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UP में दसवीं सीट को लेकर रोमांचक जंग, जानें हर अपडेट

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राज्यसभा की 25 सीटों के लिए आज मतदान हो रहा है। हालांकि अगले महीने दस राज्यों से राज्यसभा की 58 सीटें खाली हो रही हैं, लेकिन 33 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध जीत चुके हैं। इन सीटों पर एक ही कैंडिडेट ने पर्चा भरा था। 15 मार्च को ही इन उम्मीदवारों को विजयी घोषित किया जा चुका है। आज सियासी रूप से बेहद अहम उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर भी वोटिंग हो रही है। उत्तर प्रदेश बीजेपी ने अपना नौंवा कैंडिडेट खड़ा कर मुकाबले को रोमांचक कर दिया है। उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की प्रत्येक सीट के लिये 37 विधायकों के मत की दरकार होती है।

राज्य विधानसभा में संख्या बल के आधार पर भाजपा के आठ उम्मीदवारों का निर्वाचन तय है जबकि एक सीट सपा को मिलेगी। बाकी बची एक सीट को अपनी झोली में डालने के लिये सपा और बसपा का बीजेपी से संयुक्त रूप से टक्कर है। सपा ने बसपा कैंडिडेट को समर्थन देने की घोषणा की है। पर दोनों ही खेमे एक दूसरे के विधायकों का वोट तोड़ने में लगे हैं। सपा विधायक और नरेश अग्रवाल के बेटे नितिन अग्रवाल ने बीजेपी उम्मीदवार को वोट देने की घोषणा की है। वहीं बीएसपी का एक विधायक बीजेपी के खेमे में आ गया। इससे माया-अखिलेश का खेल बिगड़ सकता है। इस चुनाव में क्रॉस वोटिंग के प्रबल आसार हैं।  वोटिंग 9 बजे से शुरू होकर 4 बजे तक चलेगी। वोटों की गिनती 5 बजे से होगी।

उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी विधायकों से मुलाकात की, इस दौरान डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा भी मौजूद रहे।

– उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा है कि गुरुवार को बीजेपी और उसके सहयोगियों की हुई बैठक में निषाद पार्टी के एमएलए विजय मिश्रा और बीएसपी विधायक अनिल शामिल थे। इससे ये साबित होता है कि ये दोनों विधायक बीजेपी को वोट करेंगे।

– राज्यसभा के वोटिंग शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश समेत देश के 6 राज्यों में 25 राज्यसभा सीटों के लिए वोट डाले जा रहे हैं। इनमें पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, झारखंड, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना भी शामिल है।

-समाजवादी पार्टी नेता राजेन्द्र चौधरी का दावा- एसपी और बीएसपी के उम्मीदवार जीतेंगे राज्यसभा का चुनाव। बीजेपी के कई विधायक विपक्ष के लिए कर सकते हैं वोट।

– रिपोर्ट्स के मुताबिक बीएसपी विधायक अनिल सिंह बीजेपी के नौवें कैंडिडेट के लिए वोट कर सकते हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनसे खुद बात की है। पुरवा से बीएसपी के विधायक अनिल सिंह कल शाम को सीएम आवास पर हुई बीजेपी विधायकों की बैठक में मौजूद थे।

-इलाहाबाद उच्च न्यायालय के जस्टिस राजुल भार्गव ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दायर याचिका पर गुरुवार सुनवाई करते हुए जेल में बंद बसपा विधायक मुख्तार अंसारी को राज्यसभा चुनाव में मतदान करने से रोक दिया। इसके अलावा जेल में बंद सपा विधायक हरिओम यादव भी आज चुनाव में वोट नहीं डाल पाएंगे। इससे बसपा प्रत्याशी भीमराव आंबेडकर को जिताने की जुगत में लगी सपा, कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकदल की गणित बिगड़ सकता है।

– बीजेपी की ओर से राज्यसभा के उम्मीदवारों में वित्त मंत्री अरुण जेटली, अशोक बाजपेई, विजय पाल सिंह तोमर, सकलदीप राजभर, कांता कर्दम, अनिल जैन, हरनाथ सिंह यादव, जीवीएल नरसिम्हा राव और अनिल कुमार अग्रवाल शामिल हैं। जया बच्चन कांग्रेस की उम्मीदवार हैं, जबकि बसपा उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर हैं।

-आज केरल से जदयू के राज्यसभा सदस्य एम पी वीरेन्द्र कुमार के इस्तीफे से खाली हुयी सीट पर भी उपचुनाव हो रहा है। कर्नाटक में चार सीटों के लिये चुनाव मैदान में उतरे पांच उम्मीदवारों में कांग्रेस के तीन और भाजपा तथा जद एस का एक एक उम्मीदवार हैं, जबकि छत्तीसगढ़ की एक सीट के लिये भाजपा और कांग्रेस ने एक एक उम्मीदवार उतारा है। वहीं तेलंगाना की तीन सीटों के लिये चार उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

