Connect with us

बलिया स्पेशल

क्या लोकसभा चुनाव में ही लिख गई थी इस्तीफे की कहानी ?

Published

on

बलिया- पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर के राज्यसभा से इस्तीफा देने की खबर सोमवार को आई तो उन सारी अटकलों पर विराम लग गया, जिसके कयास लोकसभा चुनाव के समय से ही लगाया जा रहे थे। वहीँ इस्तीफे के बाद अब माना जा रहा है कि वे जल्द ही भाजपा का दामन थाम सकते हैं। 

लोकसभा चुनाव में बलिया की सीट सपा-बसपा बंटवारे में सपा के खाते में थी। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की इस परंपरागत सीट से नीरज शेखर का लड़ना तय माना जा रहा था। चूंकि वे राज्यसभा सदस्य भी थे, लिहाजा माना जा रहा था कि सपा अपनी एक सीट कम नहीं करेगी। ऐसे में नीरज शेखर की पत्नी डा. सुषमा शेखर को उम्मीदवार बनाने पर मंथन हो रहा था। इसे लेकर लंबे समय तक उम्मीदवार की घोषणा भी सपा नहीं कर पा रही थी। बताया जाता है कि डा. सुषमा शेखर का नाम तय भी हो गया था लेकिन ऐन मौके पर ऐसा कुछ राजनीतिक पेंच उलझा कि चंद्रशेखर की विरासत पर विराम लगाते हुए सपा ने यहां से सनातन पांडे को उम्मीदवार बना दिया। 

सपा के इस फैसले के बाद से ही नीरज के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलों का दौर तेज हो गया था। टिकट कटने से नीरज शेखर के समर्थकों में आक्रोश था और इसका असर चुनाव पर भी पड़ा। खुद नीरज ने न सिर्फ चुनाव से दूरी बनाए रखी बल्कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बलिया में हुई जनसभा में भी वे शामिल नहीं हुए। उसके बाद से यह तय माना जा रहा था कि नीरज व सपा का रिश्ता अब लम्बा नहीं चलने वाला। 

बलिया पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की परंपरागत सीट रही। 2007 में उनके निधन के बाद हुए उपचुनाव में नीरज शेखर को सपा ने अपना उम्मीदवार बनाया और वे पहली बार सांसद बने। इसके बाद 2009 के आम चुनाव में भी नीरज ने सपा उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और दूसरी बार सांसद बने। 2014 के लोकसभा चुनाव में बलिया की सीट पहली बार मोदी लहर में भाजपा के खाते में चली गयी। इसके बाद भी सपा ने नीरज को चंद्रशेखर से अपने रिश्ते को मजबूती देते हुए राज्यसभा सदस्य बनाया।

लोकसभा चुनाव के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश ने खुद इसका जिक्र करते हुए कहा था कि मौका मिला तो फिर नीरज को सम्मान देंगे। उनका कार्यकाल 2020 तक था लेकिन इसी बीच उन्होंने इस्तीफा दे दिया। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के नाती रविशंकर सिंह पप्पू भी फिलहाल सपा से ही विधान परिषद के सदस्य हैं।

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

code

featured

Ballia News- फेफना में ऐतिहासिक सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन, 551 जोड़े की हुई शादी

Published

on

बलिया। 551 वैवाहिक जोड़े, अग्निकुंड, लाल जोड़े पहन सजी दुल्हनें और सेहरा बांधे दूल्हे… यह नजारा था बलिया के फेफना में। जहां मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत 551 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। रविवार को इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ।

इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए भव्य तरीके से तैयारियां की गई थी। कार्यक्रम की शुरुआत राम-सीता विवाह से हुई। कार्यक्रम में विवाह से पूर्व राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी ने समारोह में आए लोगों का अभिनंदन और स्वागत किया। दिल्ली और लखनऊ से आए कलाकारों ने राम और सीता के विवाह का नाटक मंचन किया।कलाकारों ने अपने लोक कला के माध्यम से लोगों को राम और सीता के आदर्श जीवन के बारे में बताया। वैवाहिक समारोह में आये जोड़ों ने जनपद के प्रभारी मन्त्री अनिल राजभर,राज्य मंत्री उपेंद्र तिवारी उनकी धर्मपत्नी श्रीमती दीपिका तिवारी और भाजपा नेता डॉक्टर विपुलेन्द्र प्रताप से आशीर्वाद ग्रहण किया।

