी इतनी खामोशी के साथ की थी कि इसकी भनक अंग्रेज़ी हुकूसत को भी नहीं लग सकी थी। 17 अगस्त की सुबह होते ही तकरीबन 8 बजे सेनानियों की एक टोली ने तहसील और थाने को चारों तरफ़ से घेर लिया। सेनानियों की तादाद और उनके देश प्रेम के जज़्बे को देखकर तहसीलदार और थानाध्यक्ष ने सरेंडर कर दिया।

जिसके बाद सेनानियों का तहसील और थाने पर कब्ज़ा हो गया। बलिया ख़बर से बातचीत में कॉमरेड प्रणेश सिंह  एक किताब का हवाला देते हुए बताते हैं कि तहसील और थाने पर कब्ज़े के बाद सेनानियों ने वहां के ख़ज़ाने को अपने कब्ज़े में ले लिया और उसी खज़ाने से कर्मचारियों को एक महीने का वेतन देकर उन्हें 24 घंटे के भीतर बलिया छोड़ने को कहा।

तहसील पर कब्ज़े के बाद तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष गजाधर शर्मा को तहसीलदार बना दिया गया और इसी के साथ सेनानियों ने स्वदेशी सरकार की स्थापना भी कर दी। प्रणेश बताते हैं कि तहसीलदार बनने के बाद गजाधर शर्मा ने दो बड़े केस पर पंचायती राज के तहत फैसला सुनाया था। जिसमें कोरल क्षेत्र का एक खानदानी मुकदमा था और एक नरतिकी से लूट का केस था।

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बलियाः रोचक पत्र लिख सुर्खियों में आए कांस्टेबल की छुट्टी स्वीकृत

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बलियाः ‘साहब शादी को 7 महीने हो गए हैं, अभी तक कोई खुशखबरी नहीं मिली है। खुशखबरी के लिए 15 दिन की छुट्टी चाहिए।’ यह अनोखा आवेदन देकर अधिकारियों से छुट्टी मांगने वाले कांस्टेबल का आवेदन स्वीकार हो गया है। विभाग की तरफ से कांस्टेबल को अवकाश दे दिए गए हैं।

बता दें कि बलिया में डायल 112 में तैनात कांस्टेबल ने 28 जुलाई को अनोखी एप्लीकेशन अधिकारी को सौंपी थी। सिपाही ने लिखा है, “प्रार्थी की शादी को 7 महीने हो गए हैं, अभी तक कोई खुशखबरी नहीं मिली है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा ली है। अब उनके (पत्नी) साथ रहना है। इसलिए घर जाना होगा। निवेदन है कि मुझको 15 दिवस की छुट्‌टी देने की कृपा करें।”

पुलिसकर्मियों को बहुत कम ही मौके पर छुट्टियां मिल पाती हैं। बड़े-बड़े तीज त्यौहारों पर भी पुलिसकर्मी ड्यूटी करते हैं। वहीं बार्डर स्कीम लागू होने से पुलिसकर्मी परिवार से दूर रहते हैं। अपर पुलिस अधीक्षक दुर्गा प्रसाद तिवारी का कहना है, छुट्‌टी लेना हर किसी का अधिकार है। कभी-कभार त्योहार पर आपात स्थिति को छोड़कर अन्य समान्य दिनों में छुट्टी देने में कोई दिक्कत नहीं होती है। कांस्टेबल की इस एप्लीकेशन के बारे में जानकारी नहीं है।

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बलिया- इन खेलों के खिलाडि़यों को मौका, इस दिन होगा ट्रायल

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बलिया। यह खबर खेल जगत से जुड़ी है। हास्टल में रहकर खेल की तैयारी करने का सपना संजोए खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर है। उन्हें एक बार फिर से हास्टल के लिए ट्रायल देने का मौका मिल रहा है। ट्रायल में सफल होने वाले खिलाड़ी विशेष प्रशिक्षकों द्वारा स्टेडियम में वर्ष भर प्रशिक्षित किए जाएंगे। उन्हें विश्वस्तरीय सुविधाएं देकर उनकी प्रतिभा को निखारा जाएगा। साथ ही उन्हें विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का मौका भी मिलेगा।

उप क्रीड़ा अधिकारी अजय प्रताप साहू ने बताया है कि वर्ष 2022-23 में आवासीय क्रीड़ा छात्रावास में प्रवेश हेतु आयोजित किये गये केन्द्रिय प्रशिक्षण शिविरों के अंतिम चयन / ट्रायल्स उपरान्त प्राप्त मेरिट सूची के अनुसार खिलाड़ियों का प्रवेश हास्टल में किये जाने के बाद भी कुछ खेलों में रिक्त रह गये स्थानों के दृष्टिगत बालिका वर्ग में टेबल-टेनिस, बास्केटबाल एवं तीरंदाजी तथा बालक वर्ग में कबड्डी खेल के राज्य स्तरीय कम्बाइन्ड चयन / ट्रायल्स दिनांक 14 एवं 15 जुलाई, 2022 को के०डी०सिंह बाबू स्टेडियम, लखनऊ में प्रातः 07:00 बजे से किया जायेगा।

जिला स्तरीय बालिका वर्ग में टेबल-टेनिस, बास्केटबाल एवं तीरंदाजी तथा बालक वर्ग में कबड्डी खेल हेतु चयन/ट्रायल का आयोजन दिनांक 08 जुलाई, 2022 को वीर लोरिक स्पोर्ट्स स्टेडियम, बलिया में प्रातः10.00 बजे से किया जायेगा। दिनांक 01 अप्रैल, 2022 को 15 वर्ष से कम आयु के खिलाड़ी उपरोक्त चयन/ट्रायल में प्रतिभाग कर सकते हैं। जिला स्तर पर चयनित खिलाड़ी दिनांक 12 जुलाई, 2022 को सुखदेव पहलवान स्टेडियम, आजमगढ़ में आयोजित मण्डलीय चयन/ट्रायल्स में प्रतिभाग करेंगे।

चयन / ट्रायल्स में भाग लेने के इच्छुक बालक / बालिका निर्धारित तिथियों में चयन/ट्रायल्स प्रारम्भ होने से पूर्व अपना आवेदन पत्र उपरोक्त समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर जिला खेल कार्यालय, स्पोर्ट्स स्टेडियम बलिया में जमा करके चयन/ट्रायल्स में भाग ले सकते हैं। आवासीय क्रीड़ा छात्रावास खेल निदेशालय उ०प्र० द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण योजना है । इसके अन्तर्गत प्रदेश स्तर पर चयनित खिलाड़ियों को आवासीय क्रीड़ा छात्रावासों में प्रवेश देकर विभिन्न खेलो मे नियमित रूप से खेलों के विशेष प्रशिक्षण के साथ ही पढ़ाई, आवास, भोजन, चिकित्सा आदि की सुविधा भी उपलब्ध करायी जाती है।

जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश के विभिन्न खेल छात्रावासों में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओ में सराहनीय प्रदर्शन करते रहे हैं। आवासीय क्रीड़ा छात्रावास में प्रवेश हेतु चयन / ट्रायल्स से सम्बन्धित अधिक जानकारी हेतु जिला खेल कार्यालय, बलिया में किसी भी कार्य दिवस में सम्पर्क किया जा सकता है।

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