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ये खबर पढ़कर बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे को बीरबल की खिचड़ी समझने लगेंगे!

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सरकारी परियोजनाओं की लेटलतीफी से हर कोई वाकिफ है। लेकिन बलिया वासियों के सामने इसका एक अप्रतिम उदाहरण बन कर उभरा है लिंक एक्सप्रेस-वे का काम। बलिया को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए बन रहे लिंक एक्सप्रेस-वे का काम सुलझता हुआ नहीं दिख रहा है। पहले यूपीडा के हाथों इस प्रोजेक्ट को एनएचएआइ को सौंपा गया। तो अब जमीन को लेकर मामला उलझ गया है। एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन खरीदने को लेकर स्थिति साफ नहीं हो रही है।

उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज डेवलेपमेंट अथॉरिटी की ओर से लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन खरीदने की बात सामने आ रही है। जबकि इसे बनाएगा एनएचएआइ। इसे लेकर उत्तर प्रेदश एक्सप्रेसवेज डेवलेपमेंट अथॉरिटी और एनएचएआइ के बीच पत्राचार का दौर शुरू हो गया है। लेकिन जमीन खरीदने को लेकर अब तक कोई स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आ रही है। जिसके चलते एक बार फिर बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे का काम उलझ गया है।

आजमगढ़ के एनएचएआइ के परियोजना निदेशक प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने मीडिया को बताया है कि बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे को अब एनएचएआइ ही बनाएगा। यूपीडा और एनएचएआइ की बैठक के बाद यह तय चुका है। लेकिन जमीन को लेकर अभी तस्वीरें साफ नहीं हैं। पत्राचार चल रही। जैसे ही जमीन को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी काम तेजी से शुरू हो जाएगा।

बीते दिनों उत्तर प्रदेश शासन ने लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण का काम यूपीडा से लेकर एनएचएआइ को दे दिया था। वजह थी लिंक एक्सप्रेस-वे की ब्लू प्रिंट में हुई भारी गड़बड़ी। शासन ने पहले ही इस काम के लिए पचास करोड़ रुपए की राशि आवंटित कर दी थी। जिसे अब यूपीडा से एनएचएआइ को हस्तानांतरित किया जाएगा। उम्मीद की जा रही थी कि एनएचएआइ जल्द ही इसे लेकर जमीन पर काम शुरू कर देगा। लेकिन अब जमीन के पचड़े ने रोड़ा अटका दिया है।

बता दें कि बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए 125 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है। बलिया के सदर तहसील क्षेत्र के सुल्तानपुर, कोटवारी से लेकर बसारतपुर समेत कुल तेरह गांवों के सामने एनएच-31 से लिंक एक्सप्रेस-वे मिल रहा है। एक किलोमीटर के लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए लगभग छह हेक्टेयर जमीन की जरूरत पड़ रही है।

गौरतलब है कि यह लिंक एक्सप्रेस-वे बलिया जनपद को सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ेगा। लिंक एक्सप्रेस-वे की लंबाई लगभग चौबीस किलोमीटर है। जिसमें दस किलोमीटर का हिस्सा बलिया और चौदह किलोमीटर का हिस्सा गाजीपुर से होकर गुजरेगा। लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण के बाद बलिया से लखनऊ जाना पहले के मुकाबले आसान हो जाएका। लिंक एक्सप्रेस-वे से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पहुंचकर लखनऊ का सफर महज चार घंटे में किया जा सकेगा।

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करोड़ों का रेलवे का सामान चोरी करने वाला रिटायर्ड फौजी बलिया से गिरफ्तार

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बलिया। वाराणसी मंडल के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) टीम को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। करीब सवा करोड़ की रेलवे की संपत्ति चुराने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए सरगना को गिरफ्तार किया है रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे लाइन और इलेक्ट्रिक तार चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का सरगना है। आरोपी फर्जी ठेकेदार बनकर कई स्टेशनों से चोरी करता था और फिर चोरी किए सामान को पटना में ठिकाने लगाता था। गिरफ्तार आरोपी रणविजय फौज से रिटायर्ड होकर नोएडा में निजी जॉब करता था।

बता दें कि सिकंदरपुर का हरदिया निवासी रिटायर्ड फौजी रणविजय सिंह को गांव के पास से ही गिरफ्तार किया गया। गुरुवार को सिकंदरपुर पुलिस की मदद से वाराणसी के सीआईबी इंस्पेक्टर अभय राय अपनी टीम के साथ उसे बनारस ले गए। रणविजय सिंह फौज से रिटायर्ड होकर नोएडा में प्राइवेट जॉब करता था। बाद में बनारस आकर रहने लगा।

सीबीआई इंस्पेक्टर अभय कुमार राय ने पीटीआई को बताया कि ‘रणविजय हरदिया सिवानकलां का निवासी है। वह रेलवे लाइन और इलेक्ट्रिक तार की चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का मुख्य सरगना है। रेलवे का फर्जी ठेकेदार बनकर अब तक दानापुर, भागलपुर, कहलगांव, बगहा, मुजफ्फरपुर व नौगछिया समेत कई रेलवे स्टेशन के पास सामान की चारी करता था, उसे वह पटना बिहार में ठिकाने लगाता रहा है।’

