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बलिया BJP में अंदरूनी खींचतान का शिकार बने जूनियर नेता, तीन मंडलअध्यक्ष एक साथ हटाए गए

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बलिया। कहते हैं राजनीति में सीनियर-जूनियर का बड़ा असर पड़ता है। संगठन में जिस नेता का कद बढ़ा है उसकी बात अक्सर मान ली जाती है। कुछ ऐसा ही बलिया में देखने को मिला, जहां बीजेपी में अंदरूनी खींचतान जारी है। यहां के एक सीनियर नेता ने अपने पद का दुरुपयोग कर छोटे नेताओं पर शिंकजा कसवाया। और नतीजा यह रहा कि तीन मंडल अध्यक्षों को पद से हटा दिया गया। कहा जा रहा है कि एक राज्यमंत्री के कहने पर मंडलअध्यक्षों से पद से हटाया गया है। लंबे समय से सरकार चलाने में अहम भूमिका निभा रहे एक राज्यमंत्री भाजपा के एक मंडल अध्यक्ष की पीछे इस कदर पड़े की उसे हटवा कर ही माने। हनुमानगंज मंडल, खेजुरी और रसड़ा मंडल के भी मंडल अध्यक्ष हटाए गए हैं।

शुक्रवार को जब एक मंडल अध्यक्ष को पद से हटा दिया गया। तो भाजपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। कार्यकर्ता सड़कों पर मोर्चा खोल दिया। इस कार्रवाई से क्षुब्ध भाजपा कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाई और बलिया विस के विधायक एवं सूबे के राज्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मंडल के सभी पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष को त्याग पत्र देने का काम किया। हनुमानगंज मंडल के पदाधिकारियों का कहना है कि राज्यमंत्री व क्षेत्रीय विधायक आनंद स्वरूप शुक्ला को काफी दिनों से मंडल अध्यक्ष खटक रहे थे। कई माह पहले ही हजाने की योजना तैयार की जा चुकी थी। मंत्री जी जनपद के संगठन को अपने अनुसार संचालित करना चाहते हैं। ऐसे में जो कार्य उनके मनमाफिक नहीं करता, वह उनको नापसंद करते हैं। ऐसा मंडल अध्यक्ष माया शंकर राय के साथ हुआ है।

हालांकि पार्टी ने माया शंकर राय के साथ दो अन्य मंडल अध्यक्षों को भी पद से हटाने का काम किया है। पूर्व जिलाध्यक्ष के लड़के रसड़ा पूर्वी के मंडल अध्यक्ष देवेश तिवारी और खेजुरी के मंडल अध्यक्ष अजय सिंह को भी पद से हटया गया है। पार्टी की मनमानी कार्रवाई से कार्यकर्ता आक्रोशित हैं। इसी का नतीजा रहा तकि शुक्रवार का भाजपा कार्यकर्ताओं ने ही अपने विधायक एवं मंत्री के खिलाफ सड़क पर उतरेे और पुतला फूंकने का काम किया। उनका आरोप है कि पदाधिकारी, विधायक और मंत्री संगठन के लोगों को आगे बढ़ाने के बजाए उनका मनोबल तोड़ रहे हैं और अपनी मनमानी कर रहे हैं। इन दिनों पाटी्र में कई नेता और पदाधिकारी अलग-अलग राग अलाप रहे हैं। दल में एकजुटता की कमी खल रही है।

इनपर कार्रवाई के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या इनके कार्यो की समीक्षा के आधार पर कार्रवाई की गई है या द्वेषवश इन्हें हटाया गया है। बहरहाल जो भी हो, लेकिन तीन मंडल अध्यक्षों को एक साथ हटाने से राजनीतिक माहौल गरमाया गया है। इस मामले के उजागर होने के बाद साफ जाहिर है कि दल के नेता न तो एक दूसरे का सहयोग करना चाहते, न मित्रता। यही वजह है कि पार्टी से अनुशासन गायब है।

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गंगा किनारे बनेगा ग्रीन कॉरिडोर, किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे पौधे

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बलियाः नमामि गंगे योजना के तहत गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने, गंगा किनारे हरियाली रखने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की योजना के मुताबिक गंगा किनारे 200 हेक्टेयर में ग्रीन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इसके लिए किसानों को जल्द ही विभिन्न किस्मों के पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।

बता दें कि नमामि गंगे योजना के तहत गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। उद्यान विभाग ने दो साल पहले गंगा किनारे के गांवों में आम अमरूद, नींबू, बेर सहित कई फलों के बाग लगाने की योजना बनाई गई है।

इसके लिए किसानों को पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। किसानों को तीन वर्षों तक तीन हजार रुपए प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। गंगा किनारे के गांव चिह्नित किए गए हैं। इस वर्ष शासन की ओर से गंगा किनारे के 200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फलदार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उद्यान्न विभाग ने बताया कि 40 हेक्टेयर में फलदार बाग लगाने की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है।

