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बलिया स्पेशल

प्राथमिक शिक्षक के रूप में चयनित बलिया के 651 अभ्यर्थियों दिया गया नियुक्ति पत्र

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बलिया डेस्क :  प्राथमिक शिक्षक के रूप में चयनित प्रदेश के 31,277 में शामिल बलिया के 651 अभ्यर्थियों को बहुउद्देशीय सभागार में नियुक्ति पत्र वितरित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर आयोजित कार्यक्रम में पांच सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान देकर इसका शुभारंभ किया।

इसके बाद सभागार में सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, राज्यसभा सदस्य सकलदीप राजभर, विधायक धनन्जय कन्नौजिया व संजय यादव संग अधिकारियों ने चयनित अभ्यर्थियों में नियुक्ति पत्र का वितरण किया। नियुक्ति पत्र पाकर नवनियुक्त सहायक अध्यापकों के चेहरे पर खुशी साफ दिख रही थी।

शुरूआत में विकास भवन स्थित एनआईसी कक्ष में विधायक संजय यादव ने पांच अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान वहां वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच नवनियुक्त अध्यापकों के साथ लाइव बातचीत भी की।

मुख्यमंत्री जी से वार्ता कर नवनियुक्त सहायक अध्यापक प्रियंबदा सिंह, शिक्षामित्र इन्द्रजीत सिंह, मेनका सिंह, अभिनव गुप्ता व मुकेश साहनी की खुशी और दुगनी हो गयी। उधर, इस लाइव बातचीत को बहुउद्देशीय सभागार में मौजूद सभी अध्यापक भी देख रहे थे।

मुख्यमंत्री जी ने सभी अभ्यर्थियों को बधाई व शुभकामनाएं दिए। उन्होंने विधायक संजय यादव से भी जिले की पठन—पाठन की व्यवस्था के सम्बन्ध में फीडबैक लेते हुए जरूरी सुझाव लिए। विधायक ने भी नवनियुक्त अध्यापकों को बधाई देते हुए कहा कि यह एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के साथ बच्चों के भविष्य को संवारने जैसा पुनीत कार्य करने का अवसर भी मिला है। पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ कार्य कर इस अवसर को भुनाएं।

बहुउद्देशीय सभागार में पहला नियुक्ति पत्र गंगासागर पांडेय को मिला, जिन्हें विधायक धनंजय कन्नौजिया व वित्त एवं लेखाधिकारी अमित राय ने प्रदान किया। वहीं, दिनेश यादव को विधायक संजय यादव व बीएसए शिवनारायण सिंह ने, सुजाता पांडेय को राज्यसभा सदस्य सकलदीप राजभर व सीडीओ विपिन कुमार जैन ने दिया।

नवनियुक्त अध्यापक हरिकेश यादव को सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त व डीआईओएस भाष्कर मिश्र तथा रामविलास यादव को भाजपा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू व उप शिक्षा निदेशक/डायट प्राचार्य ने नियुक्ति पत्र सौंपा।

बच्चों के बेहतर भविष्य का करें निर्माण: बहुउद्देशीय सभागार में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने सबसे पहले नवनियुक्त शिक्षकों को बधाई दी। कहा, अब आप विद्या मंदिर के पुजारी है, बच्चों के बेहतर भविष्य का निर्माण करें। मिशन प्रेरणा के तहत प्रदेश को प्रेरक प्रदेश बनाएं।

यह आपकी मंजिल नहीं, नई शुरुआत है। गुजारिश है, अपेक्षा है कि मिशन प्रेरणा पर काम करें और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा से भावी भविष्य को शिक्षा, संस्कार और परम्परा से परिपूर्ण करें। माना जाता है कि जब प्राथमिक शिक्षा मजबूत होगी तो आगे किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। इसे देखते हुए अति महात्वाकांक्षी योजना मिशन प्रेरणा के तहत बेसिक शिक्षा में गुणवत्तापरक बदलाव लाने की कवायद को मजबूती प्रदान करें।

कार्यक्रम में इनकी रही मौजूदगी- बहुद्देशीय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कन्हैया सिंह, शिक्षक नेता जितेन्द्र सिंह, राजेश सिंह व पंकज सिंह, बीईओ नरेन्द्र सोनकर, सुनील पटेल, निर्भय नारायण सिंह, एके राय, प्रभात श्रीवास्तव, धर्मेंद्र कुमार, हेमंत कुमार मिश्र व वंशीधर

