Connect with us

बलिया

बलिया- रेलवे स्टेशन पर एस्केलेटर तैयार, 2 महीने से उद्घाटन का इंतजार

Published

on

बलिया में जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का खामियाजा रेल यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। रेलवे स्टेशन पर 2 महीने से लगा एस्केलेटर उद्घाटन की राह देख रहा है। ऐसे यात्रियों को इसका फायदा नहीं मिल रहा है। इसको बनाने में करीब 85 लाख रुपए की लागत आई थी। लेकिन अभी भी यात्री फुट ओवर ब्रिज से आते-जाते हैं।

बता दें एस्केलेटर लगाने वाली कार्यदायी संस्था जॉनसन प्राइवेट लिमिटेड ने सेफ्टी सर्वे भी कर लिया है। एस्केलेटर रेलवे को हैंडओवर भी कर दिया गया है। गौरतलब है कि बलिया रेलवे स्टेशन पर 36 जोड़ी ट्रेनों के ठहराव हैं। हर रोज करीब 6 हजार यात्रियों यहां आते हैं। छपरा-वाराणसी रुट पर सबसे अधिक आमदनी देने वाला स्टेशन है। ऐसे में यात्रियों की सुविधा के लिए लगाए गए एस्केलेटर का लाभ यात्री ही नहीं उठा पा रहे।

जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार का कहना है कि “एस्केलेटर की सामान्य स्पीड 0.5 प्रति मीटर सेकंड है। अगर कोई यात्री नहीं होगा तो 0.2 प्रति मीटर सेकेंड की गति होगी। जो एक राउंड के बाद आटोमेटिक रुक जाएगी। किसी यात्री के असंतुलित होकर गिरने पर यह ठहर जाएगी। हालांकि उद्घाटन के बाद ही एस्केलेटर को शुरू किया जाएगा।”

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बलिया

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती पेपर लीक के खिलाफ छात्रों ने किया प्रर्दशन

Published

on

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती के लिए 17 और 18 फरवरी को आयोजित परीक्षा लगातार विवादों में बनी हुई है। अभ्यर्थी लगातार आरोप लगा रहे हैं कि भर्ती का पेपर आउट हो गया था, इसलिए इस परीक्षा को दोबारा आयोजित कराया जाए। वहीं, दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर पेपर लीक के कई वीडियो और स्क्रीनशॉट वायरल हैं, लेकिन अभी तक सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया है। सरकार की कार्यप्रणाली से आहत होकर छात्र जगह जगह प्रदर्शन कर रहे हैं।

इसी बीच समाजवादी छात्र सभा बलिया के तत्वाधान में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के पेपर लीक के खिलाफ़ राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। छात्र सभा बलिया के जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की भ्रष्ट सरकार पेपर लीक कर गरीब छात्रों को भर्ती करने से वंचित करना चाहती हैं। यह कही न कही सरकार की विफलता और उसके भ्रष्टाचार का जीता जागता उदाहरण है। पूरे प्रदेश में समाजवादी छात्र सभा आज एकजुट होकर छात्रों के साथ हो रही नाइंसाफी के खिलाफ है एवं उनके आवाज़ को बुलंद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

वही प्रदेश सचिव आजाद आलम और राघवेंद्र गोलू ने कहा कि यह छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है, सरकार को जल्द पेपर निरस्त कर पुनः परीक्षा कराया जाना चाहिए। छात्रों ने मांगे पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

ज्ञापन सौपने में छात्र नेता साजीद कमाल, जिला महासचिव अखिलेश यादव, मन्नू कुमार, मुलायम खान, प्रभात मौर्या, पिंटू मौर्या, अजय शुक्ला, दिग्विजय पासवान,अमित उपाध्याय, मुकेश, दीपक गुप्ता व समाजवादी छात्र सभा के सभी साथी मौजूद रहे।

Continue Reading

बलिया

बलिया पुलिस के मनमानीपूर्ण रवैए से परेशान होकर भाजपा नेता ने दी आत्मदाह की चेतावनी

Published

on

बलिया में पुलिस के मनमानीपूर्ण रवैया से परेशान होकर भाजपा नेता ने आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। इस मामले ने सभी को चौंका कर रख दिया है। साथ ही साथ बलिया पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं।

बताया जा रहा है कि प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को समझाइश देकर जाम समाप्त करवाने का प्रयास करने वाले भाजपा नेता पर ही पुलिस ने फर्जी मुकदमा दर्ज कर लिया। इससे आहत होकर भाजपा नेता ने इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर करने की मांग करते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी है।

जानकारी के मुताबिक, मामला गढ़वार थाना क्षेत्र का है, जहां गड़वार निवासी भाजपा नेता और वरिष्ठ समाजसेवी मनु सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि तीन दिन पूर्व गड़वार कस्बा के एक मैरिज हॉल में शव मिला था। इसको लेकर परिजन और ग्रामीण ने थाना चौराहे पर मुख्य मार्ग को जाम कर दिए था।

इसके बाद गढ़वाल इंस्पेक्टर संजय शुक्ला ने मनु सिंह के साथ ग्रामीणों को समझाया और जाम समाप्त करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने धन्यवाद देने की जगह मनु सिंह पर ही केस दर्ज कर दिया। मनु सिंह के साथ अन्य लोगों पर भी फर्जी मुकदमा दायर किया गया है। इसको लेकर मनु सिंह का कहना है कि गलत मुकदमा लिखा जाने के जुर्म में इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर किया जाए, नहीं तो मैं 5 तारीख को थाना चौराहे पर आत्मदाह करूंगा और इसका जिम्मेदार प्रशासन होगा।

इस घटना के बाद सवाल खड़े हो रहे हैं कि भाजपा के राज में अगर भाजपा कार्यकर्ता का ये हाल है तो आखिर आम जनता का क्या हाल होगा।

Continue Reading

बलिया

बलिया: किसान आंदोलन में किसान की मौत से आक्रोशित किसानों ने खरौनी बॉर्डर पर किया प्रदर्शन

Published

on

दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में एक किसान की मृत्यु होने के बाद देशभर में तनाव पूर्ण माहौल है। किसान अक्रोशित हो गए हैं और जगह- जगह विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में बलिया के खरौनी बॉर्डर में संयुक्त किसान मोर्चा ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में किसानों ने लिखा है कि 21 फरवरी को करौली बॉर्डर पर पुलिस की फायरिंग में एक किसान की मृत्यु हो गई। किसानों ने कहा कि यह सरकार की सोची समझी रणनीति के तहत इस घटना को अंजाम दिया गया है। यह लोकतंत्र की हत्या है। बॉर्डर पर आंदोलन करने वाले किसानों की बात जनता तक न पहुंचे। इसलिए इंटरनेट, ट्विटर अकाउंट, यूट्यूब सब कुछ बंद कर दिया गया है। यह तानाशाही रवैया किसान सहने को तैयार नहीं है।

बता दें कि संयुक्त किसान मोर्चा बलिया के किसानों ने मांग किया है कि खरौनी में शहीद हुए किसान के परिवार को एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए तथा दोषियों को सजा दी जाए। अभिव्यक्ति की आजादी के सभी संसाधनों पर लगे प्रतिबंध हटाया जाए।उन्होंने मांग की कि पुलिसिया किलेबंदी हरियाणा, पंजाब एवं दिल्ली बॉर्डर से हटाया जाए। संयुक्त किसान मोर्चा के साथ विगत आंदोलन में किए गए वादों को पूरा किया जाए।

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!