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शिक्षा

पूर्वांचल यूनिवर्सिटी की बड़ी लापरवाही: परीक्षा देने गए जूनियर, पेपर मिला सीनियर का

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उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के पूर्वांचल विश्वविद्यालय की इन दिनों स्नातक और स्नातकोत्तर की परीक्षाएं चल रही हैं। लेकिन विश्वविद्यालय की परीक्षा में लापरवाही चरम पर है। जौनपुर के एक महाविद्यालय में हफ्ते में दो बार प्रश्न पत्र का लिफाफा बदलने से पेपर आउट होने का मामला सामने आया है।

जौनपुर में सिंगरामऊ के राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय में गुरुवार सुबह वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की परीक्षा चल रही थी। जिसमें स्नातक प्रथम वर्ष के छात्रों की प्राणि विज्ञान प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा पहली पाली में होनी थी। पूर्वांचल विश्वविद्यालय की लापरवाही से भेजे गए प्रश्न पत्र के लिफाफे में स्नातक द्वितीय वर्ष प्राणि विज्ञान का प्रश्न पत्र निकला।

परीक्षा हॉल में प्रश्नपत्र मिलने के बाद छात्र और शिक्षक भी हैरान हो गए। केंद्र व्यवस्थापक ने इसकी सूचना परीक्षा नियंत्रक को दी। जिसके बाद परीक्षा निरस्त कर दी गई। विद्यालय प्रशासन की सूचना पर छात्र वापस लौट गए। बता दें कि राजा हरपाल सिंह डिग्री कॉलेज सिंगरामऊ समेत पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध कई महाविद्यालयों में ऐसी लापरवाही देखने को मिली है।

अर्थशास्त्र की जगह बांटा गया था हिंदी का पेपर

इसके पहले 28 मार्च को राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय में ही प्रथम पाली में बीए प्रथम वर्ष के अर्थशास्त्र द्वितीय प्रश्नपत्र की जगह बीए द्वितीय वर्ष के हिंदी का प्रश्नपत्र बांटा गया था। जिसके बाद परीक्षार्थियों में अफरातफरी मच गई थी। छात्रों ने इसकी शिकायत कक्ष निरक्षक से की।

राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र कुमार सिंह ने परीक्षा नियंत्रक से बातचीत कर के विश्वविद्यालय द्वारा ई-मेल पर प्रश्नपत्र मंगवाया था। जिसके बाद आधा घंटा विलंब से परीक्षा शुरू हुई थी।

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बलिया

बलिया में पहली बार वर्चुअल पीटीएम, सेंट जेवियर्स स्कूल में हुआ आयोजन

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बलिया डेस्क : सेंट जेवियर्स ​स्कूल धरहरा में पहली बार वर्चुअल अभिभावक शिक्षक गोष्ठी (पीटीएम) का सफलता पूर्वक आयोजन हुआ। जिसमें शिक्षकों ने वीडियो कांफ्रेस के जरिए बच्चों की बेहतरी और पढ़ाई को लेकर सीधे अभिभावकों से बात किया। बताते चले कि इस तरह का आयोजन जनपद में पहली बार हुआ है।

जिसकी शुरूआत सेंट जेवियर्स स्कूल धरहरा ने की है। इस कार्यक्रम से अभिभावक काफी प्रसन्न दिखे। विद्यालय की प्रधानाचार्र शुभ्रा अपूर्वा ने कहा कि कोरोनाकाल को देखते हुए आगे भी इस तरह की गोष्ठी आयोजित होती रहेगी। ताकि बच्चों और अभिभावकों से सम्पर्क बनाकर और बेहतर कार्य किया जा सकें।

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बलिया स्पेशल

बलियाः किसान के बेटे को मिली बड़ी कामयाबी, जेईई परीक्षा में हासिल किए 97.26 पर्सेंटाइल

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बलिया डेस्क : बलिया के शुभम सिंह ने जेईई मेंस (जॉइंट एंट्रेंस एग्ज़ाम) परीक्षा 2020 में बाज़ी मारकर इलाके और अपने घर का नाम रौशन कर दिया। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से जारी किए गए परिणाम में शुभम का नाम ज़िले के टॉप छात्रों की सूची में रहा। उसने परीक्षा में शानदार 97.26 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं।