श्रीवास्तव, डीसी नुरूल हुदा, आनंद प्रकाश मिश्र, प्रवीण यादव, सत्येन्द्र राय व अजीत पाठक, आशुतोष तोमर व संतोष चन्द्र तिवारी, अजय सिंह, उपेन्द्र सिंह, सतीश मेहता, अनिल कुमार वर्मा आदि मौजूद रहे। संचालन अब्दुल अव्वल ने किया।

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बलिया स्पेशल

योगी के दौरे पर युवा चेतना का तंज, मुख्यमंत्री ने बलिया को “पिकनिक स्पाट” बना दिया

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बलिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बलिया दौरे पर युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने तंज कसा है। रोहित सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बलिया आए और बिना जनता की समस्याओं का जायज़ा लिए चले गए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उज्ज्वला योजना की जन्मभूमि हैबतपुर गाँव आए थे अन्न योजना जाँचने परंतु 4 वर्ष से हैबतपुर सहित दर्जन भर गाँव एवं बलिया शहर को बचाने हेतु बांध निर्माण के माँग पर कुछ नहीं किया।

उज्ज्वला योजना का डंका बजाकर भाजपा 2017 में आइ परंतु हैबतपुर को सरकार ने दरकिनार किया।उन्होंने कहा की भाजपा एवं मुख्यमंत्री ने बलिया और हैबतपुर गाँव को पिकनिक स्पाट बना दिया है। चित्तु पांडेय चौराहा के समीप कटहल नाला पुल की स्थिति जर्जर है, NH 31 की स्थिति जरजर है,बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है,पूरा बलिया जलमग्न है आख़िर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन चीज़ों का अवलोकन क्यों नहीं किया।

रोहित  सवाल दागते हुए  कहा की चुनाव पूर्व मुख्यमंत्री की इस यात्रा से बलिया की जनता को क्या मिला। राजधानी रोड स्थिति कटहल नाला पुल को टीन के घेरे से ढक दिया गया ताकि मुख्यमंत्री को बलिया की विकराल स्थिति न दिखे। ऐसा ही 2021 में अहमदाबाद में हुआ था जब ट्रम्प आए थे। रोहित ने कहा की 2022 में परिवर्तन तय हो चुका है भाजपा का पोल खुल गया है।  बलिया की दुर्गति इतना पहले कभी किसी सरकार में नहीं हुआ था जो भाजपा राज में हो रहा है। धर्म के आधार पर राजनीति कर भाजपा ने जनता को दिग्भ्रमित कर दिया है अब कोई इनके झाँसे में नहीं आएगा।

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बलिया में पत्रकार वार्ता के नाम पर भाषण दे गए सीएम योगी, पत्रकारों में नाराजगी

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बलिया में योगी आदित्यनाथ के आगमन के बाद प्रदेश भर में इसकी चर्चा रही। लेकिन जिस बात की चर्चा नहीं थी हम वह आपको बताना चाहते हैं । सीएम योगी आदित्यनाथ ने यहां ‘पत्रकार वार्ता’ की जिसमें चुनिंदा पत्रकारों को शामिल होने की अनुमति थी। ध्यान रहे कि सीएम से कोई भी सवाल नहीं पूछा जा सका और सीएम के राजनीतिक भाषण को पत्रकार वार्ता कहा गया। जिंदा पत्रकार भी सीएम आदित्यनाथ से सवाल नहीं पूछ सकते सिर्फ मौजूद रहे। राजनीतिक इस बातचीत को पत्रकार वार्ता का नामा दिया गया था।

क्या- क्या हुआ जान लिजीए– मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जहां जिला प्रशासन कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम की बैठक को सफल बनाने के लिए दिनरात लगा रहा। वहीं मीडिया को सीएम की बैठक से दूर रखा। जैसे ही मीडियाकर्मी कलेक्ट्रेट सभागार पहुंचे, उन्हें वहां से मना कर दिया गया। कहा यह गया कि कुल १५ पत्रकारों की सूची हमें उपलब्ध है। वहीं पत्रकार मुख्यमंत्री के ब्रिफिंग में शामिल होंगे। जबकि कुछ पत्रकार हेलीपैड की तरफ पहुंचे तो वहां भी पुलिसकर्मियों ने उन्हें यह बताया कि आपको यहां नहीं रहना है।

