Connect with us

बलिया स्पेशल

बलिया- सिपाही से डिप्टी कलेक्टर बने श्याम बाबू के जाति प्रमाणपत्र पर विवाद !

Published

on

बलिया के बैरिया तहसील के अंतर्गत आने वाले इब्राहिमाबाद गांव के श्याम बाबू ने पीसीएस-2016 में अभ्यर्थी के रूप में 52वीं रैंक हासिल की थी तो मानो बलिया में बच्चा-बच्चा चहक उठा था और मीडिया से लेकर सोशल मीडिया पर खूब वाहवाही मिली थी। लेकिन अब वही श्याम बाबू मुश्किल में फसते नज़र आ रहे हैं।

खबर के मुताबिक डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित कांस्टेबल श्याम बाबू के जाति प्रमाणपत्र को लेकर विवाद खड़ा हा गया है।

श्याम बाबू की ओर से अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र लगाया गया था, जिसे जांच के बाद अवैध करार दिया गया है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि श्याम बाबू का जाति प्रमाणपत्र शासनादेश का उल्लंघन करते हुए जारी किया गया है।

श्याम बाबू वर्ष 2005 में यूपी पुलिस में भर्ती हुए थे। प्रयागराज स्थित पुलिस मुख्यालय में तैनाती के दौरान उन्होंने पीसीएस परीक्षा की तैयारी की और इस साल 22 फरवरी को जारी पीसीएस-2016 के परिणाम में श्याम बाबू का डिप्टी कलेक्टर के पद पर अंतिम रूप से चयन हो गया।

इस बीच उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग आयोग (यूपीपीएससी) को शिकायतें मिलीं कि कुछ अभ्यर्थियों की ओर से गोंड, नायक जाति के अनुसूचित जनजाति के फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर आरक्षण का लाभ लिया जा रहा है। इस पर आयोग से अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों की ओर से दिए गए जाति प्रमाणपत्रों की संबंधित जिलों में जांच कराई।

श्याम बाबू पुत्र धर्र्मनाथ राम बलिया में बैरिया तहसील के इब्राहिमाबाद उपरवार के रहने वाले हैं। बलिया के डीएम के निर्देश पर बैरिया के तहसीलदार ने श्याम बाबू की ओर से प्रस्तुत किए गए गोंड जाति के अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र की जांच की और जांच में पाया कि श्याम बाबू का जाति प्रमाणपत्र वैध नहीं है।

इससे पूर्व तहसीलदार ने श्याम बाबू को नोटिस भेजकर जवाब भी मांगा था। श्याम बाबू ने जवाब दिया कि उनके पूर्वजों के पास जमीन नहीं थी, सो उन्होंने अपने गोन्हियाछपरा निवासी परमानंद साह की 1359 फसली की खतौनी लगा दी।

तहसीलदार की ओर से डीएम को दी गई जांच रिपोर्ट में कहा गया कि उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय द्वारा कई मामलों में यह विधि व्यवस्था प्रतिपादित की गई है कि किसी व्यक्ति की जाति का निर्धारण उसके पिता से होता है, रिश्तेदारों की जाति से नहीं।

इसके अलावा श्याम बाबू ने अपनी जाति (गोंड) के संबंध में जो प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए हैं, वे शासनादेश के आधारों को पूर्ण नहीं करते हैं।

ऐसे में जाति प्रमाणपत्र शासनादेश के अनुसार वैध नहीं है। इस बारे में यूपीपीएससी के सचिव जगदीश का कहना है कि जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट मिलने के बाद आयोग इस पर निर्णय लेगा।

अपनी राय हमें  balliakhabar@gmail.com के जरिये भेजें.

फेसबुक ट्विटर और यूट्यूब पर हमसे जुड़ें.

बलिया स्पेशल

बलिया में एक साथ 13 अभियुक्तों पर जिला बदर की कार्रवाई, मचा हड़कंप!

Published

on

बलियाः बलिया जिले में इन दिनों खूब जिला बदर की कार्रवाई हो रही है। बुधवार को जिला मजिस्ट्रेट अदिति सिंह ने गुण्डा एक्ट अधिनियम के तहत 13 लोगों को छह महीने के लिए जिला बदर किया है। वहीं 3 लोगों पर इस अधिनियम के तहत कार्यवाही करने के लिए जारी कारण नोटिस वापसी की कार्यवाही की है। जिसके बाद जिले में हड़कंप मचा गया है।

जिलाधिकारी ने जिन लोगों को जिला बदर किया है उनमें, मुलायम यादव पुत्र ध्रुप यादव निवासी भरवलिया थाना खेजुरी, रंजीत राजभर पुत्र बिरबल राजभर निवासी पाण्डेय का पोखरा कस्बा बांसडीह थाना बांसडीह, सोनू उर्फ शाहिल पुत्र परमात्मा सिंह निवासी छोटकी सेरिया थाना बांसडीह, पंकज यादव उर्फ रितेश पुत्र जगलाल यादव निवासी श्रीनगर थाना रेवती, सुनील राम पुत्र विजय कुमार राम सा0 प्रबोधपुर थाना हल्दी, छोटेलाल पुत्र परसन निवासी सुखपुरा थाना सुखपुरा, धर्मेन्द्र सिंह पुत्र पंचानन्द सिंह निवासी पिपरापट्टी थाना पकडी, कमलेश राजभर पुत्र मिठाईलाल निवासी भेडौरा थाना उभांव जनपद बलिया, गौतम सिंह पुत्र विधाता सिंह निवासी ग्राम आलेख टोला थाना बैरिया, मुकेश साहनी