27 मार्च को वाराणसी के पास कादीपुर रेलवे स्टेशन यार्ड से रेल लाइन चुराने की कोशिश में पुलिस ने डीसीएम और हाईड्रा जब्त किया था और चालकों के गिरफ्तारी के बाद उसकी जानकारी हो सकी। वर्तमान में वह करीब सवा करोड़ का रेलवे सामान पटना में इकट्ठा कर कई कारखानों में बेच चुका है। परिवार वाले कुछ भी बताने से इन्कार कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है।

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बलियाः 3 साल में भी नहीं बन सका डेढ़ किमी नाला, अब फिर होगी जलभराव की समस्या

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बलिया-बांसडीह मार्ग के एनसीसी तिराहा से कटहल नाला तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा शहर का सबसे गहरा-चौड़ा नाला है। बीते तीन साल से इस नाले का निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन निर्माण की चाल इतनी धीमी है कि बीते 3 सालों में काम पूरा नहीं हुआ।

तीन साल में लागत बढ़कर दोगुना से अधिक हो गई, लेकिन निर्माण अधूरा ही पड़ा है। अब बारिश की शुरुआत हो गई है, ऐसे में फिर से जलभराव की समस्या खड़ी हो सकती है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने इसके लिए 30 मई तक का अल्टीमेटम दिया गया था।

लेकिन काम पूरी नहीं हुआ। बता दें कि कुछ साल से पानी निकासी सही तरीके से नहीं होने के कारण स्टेडियम, पुलिस लाइन, पुलिस परेड ग्राउंड, एसपी आफिस के साथ ही आनंद नगर, टैगोर नगर, आवास-विकास, तिखमपुर, श्रीराम विहार कालोनी आदि मोहल्लों में जल भराव हो जाता है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिये साल 2020 में नाला निर्माण की योजना तैयार की गई।

सूत्रों की मानें तो उस वक्त करीब तीन करोड़ रुपए की राशि निर्धारित हुई थी। लेकिन तीन सालों में 2021 में नाला निर्माण का यह खर्च 5 करोड़ तक पहुंच गया। इसके बाद एक बार फिर रिवाईज कर दो करोड़ रुपये मांगे गये। शासन की ओर से इसकी स्वीकृति भी हो गयी। कुल मिलाकर सात करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। लेकिन काम अभी भी अधूरा पड़ा है।

एनसीसी तिराहा से सिविल लाइन फीडर के पास कटहल नाला तक बन रहे नाला का निरीक्षण मंत्री, सांसद व डीएम कर चुके हैं। कार्यदायी संस्था को फटकार लगाई गई अल्टीमेटम दिया गया। यहां तक पेनाल्टी भी लगाई गई। इसके बावजूद निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका। नगरपालिका सूत्रों की माने तो नाला निर्माण कार्य पूरा करने का निर्धारित वक्त 15 जून था।

अब जून का महीना समाप्त हो चुका है, बरसात भी शुरु हो चुकी है। लेकिन काम रफ्तार नहीं पकड़ सका है। कुछ दिनों पहले डीएम सौम्या अग्रवाल और फिर मंत्री दयाशंकर सिंह, सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त नाला निर्माण कार्य को देख चुके हैं। उन्होंने ठेकेदार व अफसरों को हिदायत भी दिया, लेकिन उसका भी असर होता नजर नहीं आ रहा है। इस सम्बंध में नपा बलिया के चेयरमैन अजय कुमार का कहना है कि नाला निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है। किन्हीं कारणों से कुछ देरी हुई है, लेकिन काम पूरा करने पर जोर है। निर्माण के लिये और 10 दिनों की मोहलत मांगी गयी है।

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विधायक उमाशंकर सिंह की पहल पर रसड़ा CHC पर हुई दो नए चिकित्सकों की तैनाती

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बलियाः रसड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दो नए चिकित्सकों की तैनाती की गई है। क्षेत्रीय विधायक उमाशंकर सिंह की पहल पर अस्पताल में चिकित्सकों की पोस्टिंग हुई है। रसड़ा सीएचसी में बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर ओपी वर्मा और फिजिशियन डॉक्टर पंकज कुमार को तैनात किया गया है।

क्षेत्रीय विभागी उमाशंकर सिंह ने बीते 27 मई 2022 को रसड़ा सीएचसी में चिकित्सकों की कमी का मुद्दा उठाया था। उन्होंने सदन में सरकार का ध्यान चिकित्सकों की कमी पर लाकर स्टाफ बढ़ाने की मांग की थी। जिसके बाद प्रदेश के डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के निर्देश पर बलिया मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने डॉक्टर ओपी वर्मा और फिजिशियन डॉक्टर पंकज कुमार को रसड़ा सीएचसी भेजा है।

वहीं विधायक के द्वारा पूछे गए सवाल के जबाव में उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सीएचसी रसड़ा में पूर्व से ही डा. विनोद कुशवाहा निश्चेतक, मनीष जायसवाल व स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती है। रसड़ा सीएचसी में दो चिकित्सकों की तैनाती के संबंध में सीएचसी रसड़ा के अधीक्षक डा. बीपी यादव ने वास्तविकता बताई। उन्होंने बताया कि तैनाती के बाद से ही डॉक्टर पंकज कुमार लापता हैं तो वहीं ओपी वर्मा ने भी पत पदभार ग्रहण नहीं किया।

इसी जानकारी सीएमओ को भेजी गई है। विधायक उमाशंकर सिंह ने आश्वासन दिया है कि दोनों लापता डॉक्टर्स को तलाश कर जल्द ही उन्हें सीचएसी पहुंचाया जाएगा। ताकि आम जनता को राहत मिले और समय पर इलाज हो सके।

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