अब उद्यान विभाग की ओर से उम्दा किस्म के फलदार पौधे उपलब्ध कराने के लिए बस्ती के पौधशाला को डिमांड भेजी गई है। यह पौधे उपलब्ध होने के बाद किसानों को दिए जाएंगे और पौधारोपण शुरु किया जाएगा।

प्रभारी जिला उद्यान अधिकारी शीतला प्रसाद वर्मा का कहना है कि गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने, गंगा किनारे हरियाली रखने तथा गंगा की धारा अविरल बनाने को लेकर सरकार की ओर से तरह-तरह की कवायद की जा रही है। इसके तहत गंगा किनारे के गांवों में फलदार बाग लगाने का प्रावधान किया गया है।

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बलिया- 4 दिन में सुलझी ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी, पत्नी से अवैध संबंध पर की थी हत्या

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बलिया। बांसडीह में पुलिस ने 4 दिन में ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझा दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है साथ ही हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है। मृतक के आरोपी की पत्नी के साथ अवैध संबंध थे। इसलिए उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी ने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है।

बता दें महाराजपुर निवासी केशव यादव का घर काफी पहले कटान में बह गया था। वह अविवाहित था और पशुपालकों के मवेशियों की देखभाल कर जीवन-यापन करता था। गुरुवार की देर रात वह पूर्व प्रधान राधेश्याम राम के दरवाजे पर सो गया। शुक्रवार की सुबह लोगों ने केशव का शव देखा तो हैरान रह गए। खाट के ऊपर और आसपास खून फैला था। पूर्व प्रधान के परिवार के सदस्य अमीर राम की तहरीर पर सहतवार पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। एएसपी दुर्गा शंकर तिवारी भी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।

वहीं रविवार की सुबह आरोपित रामबचन को बाजार के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक राजकरन नय्यर ने बताया कि पूछताछ में आरोपित ने हत्या की बात कबूली है। बताया कि केशव का उसकी पत्नी से अवैध संबंध था। इसको लेकर पति-पत्नी में विवाद होता था। जिसकी वजह से उसने कुल्हाड़ी से वार कर केशव की जान ले ली। इसके बाद एक खेत में कुल्हाड़ी छिपाकर घर चला गया। जांच के दौरान पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे तो आरोपित को पकड़ लिया गया। इसके बाद पूरी कहानी साफ हो गई।

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PM जन विकास योजना का विस्तार, बलिया में इन अल्पसंख्यक क्षेत्रों को मिलेगा लाभ

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बलिया। उत्तरप्रदेश में अल्पसंख्यक वर्ग को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। जहां अब अल्पसंख्यक समाज को मजबूत और शिक्षित बनाने के लिए चल रही प्रधानमंत्री जन विकास योजना का दायरा भी बढ़ाया गया है। ऐसे में अब बलिया जिले के भी कुछ क्षेत्रों को योजना का लाभ मिलेगा। इस योजना के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास आदि के क्षेत्र में अल्पसंख्यकों को मजबूत बनाने के लिए भौतिक और सामाजिक ढांचे के विकास पर फोकस रहेगा।

25 फीसदी आबादी पर मिलेगा लाभ- नगरपालिका और नगर पंचायतों में जहां भी अल्पसंख्यकों की आबादी 25 प्रतिशत से अधिक है, वहां 5 किमी परिधि में सबसे अधिक आवश्यकता वाले विकास कार्यों को कराया जाएगा। सब कुछ ब्लॉक स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट पर होगा। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की देख-रेख में उन कस्बों या गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल मैदान, आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक भवन, तकनीकी स्कूल, कॉलेज, लाइब्रेरी, छात्रावास आदि के विकास कार्य कराए जाएंगे। अल्पसंख्यक आबादी की गणना साल 2011 की जनगणना के अनुसार होगी

इन क्षेत्रों को मिलेगी विकास की संजीवनी- बलिया जिले में सदर तहसील, सिकंदरपुर, रसड़ा और बिल्थरारोड में अल्पसंख्यक समाज को विकास की संजीवनी मिल सकती है। क्योंकि इन क्षेत्रों में अल्पसंख्यकों की आबादी 25 प्रतिशत से अधिक है।

हर जिले में होगा विकास- अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी दिव्य दुर्गेश सिन्हा ने बताया कि पहले भारत सरकार अल्पसंख्यक युवाओं को कौशल प्रदान करने के लिए MSDP यानि मल्टी सेक्टोरल डेवलपमेंट के तहत अल्पसंख्यक बाहुल्य नगर, कस्बा और गांवों में बहुक्षेत्रीय विकास करती थी। उसमें जिला शामिल नहीं था । इस वजह से यहां के अल्पसंख्यक समाज को लाभ नहीं मिल पाया। अब इसका विस्तार कर दिया गया है। ब्लॉक स्तरीय रिपोर्ट के आधार पर कार्ययोजना बनाकर विकास कार्य होंगे।

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