विवाह कार्यक्रम की शुरुआत बनारस से आए ब्राह्मणों के मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। 551 जोड़ों ने आज एक साथ एक होने का वचन लिया और एक दूजे के हो गए। यद्यपि 551 जोड़ों का रजिस्ट्रेशन हुआ था परंतु यह संख्या बढ़कर 765 हो गई थी ।इसके लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर रखी थी ।लोगों के खाने-पीने और जलपान की व्यवस्था की गई थी।

लड़कियों के कपड़े बदलने और सिंगार के लिए अलग व्यवस्था की गई थी। साथ ही पुरुष और महिला प्रसाधन की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की गई थी ।पुलिस प्रशासन द्वारा पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी क्योंकि लोगों की संख्या एक लाख से ऊपर होने के कारण अव्यवस्था फैलने का खतरा था।वैवाहिक कार्यक्रम में माननीय मंत्री श्री उपेंद्र तिवारी और उनकी धर्मपत्नी ने पूजा अर्चना करके वर वधु को आशीर्वाद दिया और उनके नए जीवन के लिए मंगल कामना की। वैवाहिक कार्यक्रम में उपस्थित अन्य अधिकारी गणों और जिला स्तरीय अधिकारियों ने भी वर वधु को आशीर्वाद दिया ।वैवाहिक कार्यक्रम के उपरांत वर वधु को कुछ घरेलू सामान जैसे कि बर्तन का सामान ,सूटकेस दिया गया। इस कार्यक्रम में उपस्थित कलाकारों ने लोगों का भरपूर मनोरंजन किया।

कार्यक्रम में दोनों पक्षों के लोग उपस्थित थे। इस वैवाहिक कार्यक्रम में जोड़ों की शादी उनके धर्म और रीति रिवाज के अनुसार कराई गई क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संकल्प था कि हर लड़की की शादी पूरे सम्मान और रीति रिवाज के साथ कराई जाए ।उसी को ध्यान में रखकर शासन-प्रशासन और माननीय मंत्री श्री उपेंद्र तिवारी और जिला प्रशासन ने यह कार्यक्रम संपन्न कराया।

Continue Reading

featured

सांसद नीरज शेखर ने रेल मंत्री से की मांग, बलिया से चले कामायनी एवं सुहेलदेव एक्सप्रेस

Published

on

बलिया। भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने शनिवार को भारत सरकार के रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा है। राजधानी नई दिल्ली में नीरज शेखर ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मांग की है कि कामायनी एक्सप्रेस और सुहेलदेव एक्सप्रेस को बलिया से चलाया जाए। ताकि बलिया की जनता भी इन दोनों एक्सप्रेस ट्रेनों का लाभ आसानी से ले सके।

राज्यसभा सांसद नीरज शेखरर ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र सौंपकर सात मांगें की हैं। नीरज शेखर ने कामायनी एक्सप्रेस और सुहेलदेव एक्सप्रेस को बलिया से चलाने की मांग की है। इसके अलावा हमसफर एक्सप्रेस का स्टॉप बलिया रेलवे स्टेशन पर तीन दिन करने, हरिहर नाथ एक्सप्रेस में एसी कोच की संख्या बढ़ाने की भी मांग की है।

बता दें कि कामायनी एक्सप्रेस वाराणसी से चलकर बांद्रा तक जाती है। तो वहीं सुहेलदेव एक्सप्रेस गाजीपुर से चलकर आनंद बिहार टर्मिनल तक जाती है। सांसद नीरज शेखर ने अब इन दोनों ट्रेनों को बलिया से चलाने की मांग की है। बलिया के लोगों को इन ट्रेनों से सफर करने के लिए पहले वाराणसी और गाजीपुर जाना पड़ता है। जबकि बलिया से चलाने पर दोनों के रास्ते में वाराणसी और गाजीपुर आ सकते हैं।

