Connect with us

featured

बलिया से नया चेहरा हो सकता है योगी मंत्रिमंडल में शामिल !

Published

on

बलिया डेस्क : आगमी पंचायत चुनाव के पहले योगी मंत्रीमंडल में कई मंत्रियो को संगठन की जिम्मेदारी तो कई नए चेहरों को मंत्री बनाने की तैयारी चल रही है ।  अब देखना यह होगा वह कौन कौन से चेहरे है जिनको योगी अपने मंत्रिमंडल में शामिल करने जा रहे है। जो भी हो बलिया जिले से एक और मंत्री इस बार मंत्रीमंडल में शामिल किये जा सकते हैं।  जिनकी चर्चा सत्ता के गलियारों में तेजी से चल रही है ।

वहीँ जिले में सिकन्दरपुर विधानसभा क्षेत्र में संजय यादव के नाम की चर्चा जोरो पर है। वैसे 20 वर्षो की राजनैतिक तौर पर बात करे तो सिकन्दरपुर विधानसभा क्षेत्र से राजधारी सिंह और मो0 रिजवी विभिन्न सरकारों में मंत्री की कमान संभाल चुके है। अब नए चेहरे के रूप में संजय यादव का नाम आ रहा है। भाजपा सरकार में यह पहला मौका है सिकन्दरपुर क्षेत्र से कोई मंत्री बन सकता है।

कल्याण सिंह ,रामप्रकाश गुप्त और राजनाथ सिंह के मंत्रिमंडल में बलिया जिले का एक भी विधायक मंत्री नही रहा बीच मे बसपा और भाजपा की मिली जुली सरकार में द्वाबा के विधायक भरत सिंह खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री बने थे । गठबंधन टूटने के बाद यूपी में मुलायम सिंह की सरकार बनी उसके बाद बलिया के तीन विधायको को मंत्री बनाया गया । एक भूमिहार विरादरी से तो दो यादव समाज से मुलायम के मंत्रीमंडल में रहे । अब देखना यह होगा कि एक साल की बची योगी की सरकार में  बलिया के सिकन्दरपुर के विधायक का प्रयास कितना रंग लाता है।

तो किसकी जा सकती है लाल बत्ती
राजनैतिक गलियारों में यह चर्चा का विषय है कि क्या अब बलिया के तीन मंत्री योगी सरकार में होंगे या किसी एक मंत्री की लालबत्ती उतरेगी आखिर किसकी यह भी एक सोचनीय विषय है। वैसे तो यह सच है एक मंत्री का जाना तय है।

क्या गाजीपुर जिला योगी के मंत्री मंडल में शामिल होगा
सबसे बड़ा सवाल यह है कि पूर्वाचल का सबसे खास जिला गाजीपुर योगी की नजर में क्यो नही ।
सुभासपा से भाजपा का गठबंधन टूटने के बाद ओमप्रकाश राजभर को योगी के मंत्रीमडल से हटना पड़ा और उसके बाद यहाँ से किसी को मंत्री बनने का मौका नही मिला जबकि इसी जिले से स्व0 कृष्णानन्द राय की पत्नी अलका राय विधायक है लेकिन उनको मंत्रिमंडल में मौका नही मिला अब देखना यह होगा कि अलका राय को योगी अपने मंत्री मंडल में शामिल करते है या नही

featured

बलिया में कितने फीसदी लोग हैं गरीब, नीति आयोग ने बता दिया

Published

on

भारत सरकार के नीति आयोग ने देशभर के राज्यों और जिलों का बहुआयामी गरीबी सूचकांक यानी एमपीआई जारी किया है। नीति आयोग के इस बहुआयामी गरीबी सूचकांक में बलिया जिले के लोगों की गरीबी का आंकड़ा भी बताया गया है। एमपीआई के मुताबिक बलिया में तेरह लाख पैंतीस हजार नौ सौ साठ (1335960) लोग गरीब हैं। बलिया की कुल आबादी लगभग 36 लाख है।

