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बलिया में हाईटेंशन तार से झुलसे ग्रामीण की मौत, जेई और लाइनमैन पर मुकदमा दर्ज

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हाईटेंशन तार से झुलसे ग्रामीण की मौत, जेई और लाइनमैन पर मुकदमा दर्ज। (प्रतिकात्मक तस्वीर)

बलिया जिले के श्रीनगर गांव में बिजली विभाग की लापरवाही ने एक व्यक्ति की जान ले ली। बीते मंगलवार की सुबह श्रीनगर के नागा यादव के ऊपर हाईटेंशन तार टूटकर गिर गया। हाईटेंशन तार की चपेट में आने से नागा यादव बुरी तरह झुलस गए। मंगलवार की रात तक इलाज के दौरान ही वाराणसी में उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के शिकार श्रीनगर के वृंदा यादव भी हुए। जिनका इलाज अभी चल रहा है।

नागा यादव की मृत्यु के बाद उपकेंद्र बैरिया के जूनियर इंजीनियर और लाइनमैन पर मुकदमा दर्ज किया गया है। नागा यादव की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने जेई विनोद भारद्वाज और अज्ञात लाइनमैन के खिलाफ आईपीसी की धारा 338 के तहत मुकदमा लिखा गया है। रेवती के एसओ यादवेंद्र पांडेय ने मीडिया से कहा है कि नागा यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि बलिया के श्रीनगर के निवासी नागा यादव मंगलवार की सुबह शौच जा रहे थे। तभी रास्ते में उन पर हाईटेंशन तार टूटकर गिर गया। जिसकी चपेट में आने से 35 साल के नागा झुलस गए। इस घटना में 40 साल के वृंदा यादव भी झुलसे। इसके बाद आसपास के लोगों ने दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखकर नागा यादव को वाराणसी भेज दिया। वाराणसी में ही इलाज के दौरान रात के वक्त नागा यादव का निधन हो गया। जबकि वृंदा यादव का इलाज जारी है।

मंगलवार की सुबह जब यह हादसा हुआ तो गांव के लोगों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने गुस्से में आकर सड़क जाम कर दिया। लगभग दो-तीन घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने किसी तरह ग्रामीणों को समझा-बुझाकर सड़क खाली करवाया। गांव वालों ने आरोप लगाया है कि बिजली विभाग की लापरवाही की वजह से ही यह हादसा हुआ है। इस इलाके की हाईटेंशन तार टूटी हुई थी लेकिन मरम्मत किए गए बगैर ही लाइन दे दी गई।

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दो पक्षों में मामूली कहासुनी के बाद खूनी संघर्ष, चाकूबाजी में एक की मौत, 2 घायल

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बलिया के रसड़ा क्षेत्र में दिल-दहला देने वाली वारदात सामने आई है। जहां दो पक्षों के खूनी संघर्ष में एक युवक की मौत हो गई वहीं दो युवक घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं घटना के बाद इलाके में खौफ का माहौल है।

जानकारी के मुताबिक घटना सिंगही चट्टी के समीप शुक्रवार रात 10 बजे के आसपास की है। जहां दो पक्षों में आपसी विवाद के बाद चाकू चल गए। इसी दौरान युवक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कोतवाली क्षेत्र के महाराजपुर निवासी 35 वर्षीय देवेंद्र चौहान, 25 वर्षीय मंयक चौहान और 23 वर्षीय सुनील बाइक से अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान सिंगही चट्टी स्थित काली मंदिर के समीप खड़े युवकों से तीनों की कहासुनी हो गई।

कहासुनी बाद में खूनी संघर्ष में बदल गई। दोनों पक्षों में चाकूबाजी होने लगी। जिससे बाइक सवार तीनों युवक गंभीर रुप से घायल हो गए। तीनों को तुरंत ही अस्पताल ले जाया गया। चाकूबाजी में देवेंद्र और मयंक बुरी तरह घायल हो गए थे। डॉक्टरों ने दोनों की हालत गंभीर देखते हुए रेफर कर दिया। जहां वाराणसी जाते समय देवेंद्र चौहान की मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पूरे मामले की जांच शुरु कर दी है।

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बलिया में डेंगू हो रहा डेंजर! 2 नए मरीजों में CMO भी शामिल, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप

