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बलिया स्पेशल

विवि के छात्रों के लिए बड़ी ख़ुशख़बरी, अब चन्द्रशेखर नीति पर भी अध्ययन-शोध कर सकेंगे

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बलिया की पहचान पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के नाम से है। जननायक के नाम से मशहूर पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के नाम से बलिया में विश्वविद्यालय की स्थापना पहले ही की जा चुकी है। जहां हजारों छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं।लेकिन अब जिले में जननायक चंद्रशेखर विश्विद्यालय में शोध के नये अवसर पैदा करने और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जनपद की शैक्षणिक पहचान कायम करने के लिए “चंद्रशेखर नीति अध्ययन केंद्र एवं शोध पीठ की स्थापना की गयी है।यह केंद्र आधुनिक शिक्षा के लिए नए मानक तय करेगा, क्योंकि इसके केंद्र में ऐसा व्यक्तित्व है, जिनके व्यक्तित्व में गांधी-लोहिया के साथ कबीर-नागार्जुन एवं हजारी प्रसाद द्विवेदी जैसे विद्वानों की सोच है।

यह जनपद के लिए बहुत गर्व का क्षण है कि 30 जून को विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो कल्पलता पाण्डेय की अध्यक्षता में प्रथम ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित हुआ। इसमें बतौर मुख्य वक्ता जयप्रकाश विश्विद्यालय के पूर्व कुलपति, छपरा के प्रो. हरिकेश सिंह मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरूआत में इस नवनिर्मित शोध पीठ के निदेशक डॉ. अशोक कुमार सिंह ने अध्ययन केंद्र के लक्ष्यों एवं विस्तृत उद्देश्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की।उन्होंने केंद्र के बारे में बताते हुए कहा कि, इस शोध पीठ के मुख्य रूप में दो भाग हैं।

इसका पहला भाग चन्द्रशेखर के व्यक्तित्व-कृतित्व एवं उनके सामाजिक विचारों को समाहित किये हुए है। तो दूसरा भाग भोजपुरी भाषा एवं लोक साहित्य को समर्पित है।इनमें सामाजिक-राजनैतिक चुनौतियों के साथ ही 21वीं सदी में प्रासंगिक संबंधित नीतियों को मूल्यांकन एवं शोध का आधार बनाया जायेगा। इससे निःसंदेह शोध के नये-नये अवसर उपलब्ध होंगे।इस शोध पीठ के लिए नामित सदस्यों में हरिबंश नारायण सिंह (उप सभापति, राज्यसभा), नीरज शेखर (सांसद), राम बहादुर राय (अध्यक्ष, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र) हैं।

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बलिया: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के खिलाफ शिक्षकों का हल्ला बोल, उत्पीड़न का आरोप?

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बलिया में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के खिलाफ प्राथमिक शिक्षक संघ ने धरना दिया।

बलिया में इन दिनों दिनों शिक्षकों के विरोध-प्रदर्शन ने माहौल गरमाया हुआ है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के खिलाफ शिक्षक संघ लगातार आक्रामक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को प्राथमिक शिक्षक संघ के नेतृत्व में एक बार फिर बड़े स्तर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के परिसर में धरना हुआ। शिक्षकों ने जिला बेसिक शिक्षक अधिकारी पर घोटाले और उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

प्राथमिक शिक्षा संघ के आह्वाहन पर जिले के ज्यादातर शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइया विद्यालय न जाकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय परिसर में पहुंच गए। सोमवार को परिसर में प्रदर्शनकारियों की संख्या लगभग हजार से अधिक थी। बताया जा रहा है कि जिले में महज एक या दो विद्यालयों पर ही पढ़ाई-लिखाई हुई।

बलिया के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के खिलाफ शिक्षकों ने लंबे समय से मोर्चा खोला हुआ है। प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से आज एक व्यापक धरने के लिए शिक्षकों को बुलाया गया था। इसे देखते हुए गत रविवार की शाम ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से एक चेतावनी भरी नोटिस जारी की गई थी।

नोटिस में शिक्षकों को अपने विद्यालय से कहीं और या धरना-प्रदर्शन में न शामिल होने की सलाह दी गई थी। लेकिन इस नोटिस का शिक्षकों पर उल्टा असर हो गया। आज कार्यालय परिसर में हजारों की संख्या में शिक्षक धरना देने पहुंचे। इस दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी हुई।

नाराज शिक्षकों का आरोप है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लंबे समय से घोटाले कर रहे हैं। अपनी मर्जी मुताबिक विद्यालयों में सरकारी किताबें भेजने का आरोप भी लगाया गया है। शिक्षकों का कहना है कि अधिकारी जानबूझकर शिक्षकों को परेशान करने के लिए जांच करवाते हैं। जांच के दौरान शिक्षकों का शोषण किया जाता है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पर आरोप है कि अनुशासनात्मक कार्रवाई के का धौंस दिखाकर शिक्षकों का उत्पीड़न किया जाता है।