नीति आयोग के रिपोर्ट के अनुसार बलिया की कुल आबादी के 37.11 प्रतिशत लोग गरीब हैं। आयोग ने सभी जिलों के ग्रामीण और शहरी इलाकों में भी गरीबी के आंकड़े जारी किए हैं। बलिया के ग्रामीण इलाकों में गरीबी शहरी क्षेत्रों से ज्यादा है। हालांकि ये अंतर बहुत अधिक नहीं है। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में 37.73 फीसदी लोग गरीब हैं। तो वहीं शहरी आबादी के 31.60 फीसदी लोग गरीब हैं। आंकड़े बताते हैं कि बलिया के शहरी और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच बहुत ज्यादा अंतर नहीं है।

उत्तर प्रदेश गरीबी के मामले में बलिया 37वें स्थान पर है। जबकि पड़ोसी आजमगढ़ और मऊ क्रमशः 50वें और 51 वें पायदान पर हैं। यानी कि आजमगढ़ और मऊ के मुकाबले बलिया में गरीबी ज्यादा है। हालांकि शहरी इलाकों में गरीबी के मामले में मऊ अन्य दो जिलों से भी आगे है।

गौरतलब है कि गत शुक्रवार यानी 27 नवंबर को नीति आयोग ने एमपीआई जारी की थी। नीति आयोग ने देशभर के राज्यों और जिलों में वर्ष 2015-16 के बेसलाइन सर्वे पर बहुआयामी गरीबी सूचकांक तैयार की है। इस सूचकांक में लोगों के स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर को पैमाना बनाया गया है। इसमें पोषण, बाल किशोर मृत्यु दर, प्रसव पूर्व देखभाल, स्कूली शिक्षा, खाना पकाने के ईंधन, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, आवास, संपत्ति और बैंक खाते की संख्या को भी आधार बनाया गया है।

सूचकांक में सभी मानकों की स्थिति को अलग-अलग बताया गया है। बलिया में पोषण 40.90 प्रतिशत है। बाल और किशोर मृत्यु दर 5.92 फीसदी। प्रसव पूर्व देखभाल 41 फीसदी। स्कूली शिक्षा 11.86 प्रतिशत। स्कूल में उपस्थिति 8.47 फीसदी। खाना पकाने के ईंधन में 81.61 प्रतिशत। स्वच्छता में 76.73 फीसदी। बैंक खाते बलिया में 3.60 प्रतिशत हैं।

Continue Reading

featured

ओमिक्रोन से लड़ने की क्या है बलिया स्वास्थ्य विभाग की तैयारी, जानिए यहां

Published

on

कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रोन को लेकर बलिया जिले का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। नए वेरिएंट से बचाव के साथ ही संक्रमण फैलने से रोकने के लिए टेस्टिंग बढ़ाई जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने माइक्रोप्लान तैयार किया है।

एक दिसंबर यानि आज से लेकर तीन दिसंबर तक जिले के उच्च शिक्षण संस्थानों में तथा तीन से छह दिसम्बर तक सरकारी व प्राइवेट अस्पताल के स्टाफों का सेम्पलिंग किया जाएगा। इस पूरे काम पर स्वास्थ्य विभाग अपनी नजर रखेगा।

स्वास्थ्य विभाग की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग हो ताकि संक्रमण का समय रहते पता लग सके। वहीं सीएमओ तन्मय कक्कड़ के मुताबिक आरटीपीसीआर जांच में तेजी लाई गई है। सीएमओ ने बताया कि  विभाग की ओर से चार टीमें रेलवे स्टेशन, दो टीमें रोडवेज बस स्टैंड व एक टीम शहर के चौक बाजार में सेम्पलिंग कर रही है। इन सभी जगहों पर बाहर से आने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है और उनका सेम्पलिंग किया जा रहा है।

वहीं जिन देशों में ओमिक्रोन फैल चुका है। उन देशों से आने वाले लोगों का सैंपलिंग एयरपोर्ट पर ही करवाई जानी है। सैंपलिगं के बाद व्यक्ति की सूची जिले के स्वास्थ्य विभाग को मिलेगी। और फिर उस व्यक्ति पर निगरानी रखी जाएगी। सीएमओ का कहना है कि अपर मुख्य सचिव के आदेश आने के साथ ही तैयारी कर ली गयी है। अभी तक जिले में ऐसे लोगों की सूची नहीं है। जांच तेजी से किया जायेगा ताकि स्थिति न बिगड़े और समय पर इलाज हो सके।

Continue Reading

featured

क्रिप्टो करेंसी के खतरे पर राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने सरकार से बेहद जरूरी सवाल पूछा!

