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यूपी के अच्छे खराब तहसील, थाने, जिले की लिस्ट जारी, प्रदर्शन में पिछड़ा बलिया

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उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद प्रदेश स्तर पर प्रशासनिक और विभागीय व्यवस्था कैसी हैं, इसकी रिपोर्ट बनाई जा रही है। फील्ड में तैनात कमिश्नर, डीएम, उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण, नगरायुक्त, तहसील, थाना स्तर तक की रिपोर्ट हर माह दी जा रही है। सीएम योगी को जिले, तहसील और थाने स्तर तक की पूरी खबर है।

सीएम को दी गई रिपोर्ट में सबसे अच्छे व खराब प्रदर्शन करने वाले विभागो व तहसीलों का खुलास हुआ है। विभागों के परफोर्मेंस की बात करें जुलाई माह में शासन स्तर पर सबसे अच्छा कार्य करने वाले टॉप टेन विभागों में सहकारिता, ग्राम्य विकास, भूतत्व एवं खनिकर्म, श्रम, नगर विकास, गृह एवं गोपन, पिछड़ा वर्ग कल्याण, समाज कल्याण, सिंचाई जल संसाधन और पंचायती राज हैं। ॉ

सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों में नियुक्ति, कार्मिक, आयुष, प्राविधिक शिक्षा, कृषि विपणन, अवस्थापना और औद्योगिक विकास, आवास एवं शहरी नियोजन, व्यवसायिक शिक्षा, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति और पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन है। मुख्यमंत्री योगी को जनसुनवाई समाधान प्रणाली (आईजीआरएस) और सीएम हेल्पलाइन (1076) में आने वाली आम लोगों की शिकायतों के निस्तारण की हर माह रिपोर्ट दी जा रही है।

10 सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले थानों में लखीमपुर खीरी में महिला थाना, कौशाम्बी में महिला थाना, बुलंदशहर में महिला थाना, महराजगंज में महिला थाना, श्रावस्ती में महिला थाना, संभल में महिला थाना, सोनभद्र में माछी, लखीमपुर में चंदन चौकी, वाराणसी में महिला थाना बड़ागांव और इटावा में भरेह है। जबकि सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले थानों में आगरा में बसई अरेला, मनसुखपुरा, सोनभद्र में रामपुर बर्कोनिया, गौतमबुद्धनगर में थाना सेक्टर 113, शाहजहांपुर में परौर, गाजीपुर में शादियाबाद, बलिया में फेफना, प्रयागराज में सिविल लाइंस, बहरिया और मउआइमा है।

गौरकरने वाली बात यह है कि अच्छा प्रदर्शन करने की श्रेणी में बलिया का चयन नहीं हुआ है। सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले थानों में बलिया के फेफना थाने का नाम शामिल है। तहसील स्तर पर सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले जिलों में प्रयागराज में सदर, महराजगंज में निचलौल, सिद्धार्थनगर में बांसी, संभल में गुन्नौर, पीलीभीत में पूरनपुर, सीतापुर में लहरपुर, उन्नाव में हसनगंज, गोरखपुर में कैंपियरगंज, लखनऊ में मोहनलालगंज और शाहजहांपुर में पुवायां तहसील है। जबकि सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले सोनभद्र में राबर्ट्सगंज, अंबेडकरनगर में आलापुर, सोनभद्र में घोरावल, बहराइच में कैसरगंज, सोनभद्र में दुद्धी, वाराणसी में राजा तालाब, लखीमपुर में धौरहरा, अमेठी में गौरीगंज, गाजीपुर में कासिमाबाद, कन्नौज में कन्नौज तहसील है।

एडीजी और आईजी स्तर पर टॉप थ्री जोन में सबसे अच्छे आगरा, कानपुर और लखनऊ हैं। जबकि सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले मेरठ, गोरखपुर और प्रयागराज जोन हैं। ऐसे ही आईजी और डीआईजी स्तर पर सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले टॉप फाइव रेंज में आगरा, चित्रकूट, सहारनपुर, मेरठ और कानपुर है। जबकि सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले में झांसी, बरेली, मुरादाबाद, आजमगढ़ और गोरखपुर जोन हैं। पुलिस आयुक्त, एसएसपी और एसपी स्तर पर सबसे अच्छा कार्य करने वाले टॉप टेन जिलों में प्रयागराज, गाजियाबाद, शाहजहांपुर, मेरठ, बिजनौर, जालौन, फर्रुखाबाद, ललितपुर, अलीगढ़ और संभल हैं। जबकि सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले कानपुर शहर, लखनऊ, बलिया, कुशीनगर, सोनभद्र, शामली, बाराबंकी, गाजीपुर, कानपुर आउटर और चित्रकूट है।

जुलाई में आईजीआरएस और हेल्प लाइन पर आने वाली शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में टॉप टेन जिलों में अमरोहा, प्रयागराज, संतकबीरनगर, बागपत, शाहजहांपुर, महराजगंज, फर्रुखाबाद, मेरठ, इटावा और शामली हैं। जबकि सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले बॉटम टेन जिलों में जौनपुर, गाजीपुर, वाराणसी, कन्नौज, सोनभद्र, मिर्जापुर, श्रावस्ती, कासगंज, मथुरा और बस्ती हैं। सबसे अच्छा कार्य करने वाले टॉप फाइव कमिश्नरी में मिर्जापुर, सहारनपुर, झांसी, अयोध्या और गोरखपुर हैं। सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले बॉटम फाइव में मेरठ, वाराणसी, कानपुर, लखनऊ और देवीपाटन मंडल है।

सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले टॉप फाइव विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बस्ती, वाराणसी और गाजियाबाद हैं। सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले बॉटम फाइव में बागपत, सिद्धार्थनगर, जालौन, उन्नाव और सोनभद्र हैं। पांच सबसे अच्छे नगर निगम में प्रयागराज, शाहजहांपुर, गाजियाबाद, झांसी, फिरोजाबाद हैं। जबकि सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले में मेरठ, कानपुर शहर, अलीगढ़, सहारनपुर और मथुरा हैं।

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सुरहाताल में नौकायन से पहले स्थानीय नाविकों को दिया गया प्रशिक्षण

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बलिया के सुरहा ताल में 10 दिसंबर से पक्षी महोत्सव का शुभारंभ होगा। इसमें नौकायन भी होगा। इसको लेकर नावों के सफल संचालन के लिए स्थानीय नाविकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण रखा गया।

बता दें कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, बलिया व रेडक्रास सोसायटी के माध्यम से प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस दौरान उत्तर प्रदेश नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण नीति के अंतर्गत तैयार की गई एसओपी के बारे विस्तृत रूप से नाविकों को बताया गया। नाविकों को लाइफ जैकेट को सही तरीके से पहनने, लाइफ व्याय रिंग के प्रयोग तथा नाव के रखरखाव एवं परिचालन में विशेष सावधानी बरतने के संबंध में विस्तृत रूप से प्रशिक्षित किया गया।

उक्त प्रशिक्षण में जिला आपदा विशेषज्ञ पीयूष सिंह बघेल, नायब तहसीलदार संत विजय सिंह ,रेड क्रॉस सोसाइटी से शैलेंद्र कुमार पांडे,अभिषेक राय तथा जनपद के प्रशिक्षित आपदा मित्र धर्मेंद्र ठाकुर ,राजकिशोर यादव सहित सुरहा ताल के आसपास के लगभग 2 दर्जन नाविक उपस्थित रहे।

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बलियाः 10 साल बीते पर अब तक बनकर तैयार नहीं हुआ मांझी रेल पुल

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बलिया में विकास कार्यों की रफ्तार कितनी धीमी है, इसका अंदाजा लगाने के लिए मांझी रेल पुल ही काफी है। पिछले 10 सालों से निर्माणाधीन इस पुल का काम आजतक पूरा नहीं हुआ है। लोग अब भी पुल के पूरी तरह बनने की बांट जोह रहे हैं लेकिन पुल कब तक बनकर तैयार होगा यह कहना मुश्किल है।

बता दें कि साल 1856 में अंग्रेज इंजीनियर इंचकेप ने इसका निर्माण करवाया था। साल 1993 में भूंकप के झटके से पुल क्षतिग्रस्त हो गया। इस पुल को सुधवाया गया तब से पुल पर राजधानी सहित दर्जनों मेल एक्सप्रेस, मालगाड़ी व पैसेंजर गाड़ियों का आवागमन जारी है।

150 साल पुराना यह पुल धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। लिहाजा इसके ठीक पास में वाराणसी-छपरा रेलखंड पर बकुल्हा मांझी रेलवे स्टेशनों के बीच सरयू नदी पर लगभग 300 करोड़ की लागत से नया पुल बन रहा है। लेकिन इसका निर्माण काफी धीमी गति से हो रहा है।

पिछले 10 सालों से बन रहे इस पुल का 95 फीसदी काम पूरा हो गया है लेकिन पुलिस का एक पाया निर्माण के साथ ही टेढ़ा हो गया। जिसकी मरम्मत में वक्त लगेगा। कहा जा रहा है कि पुल 6 महीने बाद ही बनकर तैयार हो पाएगा।

पूर्वोत्तर रेलवे जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह का कहना है कि मांझी रेल पुल का कार्य जल्द से जल्द पूरा कराने के लिए कार्यदायी संस्था को आदेशित किया गया है, सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो गर्मी के मौसम में नए रेल पुल पर ट्रेनें दौड़ने लगेगी।

 

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MLA उमाशंकर ने विस में उठाया बंद पड़े ओवरहेड टैंकों व जर्जर बिजली तारों का मुद्दा

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बसपा विधायक उमाशंकर सिंह विधानसभा में बलिया से जुड़े मुद्दे उठाते रहते हैं। मंगलवार को विधायक सिंह ने जिले में बंद पड़े ओवरहेड टैंकों, जर्जर विद्युत तारों व डीएपी के अभाव का मुद्दा उठाया।

विधायक ने विधानसभा में अवगत करता हेुए बताया कि खनवर, कुरेजी, अठिलापुरा, सिसवार, हजौली, जाम, शाहमुहम्मदपुर के ओवर हेड टैंक चालू किए जाने के कुछ समय बाद ही बंद हो गए। पिपरा पट्टी बहीरापुर, प्रधानपुर में टैंक तैयार हैं फिर भी चालू नहीं किए जा सके। इसके चलते स्थानीय लोगों को काफी ज्यादा परेशानी हो रही हैं।

इसके साथ ही विधायक ने चिलकहर ब्लॉक में विद्युत आपूर्ति हेतु लगभग 50 वर्ष पुराने लगे 33 व 11 केवीए के जर्जर तारों को तत्काल बदलने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुराने जर्जर तारों से हादसे होने का डर बना रहता है। साथ ही बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होती हैं ऐसे में जल्द से जल्द तारों को बदला जाए ताकि स्थानीय लोगों की परेशानी दूर हो सके।

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