बलिया रेलवे स्टेशन के बाहरी परिसर के सौंदर्यीकरण के लिए मकराना पत्थर लगाने की मांग भी सांसद नीरज शेखर ने की है। बलिया शहर में स्थित रेलवे स्टेशन पर शहर के दोनों छोर को जोड़ने वाले फुट ओवरब्रिज के मरम्मत की मांग भी रखी गई है। चुनाव नजदीक है तो लोगों को उम्मीद है कि ये मांगें पूरी हो जाएंगी। लेकिन देखना होगा कि रेल मंत्रालय नीरज शेखर के पत्र पर क्या संज्ञान लेता है।

Continue Reading

बलिया स्पेशल

बलिया में एक साथ 13 अभियुक्तों पर जिला बदर की कार्रवाई, मचा हड़कंप!

Published

on

बलियाः बलिया जिले में इन दिनों खूब जिला बदर की कार्रवाई हो रही है। बुधवार को जिला मजिस्ट्रेट अदिति सिंह ने गुण्डा एक्ट अधिनियम के तहत 13 लोगों को छह महीने के लिए जिला बदर किया है। वहीं 3 लोगों पर इस अधिनियम के तहत कार्यवाही करने के लिए जारी कारण नोटिस वापसी की कार्यवाही की है। जिसके बाद जिले में हड़कंप मचा गया है।

जिलाधिकारी ने जिन लोगों को जिला बदर किया है उनमें, मुलायम यादव पुत्र ध्रुप यादव निवासी भरवलिया थाना खेजुरी, रंजीत राजभर पुत्र बिरबल राजभर निवासी पाण्डेय का पोखरा कस्बा बांसडीह थाना बांसडीह, सोनू उर्फ शाहिल पुत्र परमात्मा सिंह निवासी छोटकी सेरिया थाना बांसडीह, पंकज यादव उर्फ रितेश पुत्र जगलाल यादव निवासी श्रीनगर थाना रेवती, सुनील राम पुत्र विजय कुमार राम सा0 प्रबोधपुर थाना हल्दी, छोटेलाल पुत्र परसन निवासी सुखपुरा थाना सुखपुरा, धर्मेन्द्र सिंह पुत्र पंचानन्द सिंह निवासी पिपरापट्टी थाना पकडी, कमलेश राजभर पुत्र मिठाईलाल निवासी भेडौरा थाना उभांव जनपद बलिया, गौतम सिंह पुत्र विधाता सिंह निवासी ग्राम आलेख टोला थाना बैरिया, मुकेश साहनी

पुत्र इकबाल साहनी निवासी बसन्तपुर थाना सुखपुरा, अविनाश उर्फ कल्लू पुत्र जनार्दन यादव निवासी बिठुवा थाना उभांव, छटठू यादव पुत्र रामसागर यादव निवासी ग्राम शिवरामपुर थाना बांसडीह, सोनू सिंह पुत्र सन्तोष सिंह उर्फ मुन्ना सिंह निवासी ग्राम प्रधानपुर थाना रसड़ा शामिल हैं। वहीं मेराजुद्दीन उर्फ बकरीद पुत्र छोटक कुरैशी निवासी गंधी कस्बा सिकन्दरपुर थाना सिकन्दरपुर, अशरफ कुरैशी पुत्र छोटक कुरैशी निवासी गंधी कस्बा सिकन्दरपुर थाना सिकन्दरपुर, अबरार पुत्र छोटक कुरैशी निवासी गंधी कस्बा सिकन्दरपुर थाना सिकन्दरपुर के खिलाफ जारी कारण बताओ नोटिस वापस लेने का निर्णय जिला मजिस्ट्रेट अदिति सिंह ने लिया है।

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!