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बलिया मूल के मॉरिशस के पूर्व पीएम अनिरुद्ध जगन्नाथ का निधन

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मॉरीशस के पूर्व प्रधानमंत्री अनिरुद्ध जगन्नाथ का 91 साल की उम्र में 3 जून, 2021 को निधन गया है। अनिरुद्ध जगन्नाथ मॉरिशस के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति दोनों ही पदों पर कार्य कर चुके हैं। जगन्नाथ के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दुख जताया है।

बलिया से मॉरिशस पहुंचे उनके पिता ने अपने साथी मजदूरों के साथ मिलकर ऐसे राष्ट्र का निर्माण किया, जो हमेशा हिन्दुस्तान और हिन्दुस्तानियों के दिलों में धड़कता रहा है। उनके असमय जाने से बलिया ही नहीं समूचे हिन्दुस्तानियों  को आघात पहुंचा है।

मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति अनिरुद्ध जगन्नाथ के पूर्वज उत्तर प्रदेश में बलिया जिले के मूल निवासी थे। बलिया जिले के रसड़ा थाना क्षेत्र का अठिलपुरा गांव उनके पुरखों का निवास स्थान रहा है। गांव वालों के अनुसार उनके पिता विदेशी यादव और चाचा झुलई यादव को अंग्रेजों ने वर्ष 1873 में गिरमिटिया मजदूर के रूप में जहाज से गन्ने की खेती के लिए मारीशस भेजा था। गिरमिटिया मजदूर से लेकर सत्ता के शीर्ष तक का सफर तय करने वाला परिवार आज मॉरीशस का सबसे बड़ा राजनीतिक परिवार भी माना जाता है।

जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री प्रविंद अपने पुरखों की भूमि बलिया तो नहीं जा सके लेकिन वाराणसी में जनवरी 2019 में आठ दिवसीय दौरे पर भारत आए तो आयोजन के बाद भी वह काशी में ठहरे और विभिन्न मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना इस भाव से किया कि कभी इन्हीं मंदिरों में उनके पुरखों ने आने वाली पीढ़ियों के लिए तमाम मन्नतें मांगी होंगी।

अभिलेखों में दर्ज दस्तावेजों के अनुसार 2 नवंबर, 1834 को भारतीय मजदूरों का पहला जत्था गन्ने की खेती के लिए कलकत्ता से एमवी एटलस जहाज पर सवार होकर मारीशस पहुंचा था। आज भी वहां हर साल दो नवंबर को ‘आप्रवासी दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। जिस स्थान पर भारतीयों का यह जत्था उतरा था वहां आज भी आप्रवासी घाट की वह सीढ़ियां स्मृति स्थल के तौर पर मौजूद हैं।

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संविधान, लोकतंत्र एवं भारत विषयक वेबिनार का युवा चेतना ने किया आयोजन

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नई दिल्ली डेस्क : संविधान,लोकतंत्र एवं भारत विषयक वेबिनार का आयोजन युवा चेतना ने किया। वेबिनार का उद्घाटन करते हुए स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की संविधान और लोकतंत्र दोनों एक दूसरे के पूरक हैं।स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की लोकतंत्र में सब बराबर हैं और संविधान जनता का रक्षा कवच।

स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की संविधान की रक्षा प्रत्येक भारतीय की जवाबदेही है। मुख्य अतिथि भारत के पूर्व मुख्य न्यायधीश जस्टिस केजी बालाकृष्णन ने कहा की जब विश्व के अन्य देश संविधान निर्माण की प्रक्रिया में थे तो भारतीय संविधान उनके लिए मानक था।न्यायमूर्ति बालाकृष्णन ने कहा की संविधान नागरिकों के लिए प्रकाश पुंज है।लोकतंत्र में सरकार अगर ग़लत करती है तो संविधान जनता का सहायक होता है।

न्यायमूर्ति बालाकृष्णन ने कहा की संविधान और राष्ट्र के प्रति सबको निष्ठा रखना चाहिए। वेबिनार की अध्यक्षता करते हुए युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा की प्रभु राम ने भी पत्नी का त्याग जनता को संतुष्ट करने हेतु किया था और देवी सीता ने भी जनता के मन में उत्पन्न द्वन्द को समाप्त करने हेतु प्रभु राम का सहयोग किया था।पूर्व में राजा और नेता जनभावनाओं के प्रति चिंतनशील होते थे परंतु अब स्थिति बदल गई है।

श्री सिंह ने कहा की हमारा संविधान हमें बराबरी का अधिकार देता है परंतु राष्ट्रपति के घर का बच्चा और गाँव में खेती करने वाले किसान का बच्चा एक जैसे विद्यालय में शिक्षा नहीं प्राप्त कर पाता है।श्री सिंह ने कहा की 1952 से लेकर 2020 तक चुनावी मुद्दे नहीं बदले लोकतंत्र रोटी,कपड़ा और मकान से आगे नहीं निकल पाया।