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बलिया। जिले में डेंगू लगातार पैर पसारता जा रहा है।जहां दिन पर दिन मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अभियान का भी कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है। नतीजन मंगलवार को जिले में डेंगू के दो और मरीजों की पुष्टि हुई है। इसमें जिले के सीएमओ भी शामिल हैं। सोमवार को भी डेंगू के दो मरीज मिले थे। इससे कुल मरीजों की संख्या 77 पहुंच गई है। इतना ही नहीं जिले में वायरल प्रभावित की संख्या भी बढ़ती जा रही है। अस्पतालों में बुखार के मरीजों की भरमार लगी हुई है।

नए मरीजों में जनपद के सीएमओ डॉ. तन्मय कक्कड़ भी शामिल हैं। डेंगू की पुष्टि होते ही सीएमओ छुट्टी पर चले गए हैं। दूसरा मरीज बेलहरी ब्लॉक गायघाट में मिला है। जिस तरह डेंगू के केस बढ़ रहे हैं ऐसे में लोगों को सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, क्योंकि संदिग्ध मरीजों की निजी अस्पतालों में भी लाइनें लगी हैं। लोगों को बचाने के लिए प्रशासन का अभियान कागजों में ही चलता नजर आ रहा है। डेंगू मरीजों की बढ़ती संख्या से लोगों में दहशत है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला अस्पताल में प्लेटनेस चढ़ाने की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में जिसको प्लेटलेट्स चढ़ाने की नौबत आती है, उन्हें बाहर के अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है।

हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि डेंगू मरीज मिलने के बाद मरीजों को आवश्यक दवा किट उपलब्ध कराई गई। जिला मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव ने अपने टीम के साथ सीएमओ आवास के साथ चिह्नित स्थानों डेंगू निरोधक दवा का छिड़काव कराया। साथ ही लोगों को घर के आस-पास जल जमाव नहीं होने देने, घर के बर्तनों में पानी नहीं रखने के साथ ही हमेशा मच्छरदानी का प्रयोग करने की सलाह दी। साथ ही बुखार लगातार तीन दिन रहने पर डॉक्टर से सम्पर्क कर चेकअप कराने को कहा।

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तीन महीने बाद सऊदी अरब से आया बलिया के इस व्यक्ति का शव

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सऊदी अरब में मजदूरी करने वाले बलिया के सुभाष चंद्रा चौहान का पार्थिव शरीर लगभग तीन महीने बाद सोमवार को अपने घर पहुंचा।

सऊदी अरब में मजदूरी करने वाले बलिया के सुभाष चंद्रा चौहान का पार्थिव शरीर लगभग तीन महीने बाद सोमवार को अपने घर पहुंचा। सऊदी अरब से हवाई मार्ग से सुभाष चंद्रा चौहान का शव दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लाया गया। दिल्ली से सुभाष चंद्रा का शव बलिया में सिकंदरपुर थाना क्षेत्र स्थित उनके गांव बसारिकपुर ले जाया गया। सऊदी अरब में 46 वर्षीय सुभाष चंद्रा चौहान की बीमारी के चलते मौत हो गई थी।

सुभाष चंद्रा चौहान सऊदी अरब में बतौर मजदूर काम करने गए थे। लेकिन तीन महीने पहले उनकी मौत ह्रदयाघात से हो गई। सुभाष चंद्रा चौहान की मृत्यु के तीन दिनों बाद यह खबर बलिया में रह रहे उनके परिवार तक पहुंची थी। मौत की खबर सुनकर उनके परिजन सदमे में चले गए थे। किसी को यह सूझ नहीं रहा था कि उनका शव सऊदी अरब से घर कैसे लाया जाए।

इस घटना की खबर रामगढ़ के निवासी और दिल्ली में रह रहे समाजिक कार्यकर्ता अखिलेश चौहान तक पहुंची। अखिलेश चौहान ने इस मामले के संबंध में बलिया जिलाधिकारी से संपर्क किया। बलिया जिलाधिकारी कार्यालय से सुभाष चंद्रा चौहान की पहचान होने के बाद अखिलेश चौहान ने भारत सरकार की विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी से संपर्क किया।

भारत सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए सऊदी अरब की दूतावास से संपर्क स्थापित किया। जिसके बाद सुभाष चंद्रा चौहान से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज सऊदी अरब के राजनीतिक दूतावास रियाद और वाणिज्या दूतावास जेद्दाह को उपलब्ध कराए गए। जिसके बाद सुभाष चंद्रा चौहान के पार्थिव शरीर को सऊदी अरब से भारत भेजे जाने की अनुमति मिली।

हालांकि इतना होने में कुल तीन महीने का समय लग गया। आज जब सुभाष चंद्रा चौहान का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा तो पूरा परिवार दुख की सागर में डूब गया। परिजनों को किसी बात की सूध तक न थी।

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