शुभम की इस कामयाबी के बाद उसके घर और इलाके में जश्न का माहौल है। गड़वार के रामपुर असली गांव के रहने वाले शुभम सिंह ने अपनी शुरुआती पढ़ाई देवस्थली विद्यापीठ से की। यहीं से उसने इंडटमीडिएट अच्छे अंकों से पास किया। जिसके बाद उसने बिना किसी कोचिंग की मदद के आईआईटी की तैयारी शुरु कर दी। हालांकि पहली कोशिश में शुभम को सफलता नहीं मिली, लेकिन उसने यहां हार नहीं मानी। उसने फिर से प्रयास किया और इस बार उसे शानदार कामयाबी मिली।

शुभम के पिता गोपाल सिंह पेशे से किसान हैं। वह पहले एक प्राइवेट जॉब भी करते थे। लेकिन लॉकडाउन के बाद उनकी नौकरी चली गई। फिलहाल वह किसानी और घर के कामकाज कर रहे हैं। शुभम ने अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने पिता को दिया है। साथ ही प्रेरणा स्त्रोत के रूप में उसने अपने चाचा मुकेश सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख योगेंद्र सिंह व हिमांशु प्रताप सिंह का नाम लिया।

शुभम के पिता गोपाल सिंह ने कहा कि वह शुभम की इस कामयाबी से बेहद खुश हैं और उम्मीद करते हैं कि उनका बेटा इसी तरह सफलता के हर शिखर को छुए। उन्होंने बताया कि शुभम बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज़ था। उसने आज अच्छे अंकों से परीक्षा पास करके ये साबित कर दिया है कि मेहनत और लगन से की गई कोशिश कभी व्यर्थ नहीं जाती।
बता दें कि इस साल 70 से 74 फीसदी छात्रों ने जेईई मेन की परीक्षा दी है।

परीक्षा का आयोजन एक सितंबर से लेकर छह सितंबर के बीच हुआ था। इस साल जेईई मेन परीक्षा के लिए 8.58 लाख अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसमें से 6.35 लाख छात्रों ने कोरोना महामारी के बीच परीक्षा दी थी। जेईई मेन के बाद अब जेईई एडवांस की परीक्षा 27 सितंबर को होगी।

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बलिया स्पेशल

मुश्किल में फंसे डीएम के एग्जाम में फेल होने वाले टीचर, दिया ये आदेश !

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बलिया डेस्क : बीते दिनों बलिया के जिलाधिकारी ने गंगापार नौरंगा में चौपाल में प्राथमिक स्कूल के बच्चों का टेस्ट लिया था और दिलचस्प बात यह रही कि जिलाधिकारी के इस टेस्ट में एक तरफ जहाँ बच्चे पास हो गए थे, वहीँ इसी दौरान स्कूल के प्रधानाध्यापक और टीचर फेल हो गए थे.

चौपाल में डीएम ने प्रधानाध्यापक से पहले गणित का सवाल पूछा जिसका सटीक जवाब नहीं मिल सका. इसके बाद उन्होंने विज्ञान का प्रशन पूछा पर गुरूजी वह भी नहीं बता पाए थे. ऐसे में अब इस मामले में जिलाधिकारी एक्शन में हैं. उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी को इसकी जांच करना का आदेश दिया है. जिलाधिकारी ने स्थिति को बेहद खराब बताया है. इसके साथ ही एम एस सी डिग्री धारी शिक्षक की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

दरअसल कटान और विकास कार्यों की समीक्षा करने के लिए गंगा पार की पंचायत नौरंगा में चौपाल लगाई गयी थी. बलिया के डीएम इसकी अध्यक्षता कर रहे थे. इस दौरान ग्रामीणों ने शिकायत की कि यहाँ के प्राथमिक विद्यालयों में टीचर नहीं आते हैं. मौके पर डीएम ने प्रधानाध्यापक को तलब किया और इसके बाद उनसे विज्ञान और गणित का सवाल पूछा गया, जिसका वह सटीक जवाब नहीं दे पाए.

बड़ी बात यह थी कि वही सवाल का सटीक जवाब वहां ही मौजूद छठी क्लास के एक बच्चे ने दिया था. इसके बाद डीएम ने चेतावनी दी थी और सुधार लाने को कहा था. अब डीएम ने इसे गंभीरता से लिया है और टीचर की योग्यता की जांच का आदेश दिया है.

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