श्री सिंह ने कहा की भारत के पुनर्निर्माण हेतु सबको आगे आना होगा।
वेबिनार को सम्बोधित करते हुए राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. जेपी सिंघल ने कहा की गरीब को ताकत भारतीय लोकतंत्र में संविधान से मिलता है। पूर्व सांसद विवेक गुप्ता ने कहा की हमारे संविधान में 125 बार संशोधन हुआ है।हमारा संविधान हर नागरिक को सम्मान के साथ जीने का अधिकार देता है।

श्री गुप्ता ने कहा की सरकार को संयुक्त सूची पर विचार करना चाहिए।केंद्र सरकार को राज्य सरकारों को कुछ छूट देने की आवश्यकता है।
यूईटीआर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति जेसी जैन ने कहा की लोकतंत्र की सुंदरता संविधान से ही है।

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डॉक्टर से IAS टॉपर्स की सूची में शामिल आनंद शर्मा से जानिए कैसे हासिल किया ये मुकाम !

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यह हैं आनंद शर्मा. साल 2018 की यूपीएससी सीएसई एग्जाम में इनमा नाम टॉपर्स की सूची में नाम में शामिल था. आनंद शर्मा एमबीबीएस डॉक्टर थे, जिसके बाद यह यूपीएससी में आए. 2015 में इन्होने मुरादाबाद मेडिकल कॉलेज, दिल्ली से एमबीबीएस किया और इसके बाद से ही यूपीएससी सीएसई में लग गए. सफलता मिली चौथे प्रयास में. 2018 में. 62वीं रैंक हासिल की. दरअसल आनदं जब तीसरी बार टॉपर बने तो बीते हर साल में उनका निबंध में ग्राफ बढ़ता गया. ऐसे में अपने अनुभव के आधार पर वह निबंध लेखन और सेलेक्शन के बारे में कुछ टिप्स दे रहे हैं. डॉ. आनंद कहते हैं कि पेपर आने के बाद निबंध लिखने में जल्दबाजी न करें.

पहले सभी विषयों को अच्छे से पढ़ें और फिर सोचे की किस पर आप सबसे अच्छा इन पुट दे सकते हैं. वह कहते हैं कि पहले वह उन दो टॉपिक को हटा देते थे जिसमे उनके पास फॉर या अगेंस्ट में प्वॉइंट्स नहीं होते थे. इसके बड़े बचे हुए दो टॉपिक में फैसला कर सकते थे कि किस पर वह बढियां लिख सकते हैं. इसके बाद रफ में वह निबंध के फॉर और अगेंस्ट में जो कुछ भी आ रहा है उनके दिमाग में, वह सब लिख देते थे. और इसी के आधार पर वह आगे एक्सप्लेन करते थे. दरअसल फ्लो में लिखने के दौरान कुछ छूट न जाये, इसलिए वह ऐसा करते थे. निबंध के तीन हिस्से होते हैं. इंट्रोडक्शन, बॉडी और कॉन्क्लूजन.

आनंद कहते हैं कि इंट्रोडक्शन में कोई कोट लिख देने से अधिक प्रभाव पड़ता है. उन्होंने पहले ही मुख्य विषयों पर कोट तैयार किये हुए थे. वह कहते हैं कि अगर कोट नहीं भी मालूम तो आप किसी शानदार और प्रभावशाली लाइन से शुरुआत करें. बाद इसके अगले स्पेट में एक पैर में ऐस्से की समरी लिखते हैं. जिसमे यह बताते थे कि इस इससे में क्या-क्या है. एस्से के बॉडी में वह बिन्दुओं के अनुसार फॉर और अगेंस्ट दोनों एंगल्स लिखना चाहिए. साथ ही साथ उदाहरण भी दें.

रियल लाइफ का उदहारण हो तो और बेहतर. बाद इसके फैक्ट्स, फिगर्स, डेटा से लेकर कोट्स या जो भी हो, उसे लिखकर एस्से को वजनदार बनायें. इसके अलावा एस्से लिखने के दौरान समय बैलेंस्ड करके चले. वह बताते हों कि आपका एस्से का झुकाव फॉर की तरफ हो या अगेंस्ट की तरफ, जिस भी तरफ झुकाव हो, उसके विपरीत पॉइंट्स को भी लेकर चलें और ज़िक्र करें. चूँकि आप एक अधिकारी बनने के लिए एस्से लिख रहे हैं. ऐसे में एस्से का अंत पोजिटिव करें और समस्या का संभावित समाधान भी ज़रूर लिखें.

इसके अलावा वह कहते हैं कि एग्जाम से पहले खूब प्रैक्टिस करें. वह कहते हैं कि आपने जिस विषय पर एस्से लिखने की प्रैक्टिस की है अगर वही विषय एग्जाम में आ जाये तो हड़बड़ी में न रहें. बल्कि उसे अच्छी तरह पढ़ें और समझें कि उसमे क्या पूछा गया है. विषय से भटकना नहीं है.

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