पुत्र इकबाल साहनी निवासी बसन्तपुर थाना सुखपुरा, अविनाश उर्फ कल्लू पुत्र जनार्दन यादव निवासी बिठुवा थाना उभांव, छटठू यादव पुत्र रामसागर यादव निवासी ग्राम शिवरामपुर थाना बांसडीह, सोनू सिंह पुत्र सन्तोष सिंह उर्फ मुन्ना सिंह निवासी ग्राम प्रधानपुर थाना रसड़ा शामिल हैं। वहीं मेराजुद्दीन उर्फ बकरीद पुत्र छोटक कुरैशी निवासी गंधी कस्बा सिकन्दरपुर थाना सिकन्दरपुर, अशरफ कुरैशी पुत्र छोटक कुरैशी निवासी गंधी कस्बा सिकन्दरपुर थाना सिकन्दरपुर, अबरार पुत्र छोटक कुरैशी निवासी गंधी कस्बा सिकन्दरपुर थाना सिकन्दरपुर के खिलाफ जारी कारण बताओ नोटिस वापस लेने का निर्णय जिला मजिस्ट्रेट अदिति सिंह ने लिया है।

Continue Reading

बलिया स्पेशल

बलिया में 11 दिसंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, प्रचार गाड़ी रवाना

Published

on

बलिया। उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया के तत्वाधान में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन दिनांक 11 दिसम्बर 2021 को किया जाना है। जिसके व्यापक प्रचार-प्रसार और जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिये नवागत माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, विक़ार अहमद अंसारी की अध्यक्षता में सभी न्यायिक अधिकारीगण की एक आवश्यक बैठक आहूत की गयी।

इस बैठक में राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व एवं उपयोगिता पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई।माननीय जिला न्यायाधीश द्वारा लोक अदालत के कार्य पारदर्शिता और व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु एक प्रचार वैन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। उक्त प्रचार वैन का उद्देश्य जन-जन तक राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व को बताना है तथा जनसामान्य को यह बताना है कि वह अपने किस तरह के मामलें को राष्ट्रीय लोक अदालत में लगाकर, सस्ता व सुलभ न्याय प्राप्त कर सकते है। जनपद बलिया के समस्त लोगो से यह अपेक्षा की जाती है कि वह अपने मामलों के त्वरित न्याय के लिये सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दीवानी न्यायालय परिसर बलिया से सम्पर्क कर सकते है।

Continue Reading

बलिया स्पेशल

बलिया DM के निरीक्षण में क्रय केंद्र मिला बन्द, डिप्टी आरएमओ व प्रभारी का रोका वेतन

Published

on

बलिया DM के निरीक्षण में क्रय केंद्र मिला बन्द, डिप्टी आरएमओ व प्रभारी का रोका वेतन

बलिया: जिलाधिकारी अदिति सिंह ने सोमवार को रसड़ा क्षेत्र के तीन धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान एक क्रय केंद्र संचालित नहीं होने पर क्रय केंद्र प्रभारी के साथ जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी का भी वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने का आदेश दिया है। उन्होंने अन्य केंद्रों पर मिली कमियों को भी सुधारने की चेतावनी दी है। एडीएम, सभी एसडीएम व खरीद से जुड़े अधिकारियों को लगातार क्रय केंद्रों का निरीक्षण करते रहने का निर्देश दिया है।

जिलाधिकारी क्रय केन्द्र मण्डी समिति रसड़ा पर पहुंचीं। वहां धान खरीद से सम्बन्धित उपकरण नहीं पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। केन्द्र प्रभारी के आईडी-पासवर्ड आदि की भी जानकारी नहीं थी। 18 नवम्बर से ही किसानों का पंजीकरण करने के बाद भी प्रभारी किसी भी किसान के धान का नमूना मँगाकर नमी मापक यन्त्र के माध्यम से यह देखा नहीं कि धान क्रय योग्य है अथवा नहीं। साथ ही अब तक इस केन्द्र पर किसी भी किसान का धान खरीद नहीं हुई पाई गई। किसानों के लिए कोई मूलभूत सुविधाएं भी वहां नहीं थी। इस पर डीएम ने नाराजगी जाहिर की।

मंडी समिति रसड़ा के विपणन शाखा के केन्द्र पर भी खरीद के प्रति कोई सार्थक प्रयास नहीं पाया गया। इस पर क्रय केन्द्र प्रभारी मण्डी निरीक्षक एवं मंडी समिति रसड़ा के सचिव का वेतन रोकने का आदेश दिया है। साथ ही तत्काल धान की खरीद शुरू करने का निर्देश दिया। चीनी मिल परिसर में संचालित होने वाले क्रय केंद्र पर न तो कोई बोर्ड मिला और न ही कोई उपस्थित था।

अब तक यह क्रियाशील ही नहीं हुआ है। इस पर नाराजगी जताते हुए जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी तथा केंद्र प्रभारी का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने का आदेश एडीएम को दिया। उन्होंने अपर जिलाधिकारी, सभी एसडीएम व जिला खाद्य विपणन अधिकारी को निर्देश दिया है कि तत्काल सुधार लाते हुए धान खरीद की प्रगति को बढ़ाया जाए। सभी अधिकारी फील्ड में उतरकर केंद्रों का निरीक्षण करते रहें।

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!