प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा बुलाए गए इस धरने का कई संगठनों ने समर्थन किया था। सीनियर बेसिक शिक्षक संघ, कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति, आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ, अनुदेशक संघ, रसोईया संघ जैसी संगठनों ने आज शिक्षकों के धरने को अपना समर्थन दिया था।

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बलिया के सौरभ ने बढ़ाया गौरव, दिल्ली में RPF कमांडर बन परेड का किया नेतृत्व

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बलिया के नोजवान लगातार अपने जिले का नाम रोशन कर रहे हैं, जिलेवासियों को गौरान्वित महसूस करा रहे हैं। राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस पर परेड का नेतृत्व कर बलिया के लाल सौरभ ने भी जनपद का गौरव बढ़ाया। उन्होंने दिल्ली में आयोजित 21 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्मृति दिवस परेड का नेतृत्व कर द्वाबा के समस्त नागरिकों का मान बढ़ाया। सौरभ भारत की सबसे कठिन IAS की परीक्षा उत्तीर्ण कर वर्तमान में सहायक सुरक्षा आयुक्त के पद पर चेन्नई में कार्यरत हैं। बता दें कर्ण छपरा निवासी जवाहर सिंह(प्रवक्ता,महात्मा गांधी इंटर कॉलेज, दलन छपरा)के भतीजे सौरभ सिंह पुत्र अनिल सिंह जो रांची में सिचाई विभाग में अभियंता है।

बता दें, दिल्ली में हर साल पुलिस स्मृति दिवस पर परेड होती है। जिसमे देशभर के पुलिसकर्मी भाग लेते हैं। सौरभ इस साल 21 अक्टूबर को हुए परेड में आरपीएफ परेड कमांडर बने। उन्होंने भारतीय रेलवे सुरक्षा बल का नेतृत्व किया। सौरभ ने बताया कि इस परेड का कमांडर बनना सभी का सपना होता है। खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं, कि मुझे यह अवसर मिला। गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, अजय कुमार मिश्रा, मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम में डायरेक्टर इंटेलीजेंट ब्यूरो, राज्यों के डीजीपी भी मौजूद रहे।

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बलिया- दबंगों से परेशान नौजवान ने गंगा में लगाई झलांग, पुलिस की मुस्तैदी से बची जान !

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बलिया। जनेश्वर मिश्र सेतु से कूदकर एक युवक ने आत्महत्या करने की कोशिश की। गनीगत रही कि पीकेट पर तैनात दुबहर थाने की पुलिस ने युवक को देख लिया और तत्काल नौकायान करते मल्लाहओ के सहयोग से उसे बाहर निकाल लिया। वहीं युवक का कहना है कि वह एक जन्मदिन में पार्टी में गया। जहां उसके साथ मारपीट की गई। जिससे आहत होकर उसने आत्महत्या करने का फैसला लिया। मामले में पुलिस ने परिजनों को युवक की जानकारी दी और युवक को उन्हें सौंप। फिलहाल पुलिस को मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है।

जानकारी के मुताबिक शहर के कृष्णा नगर जापलीन गंज थाना कोतवाली निवासी रोहित कुमार पाण्डेय (18 साल) पुत्र परमात्मा नंद पांडे शुक्रवार की शाम लगभग 5 बजे जनेश्वर मिश्र सेतु पर पहुंचा और गंगा नदी में छलांग लगा दी। उसे छलांग लगाता देख पास ही पिकेट पर तैनात दुबहर थाने के सिपाही ने देख लिया। शोर मचाते हुए नदी में नौका पर सवार मल्लाहो को घटना की जानकारी दी। मल्लाहों ने तुरन्त युवक को नदी से बाहर निकालने में जुट गए । तत्काल ही रोहित को बाहर निकाला गया। तब तक दुबहर थाने के थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए।

घटना के कारण के बारे में रोहित ने दुबहर थानाध्यक्ष सिंह को बताया कि वह एक युवक के घर जन्मदिन की पार्टी में गया था। जहां अकारण उसकी बेल्ट से पिटाई की गई। इससे दुःखी होकर उसने आत्महत्या करने का फैसला लिया और उसने गंगा नदी में छलांग लगा दी। पुलिस ने युवक के परिजनों को सूचना देकर बुलाया और युवक को सौंप दिया। इस सम्बंध में पुलिस को कोई तहरीर नहीं मिली है।

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