आपको कलेक्ट्रेट सभागार में बाहर मुख्यमंत्री के ब्रिफिंग में आमंत्रित किया गया है। कहा गया कि उन पत्रकारों की सूची सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों के पास है। करीब ढाई बजे के बाद पत्रकार कलेक्ट्रेट सभागार परिसर में पहुंचे। कुछ देर के बाद मुख्यमंत्री उनसे रू-ब-रू हुए। जबकि उसके पहले कप्तान डा. विपिन टाडा ने पत्रकारों से निवेदन किया कि सीएम के ब्रिफिंग में आपको कोई सवाल नहीं करना है। हालांकि पत्रकारों ने इस पर आपत्ति जाहिर की, लेकिन कप्तान साहब हंसकर निकल पड़े। जब वे अंदर घुसे तो एलआईयू द्वारा यह कहा गया है कि आप कोई सवाल न पूछे।

सीएम ने पत्रकार वार्ता में क्या-क्या कहा?– मुख्यमंत्री 15 मिनट तक कोरोना से संबंधित जानकारियां देते रहे और किसानों के गेहूं के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। मजे की बात यह रही कि जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री को छत के नीचे रखा और मीडिया कर्मियों को धूप में खड़ा करवा दिया। करीब 15 मिनट तक धूप में खड़े होकर मीडियाकर्मी सीएम का कवरेज करते रहे और पसीेने से तरबतर हो गए। सीएम के साथ मीडिया के सामने मंत्री उपेंद्र तिवारी, मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल, सांसद रवींद्र कुशवाहा, सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, राज्यसभा सांसद

सकलदीप राजभर, विधायक संजय यादव, विधायक सुरेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू मौजूद रहे। सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि किसी ने यह नहीं कहा कि मीडिया के साथी आप धूप में है थोड़ा अंदर आ जाइए। खैर मीडिया कवरेज में धूप और छांव की कोई परवाह नहीं की जाती है, वह हमेशा अपने काम में लगे रहे। लेकिन बाहर यह चर्चा जरूर रही कि जिस तरीके से सभागार के अंदर सीएम ने अपने मातहतों को संबोधित किया। उसी तरीके से मीडिया को भी संबोधित किया। सीएम की ब्रिफिंग के बाद मीडिया में काफी नाराजगी थी कि कुछ सवाल हमारे थे जिसको पूछने का अधिकार जिला प्रशासन ने नहीं दिया।

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जबतक जिला अस्पताल में रहे CM योगी तबतक मरीज रहे परेशान

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बलिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को बलिया दौरे पर आए।जिले के अधिकारियों सहित भाजपा नेताओं ने उनका अच्छे से स्वागत किया। अपने बलिया दौरे पर सीएम योगी ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया, लेकिन इस दौरान जब तक मुख्यमंत्री अस्पताल में रहे तबतक सभी मरीज हलकान हो गए। किसी को ठीक से इलाज नहीं मिला, क्योंकि पूरा अस्पताल प्रशासन योगी की आवभगत करने में व्यस्त था।

जिला चिकित्सालय में ऐसे बहुत सारे मरीज थे जिन्हें कुछ घंटे के लिए इलाज नहीं मिल पाया। लोग अपनी पीड़ा को दबाए इस आशा में खड़े रहे कि कब मुख्यमंत्री अस्पताल से जाएं और उनका इलाज हो सके। एक मरीज ऐसा था जिसकी जबड़े की हड्डी उतर चुकी थी और वो दर्द से कराह रहा था, वहीं ऐसे हालात में पूरी तरह से जिला चिकित्सालय को प्रशासन ने घेरा बंद कर रखा था। यही नहीं किसी भी परिस्थिति में किसी भी व्यक्ति को अंदर जाने नहीं दिया गया, चाहे वह मर ही क्यों ना जाए।

लोग यही कहते रहे कि मुख्यमंत्री योगी कब अस्पताल से निकल जाएं। ये कैसी व्यवस्था है। लोगों ने ये भी कहा कि, कृपया बुद्धिजीवी और जनप्रतिनिधि हमें इस असामाजिक और अमानवीय व्यवस्था से अवगत कराएं। बता दें कि योगी ने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड में स्थापित पोस्ट कोविड वार्ड में भर्ती मरीजों से स्वास्थ्य सुविधाओं और दवा के बारे में पूछताछ की। मरीजों व तीमारदारों ने बताया कि सब ठीक है।

पोस्ट कोविड वार्ड में भर्ती एक मरीज से उन्होंने पूछा कि व्यवस्थाएं आजकल में हुई हैं या पहले से थी। महिला ने बताया कि पहले से थी और दवा भी ठीक-ठाक से मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप कहीं मत जाइएगा।यहीं पर रहिएगा। आप स्वस्थ होकर यहां से जाइएगा। इस प्रकार अन्य मरीजों से भी मुख्यमंत्री योगी ने बातचीत की।

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