Connect with us

featured

सभी लोग बिजली बिल भरें तो बेहतर होगी आपूर्ति – बलिया DM

Published

on

बलिया: आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत शनिवार को टाउन इन्टर कॉलेज के सभागार में ऊर्जा महोत्सव के मौके पर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने कहा कि सभी लोग बिजली बिल समय से जमा करें। जिनके पास कनेक्शन नहीं है, वह कनेक्शन ले लें। लाइन लॉस जितना बेहतर होगा, उतनी बेहतर बिजली आपूर्ति हम सबको मिल सकेगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि उर्जा महोत्सव कार्यक्रम के जरिए बिजली विभाग की योजनाओं तथा बिजली आपूर्ति से जुड़ी सभी प्रकार की प्रक्रिया के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। वर्तमान में विद्युत क्षेत्र में काफी सुधार हुआ है। जनपद मुख्यालय और तहसील मुख्यालयों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्याप्त बिजली आपूर्ति हो रही है। लेकिन यह और बेहतर तब होगी, जब शत- प्रतिशत लोग कनेक्शनधारी हों जाएंगे और समय से बिजली बिल जमा करेंगे। उर्जा महोत्सव कार्यक्रम में सौभाग्य योजना के अंतर्गत दिए गए विद्युत कनेक्शन का भी वितरण पांच लाभार्थियों में किया गया।एक एक्सईएन, तीन जेई सहित 8 कर्मियों को मिला प्रशस्ति पत्र– एकमुश्त समाधान योजना में बेहतर कार्य करने वाले आज कर्मियों को पूजा महोत्सव कार्यक्रम में प्रशस्ति पत्र दिया गया। इसमें अधिशासी अभियंता आरपी सिंह, अवर अभियंता श्याम अवध यादव सत्यम गोड़, तारकेश्वर यादव तथा टीजी-2 के चार कर्मचारी शामिल हैं। जिलाधिकारी ने सभी को प्रोत्साहित करते हुए और बेहतर कार्य करने का आवाह्न किया।

Advertisement src="https://kbuccket.sgp1.digitaloceanspaces.com/balliakhabar/2022/10/12114756/Mantan.jpg" alt="" width="1138" height="1280" class="alignnone size-full wp-image-50647" />  
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

code

featured

बलियाः नीलम की मौत के बाद न पति आया न परिजन, पुलिस को करवाना पड़ा अंतिम संस्कार

Published

on

बलियाः जिला कारागार में आत्महत्या का प्रयास करने वाली नीलम साहनी की मौत के बाद पुलिस ने ही उसका अंतिम संस्कार किया। युवती की मौत के बाद उसके परिजनों ने शव लेने के लिए इनकार कर दिया था।

वहीं प्रेमिका की मौत होने के बाद उसके परिजन उसकी लाश लेने से इंकार कर दिए। परिजनों द्वारा लाश न लिए जाने के चलते अंत में पुलिस द्वारा नियमानुसार मृतक का दाह संस्कार कराया गया।

जानकारी के मुताबिक बुधवार की सुबह मुलाकात के लिए पहुंची बांसडीहरोड क्षेत्र के सरया डुमरी गांव निवासी नीलम ने अपने पति सूरज के साथ कोई जहरीला पदार्थ खा लिया था। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

नीलम की मौत के बाद दो दिनों तक पुलिस उसके मायके और ससुरालवालों की खोजबीन करती रही। लेकिन कोई परिजन सामने नहीं आया। पुलिस ने मृतका के मायके में उसके चाचा और पहली ससुराल में भी बात की, लेकिन मृतका से दोनों परिवारों ने अपना पल्ला झाड़ लिया। तीसरे दिन कोतवाली पुलिस ने स्वयं पंचनामा भरकर उसका पोस्टमार्टम कराया और शिवरामपुर गंगा घाट पर उसका अंतिम संस्कार किया।

 

Continue Reading

featured

बलिया पुलिस का ट्विटर हैंडल 24 घंटे बाद भी नहीं हुआ रिकवर !

Published

on

बलिया। बलिया पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल को हैक हुए 24 घंटे से ज्यादा बीत चुके हैं लेकिन अब तक सफलता हाथ नहीं लगी है.  ट्विटर अकाउंट कब तक रिकवर हो जाएगा इस पर कोई भी उच्च अधिकारी बात करने को तैयार नहीं है. हालांकि बलिया पुलिस दावा है कि जांच प्रणाली तैयार कर ली गई है और हैक किए गए ट्विटर हैंडल को जल्द से जल्द बहाल किया जाएगा.

बता दें कि हैकर्स ने बलिया पुलिस का आधिकारिक ट्विटर अकाउंट बृहस्पतिवार की भोर में हैक किया गया है. हैकर्स ने अकाउंट हैक करने के बाद डीपी हटा दी है और ऑनलाइन गेम से संबंधित ट्वीट रीट्वीट किए हैं. बलिया पुलिस का आधिकारिक ट्विटर हैंडल वेरिफाइड है और @balliapolice के नाम से अकाउंट हैं. अकाउंट को 53.1K हजार लोग फॉलो करते हैं.   

Continue Reading

featured

जानिए कौन हैं गाजियाबाद के पहले पुलिस कमिश्नर बने बलिया के अजय कुमार मिश्र?

Published

on

बलिया के रहने वाले अजय कुमार मिश्र गाजियाबाद कमिश्नरेट के पहले पुलिस कमिश्नर बन चुके हैं। 2003 में आइपीएस बने अजय कुमार मिश्र को नई जिम्मेदारी मिलने पर परिवार में हर्ष का माहौल है। बलिया के सिकंदरपुर जमुई गांव के रहने वाले अजय मिश्र का बचपन से ही खाकी से नाता रहा है। उनके पिता कुबेरनाथ मिश्र पुलिस सेवा में रह चुके हैं। बेटा जब आईपीएस बना, उसी साल वह हेडकॉन्सटेबल के पद से रिटायर हुए।

अजय कुमार के बारे में बताते हुए पिता कहते हैं कि उन्हें बचपन से ही पुलिस का परिवेश मिला। इसलिए अजय ने सिविल सेवा पास करने के बाद आईपीएस चुना। अजय की प्राथमिक शिक्षा गोंडा में हुई, जब पिता का तबादला लखनऊ हुआ तो अजय ने कक्षा 6 से 10वीं तक की पढ़ाई लखनऊ में की। इसके बाद 1989 में वह वाराणसी आ गए।

उन्होंने यहां से 11वीं और इंटरमीडिएट करने के बाद काशी विद्यापीठ से ग्रेजुएशन किया। पैसे की किल्लत हुई तो बच्चों को ट्यूशन पढाया। इसके बाद कर्मचारी चयन आयोग के जरिए पहली नौकरी दिल्ली सचिवालय में ली। लेकिन अजय के मन में हमेशा से पुलिस सेवा में जाने की इच्छा थी, लिहाजा उन्होंने तैयारी की और परीक्षा पास की।वह सुल्तानपुर में नियुक्त रहे। उस समय मुलायम सिंह मुख्यमंत्री थे। उन्होंने आपराधिक प्रवृत्ति के दो लोगों को गनर उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे। अजय पुलिस सेवा में सख्त अंदाज के लिए जाने जाते हैं, वह सिफारिशों को नजरअंदाज कर सीधे पीड़ितों की बात सुनते हैं। उनके पिता कुबेरनाथ का कहना है कि मैं चाहूंगा कि देश और समाज सुरक्षा के लिए वह सदैव कानून व्यवस्था को कायम रखने में सफल रहें।

 

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!