Published

on

नई दिल्ली। दुनिया भर में क्रिप्टो करेंसी को लेकर बहस चल रही है। भारत में भी आजकल क्रिप्टो पर खूब चर्चा हो रही है। लोग जमकर इसमें निवेश कर रहे हैं। लेकिन बताया जा रहा है कि क्रिप्टो में निवेश करना लोगों के लिए घाटे का सौदा हो सकता है। इससे बचने की सलाह भी दी जा रही है। इसी बीच मंगलवार यानी आज बलिया जिले से राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने राज्यसभा में इस मुद्दे पर अपनी ही भारतीय जनता पार्टी की सरकार से सवाल पूछा है।

नीरज शेखर ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान प्रश्नकाल में क्रिप्टो करेंसी को लेकर भारत सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से दो सवाल पूछे। नीरज शेखर ने सवाल किया कि “सभी लोग बात कर रहे हैं कि बिल आने वाला है। लेकिन क्रिप्टो करेंसी यानी बिटकॉइन जो शुरू हुआ था एक डॉलर से और आज साठ हजार डॉलर उसका मूल्य है। एक अनुमान लगाया गया है कि भारत में करोड़ों लोगों ने इसमें निवेश किया है। लाखों-करोड़ रुपया इसमें चला गया है। क्या भारत सरकार उन लोगों को बताने की कोशिश कर रही है कि ये अभी सुरक्षित नहीं है? ये ऐसा पैसा लगा रहे हैं जिसमें आगे उनका नुकसान हो सकता है। हमारा वित्त मंत्रालय इस मामले में क्या कर रहा है?”

राज्यसभा में सांसद नीरज शेखर के इस सवाल का जवाब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिया। निर्मला सीतारमण ने कहा कि “हां, बिल आएगी। लेकिन सेबी व आरबीआई के जरिए और एक बार भारत सरकार की ओर से बयान जारी कर यह बताने की कोशिश की गई है कि यह एक रिस्की क्षेत्र है। जो लोग इस ओर जा रहे हैं सचेत रहना चाहिए कि वो क्या कर रहे हैं।” वित्त मंत्री ने बताया कि “यह भी कहा गया है कि ये एक ऐसा क्षेत्र है जो अभी रेगुलेटरी फ्रेम में नहीं है। हमारी ओर से अलर्ट जारी किया जा चुका है कि यह अभी एक हाई रिस्की क्षेत्र है।”

इसके बाद राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने क्रिप्टो करेंसी को लेकर ही एक और सवाल पूछा। नीरज शेखर ने कहा कि “आप कहीं भी इंटरनेट पर कोई वेबसाइट खोलिए तो क्रिप्टो करेंसी के विज्ञापन बहुत आ रहे हैं। हमारे नौजवान साथी इसमें पैसा खूब लगा रहे हैं। तो क्या जब तक बिल आएगा तब तक के लिए इन विज्ञापनों को बंद करने का कोई उपाय हो सकता है?”

इंटरनेट पर क्रिप्टो करेंसी के विज्ञापन पर रोक लगाने के सवाल पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि “विज्ञापन को बंद करने का कोई उपाय अभी तक नहीं है। लेकिन युवाओं को इस बार में सावधान करने का और इसके रिस्क को लेकर ध्यान दिलाने के लिए सरकार के द्वारा कदम उठाया जा रहा है। सेबी और आरबीआई के द्वारा भी जागरुकता के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। मगर अब हम इस कगार पर पहुंच चुके हैं कि इस पर हमारा जल्दी आने वाला है।”

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!