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इस मुस्लिम लड़की के इस कदम से पूरी दुनिया हैरान , लगभग 12 लाख रूपये की नौकरी ….

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दोस्तों आज कल सोशल मीडिया का दौर चल रहा है यूजर तेज़ी से बढ़ते चले जारहे है जहा सोशल मीडिया के कुछ नुक्सान है वही कुछ फायदे भी है सोशल मीडिया एक ऐसी प्लेटफार्म है जिसपे खोया हुआ इंसान भी आकर एक्टिव देखने लग जाता है आज के ज़माने में जब सोशल मीडिया में हर व्यक्ति खोया हुआ है और इसके फ़ायदे से ज़्यादा नुक़सान दिखने लगे हैं।

पर कहते हैं न कि हर चीज़ ए नफ़ा नुक़सान दोनों हो सकता है बस नज़रिए की बात है, अगर सोशल मीडिया को ही देखा जाए तो जहाँ एक ओर इससे इंसान अपनों से कटता जा रहा है वहीं लोगों से जुड़ने का माध्यम भी सोशल मीडिया ही बनता है। ज़रूरत है तो बस एक लगन और एक कोशिश की। ऐसी ही लगन और कोशिश दिखायी जुलेहा तुर्की ने। जुलेहा जो तुर्की में रहा करती थी और सोशल मीडिया में हमेशा ऐक्टिव रहा करती थी उसने इसी ज़रिए एक ऐसा काम चुना जो लोगों के सामने एक मिसाल बनकर आया है।

जुलेहा अक्सर सोशल मीडिया में ऐक्टिव रहा करती थी और यहाँ नए-नए दोस्त बनाना और उनसे बातें करना उसका शौक़ था। जुलेहा के पिता तुर्की के एक बड़े बिल्डर हैं और जुलेहा ख़ुद 12 लाख रुपए हर महीने कमाया करती थी। एक रोज़ सोशल मीडिया में ही उसकी बातें सर्वेश हांडा से हुई। बातों- बातों में जुलेहा को सर्वेश ने बताया कि वो मानसिक रूप से कमज़ोर बच्चों के लिए कोई ऐसा काम करना चाहता है, जिससे वो अपनी ज़िंदगी अच्छी तरह जी सकें।

सर्वेश का ये विचार जुलेहा को बहुत अच्छा लगा, लेकिन सर्वेश इस बात से ज़रा उदास भी थे कि उन्हें इस काम के लिए जिस मदद की आवश्यकता है वो उनके पास नहीं हैं। सर्वेश को लगने लगा था कि उनका ये सपना एक सपना ही बनकर न रह जाए। ऐसे में जुलेहा ने सर्वेश को धीरज दिया और कहा कि वो ख़ुद इस काम में सर्वेश की मदद करना चाहती हैं।

सर्वेश से बातचीत करते हुए जुलेहा उनके विचारों से प्रभावित तो थी ही, बच्चों की मदद करने की बात तय होते ही जुलेहा भारत आने के लिए तैयार हो गयीं। जुलेहा हमेशा से कुछ ऐसा काम करना चाहती थीं। भारत आकर जुलेहा ने सर्वेश के साथ मिलकर मानसिक रूप से कमज़ोर बच्चों की मदद करनी शुरू की। जुलेहा और सर्वेश देश की राजधानी दिल्ली में मिलकर क़रीब 800 मानसिक रोग से कमज़ोर बच्चों की देखभाल करते हैं। दोनों ने आपस में शादी भी कर ली और उनका कहना है कि बच्चों की मदद करके उनके मन को एक सुकून मिलता है, जो पहले नहीं था।

सोशल मीडिया या अन्य किसी भी प्लेटफ़ॉर्म का जहाँ बड़े पैमाने में दुरुपयोग होता है, वहीं जुलेहा जैसे लोग भी हैं जो ये मिसाल क़ायम करते हैं कि अपने सकारात्मक नज़रिए से आप किसी भी सुविधा का सदुपयोग कर सकते हैं। लोगों को मदद का विचार मन में होना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि इस ओर क़दम बढ़ाना और कुछ करना ज़रूरी है। किसी भी ज़रूरतमंद की मदद करने के लिए अपनी सुख-सुविधा की परवाह न करते हुए आगे आना कोई आम बात नहीं है। जुलेहा और सर्वेश जैसे लोग समाज को एक नेक राह पर चलने की प्रेरणा देते हैं।

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बलिया पुलिस विभाग में चली तबादला एक्सप्रेस, कई दर्जन निरीक्षक इधर से उधर

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बलिया पुलिस विभाग में तबादला एक्सप्रेस चली है। अपर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय द्वारा लोकसभा सामान्य निर्वाचन 2024 के मद्देनजर कई निरीक्षक और उप निरीक्षकों से इधर से उधर किया है। एसपी एस आनंद ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया है।

निरीक्षक विकास चंद्र को भीमपुरा से सहतवार भेजा गया है। योगेंद्र सिंह को बांसडीह से सुखपुरा, गजानंद चौबे को पुलिस लाइन से फेफना, रामायन प्रसाद के अपराध शाखा से रसड़ा, स्वतंत्र कुमार सिंह को रसड़ा से बांसडीह, हिमेंद्र सिंह को सुखपुरा से अपराध शाखा और रोहन राकेश सिंह को फेफना से रेवती भेजा गया है।

तबादले की सूची यहां देखें-

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